जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 19 मई 2010

सुखी जीवन के सरल उपाय

सुखी जीवन के सरल उपाय (1) 


हर व्यक्ति सुख चाहता हैं, दुःख से सभी भय खाते हैं, मनुष्य ही नहीं अन्य प्राणी भी सुख की कामना रखते हैं. खुले असमान में स्वछंद विचरण कर रहा पक्षी अपने को जितना सुखी महसूस करता हैं, उतना ही वह तब दुखी हो जाता हैं, जब वह एक पिंजरे मैं कैद हो जाता हैं, जहां तक मनुष्य कि बात हैं तो उसके सुख – दुःख के पैमाने अलग अलग हैं. लेकिन सही मायने वही मायने वही सुखी माना जायगा, जो अपने हालात से संतुष्ट हो. बहराल यंहां कुछ ऐसे आसान उपाय जो कि पिछले कई दशको से हमारे महापुरुषों ने समाज कि भलाई के लिए उपयोग किये व् उसका पूर्ण रूप से सफलता पूर्वक फल प्राप्त किया. मैं उन उपायों को आपके लिए लिख रहा हूँ.इसे करने के बाद आशा हैं कि आपको भी ईश्वर सफलता प्रदान करे,अतः मुझे अवगत अवश्य करें,ताकि मेरा उत्साहवर्धन हो और मैं अन्य जानकारी भी आपके सामने रख सकूँ. यह उपाय जीवन को और ज्यादा सुखी बनाने में सहायक हो सकते हैं.

(१)- प्रतिदिन गरम तवे पर रोटी सेकने से पहले दूध के छींटे मारे,इससे घर में बीमारी का प्रकोप कम होगा.

(२)- प्रत्येक वृहस्पतिवार को तुलसी के पोधे को थोडा सा दूध चढ़ा देने से घर में लक्ष्मी का वास होता हैं.

(३)- प्रतिदिन सवेरे पानी में नमक मिला कर पोंछा करे मानसिक शांति प्राप्त होगी.

(४)- प्रतिदिन सवेरे थोडा सा दूध और पानी मिलाकर मुख्य द्वार के दोनों और डाले, सुख शांति का अनुभव होगा.

(५)- मुख्य द्वार के परदे के नीचे ९ घुंघरू बांध देने से घर में प्रसन्नता का वातावरण बनेगा.

(६)- प्रतिदिन शाम को पीपल के पेढ़ को थोडा सा दूध-पानी मिलाकर चढा देने से व् दीपक जलाएं तथा मनोकामना के साथ पांच परिक्रमा करें, (रविवार को छोड़ दे) शीघ्र मनोकामना पूर्ण होगी.

(७)-प्रतिदिन सवेरे पहली रोटी गाय को, दूसरी रोटी कुत्ते को एवं तीसरी रोटी छत पर पक्षियों को डालें
    इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती हैं.पितृ दोष के कारण प्राप्त कष्ट समाप्त हो जाते हैं
.
(८)- किसी भी शुभ चोघडीये में पांच किलो साबुत नमक एक थैली में डाल कर अपने घर में ऐसी जगह पर रख दे, जंहा पर पानी नहीं लगे. यदि अपने आप पानी लग जाय तो इसे कम में नहीं ले, फेंक दे.तथा नया नमक ला कर रख दे. यह घर के नकरात्मक प्रभाव को कम करता हैं एवं सकरात्मक प्रभाव को बढ़ाता हैं.

6 टिप्‍पणियां:

  1. uttam vichaar, kuchh vichaaron kii vigyaaniktaa parkhne kii zaroorat.

    उत्तर देंहटाएं
  2. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

    उत्तर देंहटाएं
  4. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
    जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

    उत्तर देंहटाएं
  5. कृपया इन उपायों का वैज्ञानिक आधार या इन उपायों की जानकारी के स्त्रोत की जानकारी दें तो उत्तम होगा.

    उत्तर देंहटाएं
  6. उत्तम लेखन… आपके नये ब्लाग के साथ आपका स्वागत है। अन्य ब्लागों पर भी जाया करिए। मेरे ब्लाग "डिस्कवर लाईफ़" जिसमें हिन्दी और अंग्रेज़ी दौनों भाषाओं मे रच्नाएं पोस्ट करता हूँ… आपको आमत्रित करता हूँ। बताएँ कैसा लगा। धन्यवाद...

    उत्तर देंहटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में