जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 28 मई 2010

कष्ट दायक समस्याओं से जानें अपनें घर का वास्तु दोष (शेष...)


कष्ट के अनुसार आप यह घर बैठे ही जान सकते है कि यह कष्ट हमारे फलां दोष के कारण से हुआ है उसी के दोष अनुसार आप निवारण कर लाभ उठा सकते है.कौन सा कष्ट किस कोण दिशा के कारण होगा यह मैं लिख रहा हूं साथ-साथ उसका उपाय भी लिखने की कोशिश की है.ताकि जिस कष्ट से व्यक्ति पीड़ित हो उसी आधार पर उससे सम्बंधित उपाय की जानकारी प्राप्त कर वह उससे मुक्ति पा सके.

अस्वस्थता:-

अगर घर का मुखिया अर्थात मकान मालिक बीमार रहता है कोई दवाई भ नहीं लग रही है तो इस का मतलब है कि घर का नैऋत्य दक्षिण-पश्चिम कोण का नीचा होना या वहां कोई गड्ढा होगा या उस दिशा में कोई कुआं, या पानी का स्थान बना होगा उसे तुरंत बंद कर दें. यह घातक होता है यदि इसी कोण में रसोई का स्थान बना है तो रसोई कहीं और ले जाए.




आय से अधिक व्यय होना:-

उत्तर दिशा यदि स्वच्छ ना हो तथा घर की छत पर कबाड़ आदि घर का टूटा-फूटा सामान रखा हो तो खर्च आमदनी से अधिक होगा.और उत्तर की दीवार दक्षिण की दीवार से उंच्ची हो तो उस घर में लक्ष्मी प्रायः अस्थिर रहती है. उपाय के लिए श्री यंत्र कि स्थापना व नित्य श्री यंत्र का पूजन करे इससे बिना वजह का खर्च रुक जायगा.

गृह क्लेश:-

गृह क्लेश का सम्बन्ध वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के अग्नि कोण से होता है जिसका स्वामी शुक्र ग्रह है.अग्नि कोण के दोषपूर्ण होने से घर-परिवार में बेवजह झगड़ा मानसिक क्लेश व महिलाओं का व्यवहार कटुतापूर्ण होने लगता है.इस दोष कि वजह इस कोण में पानी का भण्डार रखा होना या यह दक्षिण-पूर्व कोण नैऋत्य से अधिक नीचा हो तो उपरोक्त समस्याओं का घर के मालिक को सामना करना पड़ता है. अगर पानी का स्थान और अग्नि का स्थान साथ-साथ हो तो अलग-अलग बना लें. शुक्र ग्रह कि उपासना या यंत्र स्थापित करें.

                                                
 घर में चोरी का होना :-


यदि दक्षिण-पश्चिम का स्थान उत्तर दिशा की अपेक्षा ज्यादा खुला हुआ है या नीचा है तो घर में किसी प्रकार से चोरी कि घटनाएं होने लगेंगी. वास्तु शास्त्र कहता है कि घर कि संतान भी चोरी में सम्मिलित होने लगती है उपाय के लिए इस कोण से रास्ता बंद कर दें.और दक्षिण-पश्चिम दिशा में राहू यंत्र की स्थापना करने से घर से चोरी होनी रुक जाती है.

संतान का ना होना:-

वास्तु शास्त्र एवं ज्योतिष के अनुसार संतान का मुख्य देवता सूर्य है जो कि पूर्व दिशा का स्वामी है अगर घर के पूर्व दिशा में दोष उत्पन्न हो रहा है तो उस घर की वंश वृद्धि रुक जायगी. किसी भी प्रकार का दोष सन्तान उत्पन्न होने में बाधा डालता है.इसलिए पूर्व की दिशा को साफ़ सुथरा रखे. एवं पूर्व दिशा घर की सभी दिशाओं से खुली व नीची होनी चाहिए. तथा पूर्वी दीवार दक्षिण-पश्चिम से बहुत नीची हो तो बहुत लाभ प्राप्त होता है. सन्तान के लियर शास्त्रानुसार पूर्व दिशा में श्री गोपाल यंत्र की विधिवत पूजा व स्थापना करने से दोष समाप्त हो कर घर की वंश वृद्धि का मार्ग खुल जाता है.
शुभम-अस्तु !!


10 टिप्‍पणियां:

  1. hi
    your vashtu sastra is completly accurate and believable but there is nothing concept about the land/place that is not fit for building.

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  2. धन्यवाद....छोटू जी ..भूमि और स्थान के विषय में शीघ्र ही जानकारी दूंगा....

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  3. Date of birth 7.4.1979 hai tob 5.20 pm hai.pob amritsar hai... sapne msi agargym apraap ko laddu khste hue dekhe moti cjur ka . To iska kya fal ho iksakta hai.. mai abhi job ke lie try kr rahi hu kya mujhe jaldi . Or kya mai foreign jake settel ho saktib hu.or agar ha toh kripya bataye mmai i am v tk ja sakti hu.i am veery upset. Jeene ki isha b khatam ho gai hai. Meri dusri shadi kecyog kb tak hai

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    1. अभी समस्याएं कम नही होंगी और मानसिक परेशानी भी बड सकती है 6 माह बाद शुभ फल मिलने शुरू होंगे

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  4. Kya pitro ke photo ke aage agarbati nehi lagani chahiye -ramesh sachdev

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  5. jai mata dii pandit g, i m poonam my date of birth is 14/7/1982 11:45pm amritsar
    i had a lovely daughter.she is 4yrs old. now we r again thinking for family planning. kya mere horoscope ke according ab puttar yog hai.my husband name is madhav 12/10/1979 7;55am batala. koi uppaye bataye aur kab tak yog banega please bataye?

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    1. आप दोनों की जन्म कुंडली अनुसार तीन संतान का योग है एक संतान अबो्र्ट भी हो सकती है और पुत्र का योग है इसके लिए फरवरी २०१४ के बाद योग बन रहा है

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  6. jai mata dii my name is poonam my date of birth is 14/7/1982 11:45pm amritsar
    my husband name is madhav his dob is 12/10/1979 7:55am batala now we living in mohali. hamari ek payari sii beti hai wo 4yrs kii hai. aage bataye kii ab hamare horoscope ke according bete ka yog banta hai aur kab tak aur koi upaye bataye please

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    1. आप दोनों की जन्म कुंडली अनुसार तीन संतान का योग है एक संतान अबो्र्ट भी हो सकती है और पुत्र का योग है इसके लिए फरवरी २०१४ के बाद योग बन रहा है

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