जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 28 मई 2010

कष्ट दायक समस्याओं से जानें अपनें घर का वास्तु दोष





वास्तु दोष के कारण घर में रहने वालों को कोई ना कोई कष्ट सहन करना पड़ता है.जिसके कारण मानसिक परेशानी का भी सामना करते है तब समझ नहीं आता कि हमारे किस दोष के कारण यह दुःख हमें प्राप्त हो रहा है.वास्तु दोष को जानने के लिए हम अकसर वास्तु शास्त्री को आमंत्रित करते है लेकिन आज मैं आपको लक्षण देख कर ही दोष कौन सा है यह अपने आप जान कर उपाय कर सकते है.कई बार पता ही नहीं लगता कि क्या दोष है तथा क्या उपाय करें.जैसे घर में सब कुछ होते हुए भी अज्ञात भय अथवा मानसिक चिंताए इत्यादि.
लेकिन कष्ट के अनुसार आप यह घर बैठे ही जान सकते है कि यह कष्ट हमारे फलां दोष के कारण से हुआ है उसी के दोष अनुसार आप निवारण कर लाभ उठा सकते है.कौन सा कष्ट किस कोण दिशा के कारण होगा यह मैं लिख रहा हूं साथ-साथ उसका उपाय भी लिखने की कोशिश की है.ताकि जिस कष्ट से व्यक्ति पीड़ित हो उसी आधार पर उससे सम्बंधित उपाय की जानकारी प्राप्त कर वह उससे मुक्ति पा सके.

पूर्व दिशा स्वामी सूर्य के दोष के कारण अल्पायु तथा संतान का कष्ट या संतान की उन्नति में बाधाए उत्पन्न होती है.सूर्य ग्रह से सम्बंधित उपाय करें.तथा पिता की सेवा व आज्ञा का पालन करने से भी पूर्व दिशा के समस्त दोष शांत होते है.

ईशान पूर्व-उत्तर का कोण स्वामी ग्रह वृहस्पति के दोष के कारण पूजा-पाठ में मन ना लगना.बच्चों की शिक्षा में रूकावट आना, धन का आकस्मिक नुक्सान का होना,धन कंही पर फंस जाना घर में पिता-पुत्र में क्लेश की स्थिति आदि ईशान कोण के दोष से होता है.उपाय के रूप में घर के बुजुर्ग की तन,मन,धन से खूब सेवा कर उन्हें प्रसन्न रखनें की पूरी कोशिश करे. तथा कुल-देवता का पूजन तथा ब्राह्मण की सेवा करने से दोष शांत होगा 

उत्तर दिशा स्वामी बुध के दोष के कारण रात्री में  उचित समय पर नींद  का ना आना, या सारी रात बैचेन रहना  व सामान्य से अधिक खर्च होना  या बिना  मतलब के व्यय करना तथा पेट  सम्बन्धी रोग,एवं घर कि बहन ,बेटी बुआ पर कष्ट या वह परेशानी का अनुभव करें. भाई-बहन में मन मुटाव की स्थति होने से बुध ग्रह की पूजा तथा घर की कन्याओं को मां सम्मान देने से भी उत्तर दिशा के दोष समाप्त होते है.

वायव्य उत्तर-पश्चिम कोण स्वामी चंद्रमा के दोष के कारण पडोसियोंसे झगड़ाहोता है. घर की संतान का विवाह में विलम्ब आना फ़ालतू के काम करना , व्यर्थ घूमना आदि बेकार के जितने भी कार्य है सब इसी कोण के दोष के कारण होते है उपाय के रूप में भगवान शिव की उपासना करें. माता को खुश रखें व मां की आज्ञा का पालन करने से समस्त दोष समाप्त होते हैं.

पश्चिम दिशा स्वामी शनि ग्रह के दोष के कारण नौकर आज्ञा का पालन नहीं करते है घर में चोरी होने की सम्भावना प्रबल रहती है.दूकान या फैक्ट्री में नौकर सही काम नहीं करते अपितु हड़ताल आदि के योग होते है.तथा मशीन में कोई ना कोई खराबी आ जाती है. यह सब पश्चिम दिशा में दोष होने के कारण से होता है. शनि देव की पूजा करें.चाचा व ताऊ की सेवा कर उन्हें प्रसन्न करें. पश्चिम दिशा का गेट बंद या छोटा साइज़ का कर दें.


नैऋत्य कोण अर्थात दक्षिण-पश्चिम दिशा स्वामी राहू ग्रह है इस दोष के कारण घर में बीमारियाँ आती है स्वास्थय सम्बन्धी परेशानिया तंग करती है. बच्चों की आदतें खराब होने लगती है. घर के बुजुर्गों का घर में ही अपमान होने लगता है. आमदनी में कमी होने लगती है. पति-पत्नी में बिना बात के वाद-विवाद की सम्भावना रहती है तथा ससुराल से भी रिश्ते खराब होने लगते है. इस दोष को समाप्त करने के लिए राहू का जाप घर में कराये और दक्षिण-पश्चिम दिशा घर में सबसे ऊँचा रखें घर के पानी की ढाल उत्तर-पूर्व की और जाये.







दक्षिण दिशा स्वामी मंगल ग्रह है मंगल ग्रह जब अनुकूल ना हो या दक्षिण दिशा में वास्तु दोष बन रहा हों तो कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते है.अचानक संकटों का सामना करना पड़ता है. कई बार देखा गया है कि सब कुछ होते हुए भी संतुष्टि नहीं होती है. सुख में कमी आती है. परिवार में बिखराव की विकत समस्या खड़ी हो जाती है.व्यापार में सांझेदार से मनमुटाव की स्थति बनती है अपने भाई-बहनों से खिंचाव रहता है . उपाय के रूप में मंगल की शान्ति करे.घर में नित्य श्री हनुमान चालीसा के ११ ग्यारह पाठ हों व प्रत्येक मंगलवार को सिन्दूर वाले श्री हनुमान जी को प्रशाद अवश्य चड़ाये.यदि घर में कोई गंभीर रोगी हो तो शनिवार श्री हनुमान जी को चोला-सिन्दूर अनिवार्य रूप से अर्पण करने से इस दिशा के दोष से रहत मिलती है.








आग्नेय अर्थात दक्षिण-पूर्व कोण दिशा का स्वामी शुक्र ग्रह है.इसके दोष के कारण घर में क्लेश रहता है. महिलाओं के स्वभाव में तेजी आती है.बिजली आदि मनोरंजन के उपकरण जल्दी-जल्दी खराब होने लगते है.परिवार के सदस्य घर की रसोई का खाना छोड़ कर बाहर का खाना पसंद करते है.ससुराल वाले घर पर हावी हो जाते है. किरायेदार मकान खाली नहीं करता अपितु क्लेश कर मुकद्दमा आदि के द्वारा परेशान करता है.घर की कन्याए नियंत्रण से बाहर हो जाती है.इस दोष से बचने के लिए घर में गाय पाले या गाय को नियमित पहली रोटी प्रतिदिन डालें.घर की बुजुर्ग महिला व अपने परिवार की बूडी महिलाओं का समय-समय पर उचित सम्मान करें.घर के बिजली के उपकरण हमेशा अग्नि कोण में स्थापित करें. जैसे टीवी, इन्वेर्टर जरनेटर इत्यादि इलेक्ट्रॉनिक सामन अग्नि कोण में रखने से इस दिशा के दोष से मुक्ति मिलती है.
शेष अगले भाग में..........

1 टिप्पणी:

  1. आपका ब्लाँग देखा अच्छा लगा , बधाई
    नरेन्द्र शर्मा

    उत्तर देंहटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में