जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 17 जून 2010

ताश से खेलों मत ? भविष्य जानों

भाग-१




मनुष्य के जीवन में क्या क्या घटित हो रहा है या क्या क्या घटित होगा अच्छा होगा या बुरा होगा मेरी समस्या का समाधान होगा या नहीं ऐसे अनेक प्रश्न जीवन के प्रत्येक पल में सामने होते है सभी को ज्ञान है कि जो भी होगा ईश्वर की इच्छा अनुसार होगा फिर भी तीव्र जिज्ञासा भविष्य को जानने की होती है भविष्य को जानने की अनेको विधियां हमारे समक्ष है किसी का विश्वास कहीं पर है तो किसी का विश्वास किसी दूसरी विद्या पर है भविष्य जानने की इच्छा सभी में प्रबल होती है उन्ही विद्याओ में ताश का भी महत्वपूर्ण स्थान है जिसे हम अपना टाइम पास करने के लिए प्रयोग करते है कुछ जादू के प्रयोग से भी मनोरंजन करते है.


युगों पहले चीन में ताश का पादुर्भाव एक खेल खेल में ताश की रचना की गयी समय बीतता गया ताश के पत्तों में कई सुधार हुए तथा कई बार इसे बदला गया अलग अलग देशों ने इसका रूप अपनी संस्कृति के अनुसार बदला.जैसा कि मेने पहले बताया कि मनुष्य में अपना भविष्य जानने की तीव्र इच्छा होती है तो उसी तीव्र इच्छा का परिणाम हुआ कि कैसे हम ताश के पत्तों द्वारा भविष्य ज्ञात करे. मेरी भी जिज्ञासा थी और मेने इसका प्रयोग भी किया तो देखा कि परिणाम भी मुझे अच्छे प्राप्त हुए. हाँ एक बात बता दूँ कि इस पद्धति से आप आने वाले एक वर्ष का फल सटीक जान सकते है.प्रत्येक पद्धति का अपना एक सिद्धान्त होता है या थ्योरी होती है कि आखिर क्यों और कैसे यह पद्धति हमे भविष्य बताने में सक्षम है.सबसे पहले इस्ता सिद्धान्त जानने की कोशिश करते है.

एक वर्ष का ही फल क्यों जाने..........

ताश के कुल पत्तों की संख्या है ५२ (बावन)- वर्ष में सप्ताह भी ५२ होते है.

ताश के पत्तों के चिन्ह ४ चार (पान,चिड़ी,ईंट,हुक्म) है – वर्ष में ऋतु भी चार मुख्य (बसंत,ग्रीष्म,वर्षा,शरद) होती है.

ताश के चिन्हों के अलग अलग १३ तेरह पत्ते एक पक्ष का प्रतीक है इसे तिथिओं के रूप में मान्यता है कैसे आइये गिनती कर जोड़ते है १+२+३+४+५+६+७+८+९+१०+११(गुलाम)+१२(बेगम)+१३(बादशाह)=९१ हुए चार चिन्हों के अलग अलग जोड़ें तो ९१*४ =३६४ आया जो कि एक वर्ष के दिनों की कुल संख्या के बराबर है.
अर्थात एक वर्ष में कुल ३६४ दिन होते है इन ३६४ दिनों में आपका क्या भविष्य ताश के पत्ते वो रहस्य खोलने में सक्षम है
अर्थात ताश के पत्ते ५२ हफ्ते चारों ऋतुओं तथा ३६४ दिन का हिसाब किताब आपके सामने रखने को तैयार है.

पहलें सिद्धान्त फिर विधि तत्पश्चात फल आपके सामने होगा.

क्रमशः......

                                             अगले भाग की प्रतीक्षा करे.......






कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में