जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 17 जून 2010

ज्योतिष में श्री राम शलाका प्रश्नावली का महत्त्व


श्री राम शलाका प्रश्नावली में २२५ खाने है इनका मूलांक २+२+५=९ आता है जो कि अंक शास्त्र में सबसे बड़ी संख्या है अब यदि २२५ को नौ से भाग दिया जाय तो २५ कि संख्या हमे प्राप्त होती है जिसका मूलांक २+५=७ आता है जो कि ७ ग्रहों का ही रूप है गोस्वामी जी ने नौ चौपाई का प्रयोग इस श्री राम शलाका प्रश्नावली में किया है एक एक चौपाई अलग अलग ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है
गोस्वामी तुलसीदास जी का ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान है श्री राम चरित मानस एक धार्मिक आस्था का प्रतीक तथा पूज्यनीय ग्रन्थ होने के साथ साथ ज्योतिषीय शास्त्र के रूप में भी अपनी प्रतिष्ठा रखता है परम पूज्य गोस्वामी जी का ज्योतिष के अंतर्गत गणित व फलित दोनों में महत्वपूर्ण स्थान है


 गोस्वामी जी एक पूर्ण ज्योतिषी का ज्ञान रखते थे यह हमें श्री राम चरित मानस में स्पष्ट दिखाई देता है श्री राम चरित मानस को यदि हम ज्योतिष का मानस शास्त्र कहें तो भी ठीक है गोस्वामी जी ने मानव जाति के जीवन के सभी प्रश्नों के उत्तर रामायण में स्पष्ट दिए है
आज में श्री राम चरित मानस अंतर्गत श्री राम शलाका प्रश्नावली के विषय में बताने जा रहा हूं जिसमें कि गोस्वामी जी ने गणित और फलित दोनों को ही उपयोग कर प्रश्नों के उत्तर चौपाइयो द्वारा दिए है अंक ज्योतिष के अनुसार सूर्य आदि नवग्रहों को एक से लेकर नौ अंको के बीच माना गया है श्री राम शलाका प्रश्नावली में नव चौपाइयों को लेकर ही प्रत्येक प्रश्न का समाधान कर फलित ज्योतिष को सार्थक किया है
इन नौ चौपाइयों में से तीन चौपाइयों के अंतर्गत कार्य में संदेह दिखाया गया है जो कि शनि, राहू, और केतु का फल बताती है श्री राम शलाका प्रश्नावली में तीन चौपाइयों में कार्य सिद्ध होना बताया है जो कि चन्द्र, वृहस्पति और शुक्र का फल हमारे सामने रखा है तथा श्री राम शलाका प्रश्नावली में तीन चौपाइयों में अनिश्चय की स्थिति रख कर सूर्य, मंगल और बुध के गुणों को हमारे सामने रखा है
श्री राम शलाका प्रश्नावली में गोस्वामी जी ने तीन तीन चौपाई द्वारा फल को बाँट कर अपने आत्म ज्ञान से सज राज और तम का सन्देश दिया है श्री राम शलाका प्रश्नावली की रचना कर गोस्वामी जी के भविष्यवक्ता के ज्ञान का परिचय कराती है
आवश्यकता है तो आस्था और विश्वास की ............
श्री राम चरित मानस रुपी इस शास्त्र को बड़ी श्रद्धा के साथ पीले रंग के वस्त्र में लपेट कर घर में उचित स्थान दे नित्य प्रति पूजन करें तो यह आपके जीवन के सभी प्रश्नों का समाधान करने में सक्षम है 


  

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