जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

सोमवार, 2 अगस्त 2010

उचित रत्न ही सफलता दिलाते है..

हमारे समाज में युगों युगों से रत्न का प्रचलन रहा है. कुछ शौकिया तौर पर रत्न धारण करते है कुछ देखा देखी पहनते है. किसी ना किसी रूप में सारा विश्व रत्नों का दीवाना है. कोई जाति या कोई धर्म हो रत्नों का भेदभाव किसी में नहीं होता है. सब एक मत से रत्नों की शक्ति को युगों युगों से स्वीकार करते आए है. एक और आश्चर्यजनक बात है कि विश्व का कोई भी धर्म रत्नों का विरोधी नहीं है. कम से कम मैने तो नहीं सुना. आज बात करते है रत्न धारण करने की विधि की कि किस व्यवसाय वाले को कौन सा रत्न फायदा देगा या अनुकूल होगा. जिस व्यक्ति की जन्मकुंडली हो या जन्मतिथि हो तो वह तो उसके अनुसार किसी विद्वान की सलाह अनुसार रत्न धारण कर सकते है. लेकिन किसी की जन्मतिथि ना हो या उसमे असमंजसता हो तो वह रत्न का कैसे लाभ उठा सकता है यह प्रश्न विचारणीय है.
रत्न धारण करने का मुहूर्त व दिन अपने विद्वान सलाहकार से निश्चित करे. फिर भी मै निवेदन करता हूं कि माणिक्य रत्न सूर्य का है रविवार उत्तम है या सूर्य ग्रह का नक्षत्र भी विचारणीय होता है. मोती रत्न चन्द्रमा का है. मूंगा रत्न मंगल का है. पन्ना रत्न बुध का है. पुखराज रत्न वृहस्पति का है. हीरा रत्न शुक्र का है. नीलम रत्न शनि देव का है गोमेद रत्न राहू का है और लहसुनियां रत्न केतु से सम्बंधित है. सब ग्रह अपने अपने वार का प्रतिनिधित्व करते है.

एक बात अवश्य ध्यान रखे कि रत्न धारण करने से पूर्व पन्द्रह दिन शुक्ल-पक्ष में उसे उसी ग्रह के रंग के कपड़ें में सिलाई कर सीधे हाथ की बाजू में बाँध कर परीक्षा करें. यदि इन पन्द्रह दिनों में कोई अप्रत्याशित घटना या कोई दु:स्वप्न आदि कठिनाई महसूस हो तो तुरंत रत्न उतार दे अन्यथा फिर से शुक्ल-पक्ष आने पर विधिवत धारण करने से लाभ की प्राप्ति होगी. एक और सुरक्षित तरीका है कि सम्बंधित रत्न के उपरत्न उंगली में धारण किये जाये तो छह माह तक पूरा परिणाम सामने आता है इसमें अहित नहीं होता है.
आप सरकारी कर्मचारी है या राजनेता है या किसी भी प्राइवेट कंपनी में अच्छी पद पर है.फारेस्ट विभाग में या दवाई व्यापार में है या सुनार या पैतृक व्यवसाय करते है.या ठेकेदार है या हृदय रोग के डाक्टर है आप सबके लिए माणिक्य रत्न अनुकूल रहेगा. रत्न के साथ साथ सूर्य देव को अर्घ्य भी अनिवार्य है.इसे सोने की अंगूठी में बनवाकर दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में रविवार के दिन धारण कर लाभ उठा सकते है.

आपका चांदी का बिजनेस है या आप मनोचिकित्सक है या आप पानी के उद्योग में है या ट्रेवल उद्योग में है या उसमे आप सर्विस करते है प्लास्टिक और यार्न का व्यापार है. फ़ूड प्रोडक्ट्स तथा खेती बाड़ी से आप जुड़ें है नर्सिंगहोम है या स्त्री रोग विशेषज्ञ है चावल, धान के व्यापारी है. घूमने फिरने का काम करते है तो आप सभी को चांदी की अंगूठी में मोती जड़वाकर सोमवार के दिन दांये हाथ की कनिष्ठा उंगली में पहनने से लाभ होगा.

आप मेटलर्जिकल इंजीनियर है प्रापर्टीज का काम करते है बिजली का काम करते है या हजाम, वकील है या होटल में खाना बनाते है या ब्लड बैंक में काम करते है. या सर्जन है या अस्त्र शास्त्र बनाने का कार्य करते है.तो आप सबको मूंगा रत्न शुभकारी है.सोने या ताम्बे की अंगूठी में मूंगा जड़वाकर दांये हाथ की अनामिका उंगली में मंगलवार के दिन धारण कर लाभ उठा सकते है.

आप बीमा कम्पनी में काम करते है या एकाउंट का कार्य करते है. दलाली का काम करते है या लिखने का काम करते है. प्रकाशक है. या अध्यापक है. या इंजीनियर है या कोरियर का काम करते है बैंक कर्मचारी  है या आड़ती है या नगर महापालिका में सर्विस करते है तो आप सब के लिए पन्ना रत्न मंगलकारी सिद्ध होगा. इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर दांये हाथ की कनिष्का उंगली में बुधवार को धारण करने से आशातीत लाभ प्राप्त होगा.

आप बैंक, शिक्षा से जुड़ें है या जज, ज्योतिषी, धर्म शिक्षक,प्रकाशक, मैनेजमेंट का काम करने वाले या कंसल्टेंट् है. तो आप सबके लिए पुखराज उचित रत्न है.इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर दांये हाथ की तर्जनी उंगली में वृहस्पतिवार के दिन पहने. साथ ही अपने पिता व गुरु की सेवा भी करे तो ज्यादा लाभ मिलेगा.

आप इलेक्ट्रॉनिकस का काम करते है फिल्म, टी०वी०, नाटक आदि से जुड़ें है. संगीत कला से सम्बन्ध रखते है कम्पूटर का काम करते है.ज्वैलर्स, या फोटोग्राफर है. पांच सितारा होटल और सर्विस उद्योग में कार्यरत है विज्ञापन एजेन्सीज, ब्यूटी पार्लर, माडलिंग, फेशन व्यापार, फूलों के व्यापार में कार्यरत है या आर्किटेक्ट, इत्र एवं सुगन्धित द्रव्य, विलासिता वाले उपकरण से सम्बन्ध रखते है तो आपको हीरा धारण करना चाहिए. इसे सफ़ेद गोल्ड या प्लेटिनम में जड़वाकर सबसे छोटी या मध्यमा उंगली में शुक्रवार को धारण करे.

आप रबर उद्योग में है.डेंटिस्ट है या सफाई से सम्बंधित कार्य करते है.कृषि कार्य करते है. पेट्रोलियम पदार्थो से जुड़ें व्यापार करते है. खनिज इंजीनियर है. प्लेसमेंट कंपनी में कार्य करते है.लेबर के ठेकेदार है. धातु, खाद्य तेल का काम करते है तो आप सबको नीलम धारण करना चाहिए इसे दांये हाथ की मध्यमा उंगली में पंच धातु में जड़वाकर शनिवार धारण करे.

राहू और केतु के क्रमशः रत्न गोमेद व लहसुनिया रत्न उनकी गोचर की स्थिति के अनुसार धारण करे कि वह किस ग्रह की राशि में है या नक्षत्र में है.

इस प्रकार विधिवत रत्न धारण कर हम जीवन में लाभ उठा सकते है.............

  

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपके ब्‍लॉग से रत्‍नों का चित्र लेकर अपने ब्‍लॉग पर लगाया है और आपकी पोस्‍ट से इतर चर्चा की है। आपके चित्रों के लिए आभारी हूं। पर यह अच्‍छा नहीं लगा कि इस पोस्‍ट पर एक टिप्‍पणी भी नहीं है। जानना सब चाहते हैं पर मानना नहीं चाहते।

    रत्‍न, यत्‍न और प्रयत्‍न : हिन्‍दी ब्‍लॉगर के जीवन में कभी कमी नहीं होगी

    उत्तर देंहटाएं

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