जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

रविवार, 11 जुलाई 2010

क्या घर में गंगाजल है....

गंगाजल की महिमा का गुणगान किसी से छिपा नहीं है. हिंदू धर्म ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी धर्मो में माता गंगा का महत्वपूर्ण स्थान है क्यों न हो चमत्कार को नमस्कार है. गंगा की महिमा युगों युगों से चली आ रही है. आज भी हरिद्वार के गंगाजल को लेने के लिए देश दुनिया से श्रद्धालु पहुँचते है.सर्वमान्य तथ्य है कि युगों पहले भागीरथ जी गंगा की धारा को पृथ्वी पर लाये थे भागीरथ जी गंगा की धरा को हिमालय के जिस मार्ग से लेकर मैदान में आए वह मार्ग जीवनदायनी दिव्य औषधियों व वनस्पतियों से भरा हुआ है.इया कारण भी गंगा जल को अमृततुल्य माना जाता है. धर्म नगरी हरिद्वार में गंगा का अपने विशेष आध्यात्मिक महात्म्य है हरिद्वार,प्रयाग,अवन्तिका तथा नासिक इन चार स्थानों पर महाकुम्भ की परंपरा भी सदिओं पुरानी है. आज भी इन चार स्थानों में महाकुम्भ का विराट स्वरूप दिखाई देता है. पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है नारदीय पुराण में तीर्थयात्रा की विधि का उल्लेख करते हुए प्रयाग,कुरुक्षेत्र तथा हरिद्वार तीर्थ का विशेष महत्व बताया गया है.


वहीं आइन-ए-अकबरी के अनुसार अकबर अपने दैनिक जीवन में गंगाजल का प्रयोग करता था हरिद्वार से प्रतिदिन सीलबंद घडों में गंगा जल ऊँटो से दिल्ली-आगरा भी ले जाया जाता था. आज भी हरिद्वार आदि गंगा के क्षेत्रो में अस्थि विसर्जन करने की परंपरा है यह सब ऐतहासिक तथ्य गंगाजल के आध्यात्मिक महात्म्य को प्रमाणित करते है.


 आइये जरा गंगा जल के महत्व को अपने जीवन में भी उतारे.


यदि कर्ज नहीं उतर रहा, व्यवसाय चलते चलते अचानक रुक गया है घर से बिमारी पीछा नहीं छोड़ रही है या मन हमेशा आशंकित रहता है, घर में या ऑफिस में बिना किसी कारण के तनाव की स्थिति रहती है.घर की बरकत बिलकुल खत्म हो रही हो तो गंगा जल को प्राथमिकता दे अपने समस्त समस्याओं का समाधान करे.
किसी भी सोमवार या वृहस्पतिवार को गंगाजल किसी पीतल या चांदी के बर्तन में पूरा मुंह तक भर कर ढक्कन अच्छी तरह से बंद कर के घर उत्तर-पूर्व अर्थात ईशान कोण में कमरे के भी ईशान कोण में रख दे. एक या दो महीने में आप देखेंगे कि गंगा जल का स्तर कम हो रहा है अर्थार घट रहा है तो उसी समय इसे फिर से भर दे. ध्यान रखे कि इस गंगाजल का किसी अन्य कार्य में प्रयोग ना करें. जब तक गंगा जल घर या भवन में रखा रहेगा तब तक घर में सुख सम्पदा का वास रहेगा इस कारण से प्रत्येक घर में गंगाजल का इस प्रकार का पात्र बहुत उपयोगी होता है.

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