जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

चमकीला फर्श कितना हानिकारक....

सबकी इच्छा होती है कि घर का फर्श संगमरमर या ग्रेनाईट का हो अर्थात चमकीला हो और उस इच्छा को पूरा भी करते है घर/भवन या ऑफिस में हम विभिन्न प्रकार के टाइल्स,पत्थर तथा ग्रेनाईट आदि का प्रयोग कर उसे चमकीला बनाने का भरपूर प्रयास करते है.नए मकान / भवन का निर्माण करना सब बहुत खुशी के साथ पूरा करते है.जैसा कि विदित है फर्श को ज्योतिष तथा वास्तु शास्त्र में भाग्य के रूप में जाना जाता है फर्श हमारे भाग्य का प्रतीक भी है.हमारे घर,दूकान,व्यापारिक स्थलों पर दर्पण लगे रहते है उनके अपने अलग अलग प्रभाव होते है पिछले लेख में मैने उन पर चर्चा भी की थी क्या आप जानते है कि चमकीले फर्श संगमरमर या ग्रेनाईट वाले फर्श भी दर्पण के समान प्रभाव अपना अलग अलग प्रभाव दिखाते है उनके प्रतिविम्ब उस क्षैत्र को बड़ा कर देते है.वह उस स्थान को गरमा देते है.जिसका कि अच्छा या बुरा फल हमे प्राप्त होने लगता है.

घर के यदि दक्षिण-पश्चिम भाग में फर्श यदि इस प्रकार के चमकीले है तो यह सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है क्योंकि यह गहराई बनाता है जो कि अंडरग्राउंड की स्थिति होती है यह नुकसान दायक है. यहां पर तुरंत दरी या चटाई आदि बिछा के इसे ढक दे इससे धरती का कोप शांत हो जायगा.नहीं तो आर्थिक घाटा, साझेदार से मनमुटाव,घर की स्त्रियों को नुकसान और रक्तचाप व ह्रदय के रोग पीछा नहीं छोड़ेंगे.

दक्षिण-पूर्व के क्षैत्र में यदि फर्श चमकीला है तब फर्श की गहराई कि दिखाता है और कार दुर्घटना, आग लगना, कर्ज चड़ना, करंट लगना बीमारी आदि कुछ भी होने की संभावना होती है.इसलिए यहाँ पर चमकीला फर्श ना बनवाएं यदि है तो उसे भी ढक कर रख दे.

उत्तर-पूर्व कि कोण अर्थात ईशान कोण में चमकीला फर्श अत्यंत लाभ दायक होता है घर / भवन के यदि ईशान कोण में चमकीला फर्श है तो यह फर्श भाग्य खोलने में सहायक होता है विभिन्न प्रकार की बाधाओं को समाप्त करता है. घर की सन्तान हेतु भी यह शुभ फल प्रदान करता है.इस भाग का चमकीला फर्श पृथ्वी को भी प्रसन्न करता है.जिसके कारण भारी लाभ की संभावना बडती है इसलिए ईशान भाग में हमेशा चमकीला फर्श और दर्पण का प्रयोग हितकर होता है.

उत्तर-पश्चिम दिशा में चमकीला फर्श मित्र को भी शत्रु बनाता है कोर्ट कचहरी के चक्कर लगवाता है तलाक की संभावना होती है.इस दिशा को भी चमकीला ना बनवाएं. यदि है तो उसे भी ढक कर रख दे. इसे ढक कर आपदाओं से बचा जा सकता है.

पश्चिम हिस्से के फर्श पर चमकीला फर्श घर के बेटो को नुकसान देगा उनकी उन्नति में यहाँ का फर्श बाधा कारक होता है.

मध्य भाग अर्थात ब्रह्म स्थान का चमकीला फर्श दिवालिया बनाता है क्योंकि घर के बीच कुआं आदि नही होने चाहिए यह फर्श घर में कुएं की गहराई को दिखाता है. जो कर्ज का द्वार खोलता है.

पूर्व दिशा और उत्तर दिशा की तरफ लगे हुए चमकीले फर्श इस भाग को गरम करते है जिसके कारण आपके लाभ होगा धन का आगमन तीव्र गति से होता है तथा घर / भवन में शान्ति की स्थापना होती है बरकत भी बडती है.घर के सभी सदस्य संपन्न होने लगते है.

उत्तर पूर्व दिशा में फर्श से छत तक का दर्पण कई गुणा लाभ देता है यदि संभव हो तो इसे लगा कर लाभ उठाये.



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