जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

रविवार, 18 जुलाई 2010

फूलों से जीवन सँवारे..

रंग बिरंगे मुस्कराते मासूम फूल किसी को भी सहज ही अपनी ओर आकृष्ट कर लेते है, फूल अपने आसपास के वातावरण को खुशनुमा बना देते है तथा हवा को महका देते है.प्रकृति के इस सुंदर उपहार को देख कर हर कोई प्रसन्न हो जाता है.यंहा तक कि मुरझाए चेहरे भी खिल जाते है.ताजे फूल हर किसी को खिलखिलाने, दूसरों के जीवन को महकाने और अपने जीवन का सौन्दर्य बिखेरने की प्रेरणा देते है.फूलों का मानव मस्तिष्क पर अत्यंत मनोहारी प्रभाव पड़ता है.पचास हजार वर्षों से भी अधिकसमय से लोग फूलों के जरिये अपनी अतरंग भावनाओं को प्रदर्शित करते रहे है. लोग इसके जरिये प्रेम,विश्वास,आदर-सम्मान और अपनी गर्मजोशी व्यक्त करते रहे है.

फूल किसी अपने को याद करने का एक सुंदर बहाना भी है.वैज्ञानिको का अनुमान है कि पृथ्वी पर फूलों की २५ लाख प्रजातिया है. चाहे कोई भी दशा हो फूल जीवन में उत्साह और प्रेरणा का संचार करते है.घरों में इसका होना खुशहाली, मानसिक समृद्धि और संतुष्टि का प्रतीक है.ताजे फूलों की मीठी और भीनी भीनी खुशबू न सिर्फ घर के सौन्दर्य को निखार देती है, बल्कि आसपास के वातावरण में भी रंग भर देती है.वास्तु शास्त्र में फूलों के उपर्युक्त प्रभावों के साथ साथ अन्य प्रभावों का भी वर्णन मिलता है जो कि इस प्रकार से है...
जास्मीन (चमेली) आध्यात्मिकता की भावनाओं को पुष्ट करती है.इसका घर में होना शुभ है.
पीले रंग वाले गेंदे के फूल को घर के चारों ओर लगाना चाहिए यह प्रसन्नता और ताजगी का अहसास कराता है.ताजे गेंदे के फूल आपके अंदर क्रियात्मक शक्ति औए उर्जा भर देते है.
हालांकि सुर्ख गुलाब काफी लोकप्रिय है पर इसे घर में बाहर की तरफ ही लगाना चाहिए केवल फूल ही घर के अन्दर रखने चाहिए इससे आपस में प्रेम की वृद्धि होती है.
घर में फूलों की संख्या या पौधे अधिक होने से शत्रु भी मित्रता का व्यवहार करने लगते है.
फूलों के गमले घर की उत्तर-पूर्व में कम संख्या में रखे उत्तर-पश्चिम में या दक्षिण-पश्चिम में ज्यादा लाभ होता है.
घर में सूखे या मुरझाए फूल कभी भी ना रखे यह निराशा उत्पन्न कर सकते है.
घर या ऑफिस या दूकान में बने अपने इष्ट देव के चित्र के आगे प्रतिदिन ताजे सफ़ेद औए पीले फूल अर्पण करते रहने से अधिक लाभ होता है तथा ग्राहक की संख्या बडती है
वास्तु शास्त्र अनुसार फूल हर किसी से प्यार करते है और कैसा भी समय हो हमेशा मुस्कराते रहते है..........  



2 टिप्‍पणियां:

  1. पंडित जी मेरी शादी २९ जून २०१२ को हुइए है मेरा नाम मुकेश यादव और मेरी पत्नी का नाम कविता यादव है क्या आप हमें बता सकते है मई बाप कब तक बन पाउँगा

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्मकुंडली के अनुसार योगचल रहा है शीघ्र ही कामना पूर्ण होगी

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में