जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 18 जून 2010

ताश से खेलों मत ? भविष्य जानों

भाग-2





एक वर्ष का ही फल क्यों जाने..........
ताश के कुल पत्तों की संख्या है ५२ (बावन)- वर्ष में सप्ताह भी ५२ होते है
ताश के पत्तों के चिन्ह ४ चार (पान,चिड़ी,ईंट,हुक्म) है – वर्ष में ऋतु भी चार मुख्य (बसंत,ग्रीष्म,वर्षा,शरद) होती है.

ताश के चिन्हों के अलग अलग १३ तेरह पत्ते एक पक्ष का प्रतीक है इसे तिथिओं के रूप में मान्यता है कैसे आइये गिनती कर जोड़ते है १+२+३+४+५+६+७+८+९+१०+११(गुलाम)+१२(बेगम)+१३(बादशाह)=९१ हुए चार चिन्हों के अलग अलग जोड़ें तो ९१*४ =३६४ आया जो कि एक वर्ष के दिनों की कुल संख्या के बराबर है.अर्थात एक वर्ष में कुल ३६४ दिन होते है इन ३६४ दिनों में आपका क्या भविष्य ताश के पत्ते वो रहस्य खोलने में सक्षम है
अर्थात ताश के पत्ते ५२ हफ्ते चारों ऋतुओं तथा ३६४ दिन का हिसाब किताब आपके सामने रखने को तैयार है.



ताश का प्रत्येक पत्ता ७ दिन का प्रतिनिधित्व करता है .७ दिन का एक सप्ताह और ५२ सप्ताह = ५२ गुणा ७ = ३६४ अर्थात एक वर्ष होता है.



वर्ष की प्रत्येक तारीख ताश के एक एक पत्ते पर आधारित है अपने जन्म दिन के अनुसार आप निम्न चार्ट से अपना जन्म दिन का ताश का कार्ड जान सकते है.

जैसे किसी की जन्म तारीख २७ जून के तो उसका जन्म कार्ड निम्न चार्ट के अनुसार चिडिया की ३ नंबर हुई इस प्रकार अपनी जन्म तारीख का कार्ड जान कर उसे याद कर ले क्योंकि यह भविष्य दर्शन में प्रयोग आने वाली है...



    क्रमशः..............................

                                                                         

अगलेभाग की प्रतीक्षा करे.......

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