जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 20 अगस्त 2010

फेंगशुई टिप्स की जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका..

जीवन भर हर व्यक्ति चाहे वह छोटा हो या बड़ा, बच्चा, जवान या फिर बूड़ा हो, अमीर हो या गरीब हो, जीवन से मृत्यु तक खुशी और गमी के कई दोरों में से होकर गुजरता है. कभी यह हालात के कारण होता है. कभी वातावरण या आदत के कारण होता है पर एक बात तय है कि खुशी और खुशहाली हर कोई चाहता है पर कई बार अज्ञानता के कारण उचित उपाय नहीं कर पाता. मजे की बात यह है कई बार मामूली सा परिवर्तन या सरल सा उपाय आश्चर्यजनक परिणाम दिखाते है. फेंगशुई के छोटे छोटे उपायों से ची प्राण ऊर्जा का प्रवाह बड़ाया जा सकता है. वह उपाय आपके सामने है..

पारिवारिक चित्र:- परिवार के सदस्यों का एक साथ खींचा गया चित्र बहुत महत्वपूर्ण है. परिवार के सभी सदस्य प्रसन्नचित्त मुद्रा में त्रिकोण आकार में बैठ कर या खड़े हो कर चित्र खिंचवाएं और उसे ड्राइंगरूम में सम्मानजनक स्थान ईशान कोण में लगाए तो परिवार के लोगों में आपस में मेल जोल बडता है. परिवार का मुखिया त्रिकोण के ऊपरी भाग में हो. कभी भी एक सीधी लाइन में बैठे हुए चित्र ना खिचवाये.

डबलबैड और गददा:- दाम्पत्य संबंधो में समरसता और मधुरता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है कि डबल बैड पर पूरे आकार का एक बड़ा गददा बिछाए. तभी वह सही मायने में डबलबैड बनेगा. कई लोग डबल बैड पर अलग अलग गददे बिछाकर ऊपर एक डबल चादर डाल देते है. परन्तु यह ठीक नहीं है.इससे पति पत्नी के संबंधो में दरार आ सकती है. युगल तनावग्रस्त रह सकता है. अलग अलग गददे अन्तरंग दरार का काम करते है.

ड्राइंगरूम का फर्नीचर:- ड्राइंगरूम मिलने जुलने आने वाले व्यक्तियों के लिए स्वागत कक्ष होता है. इसी से घर के मुखिया की सम्पन्नता और रूचि का पता चलता है. इसे सदा साफ़ सुथरा व व्यवस्थित रखना चाहिए. इस कमरे के फर्नीचर को यानि सोफे को ठोस दीवार के साथ टिका कर रखना चाहिए कोशिश करे कि इसके पीछे दरवाजा या खिडकी ना हो. यदि खिडकी या दरवाजे सोफे के पीछे है तो एक आईना इस प्रकार लगाए कि सोफे पर बैठे व्यक्ति को द्वार न दिखे. घर के मुखिया को खिडकी की तरफ पीठ करके किसी भी हालात में नहीं बैठना चाहिए.

टेलीविजन:- मनोरंजन व ज्ञान के लिए आम आदमी आजकल टेलीविजन से बहुत अधिक जुड़ा हुआ है परन्तु अधिकतर लोग यह भी मानते है कि घर में टेलिविज़न ने व्यक्ति को व्यक्ति से अलग कर दिया है. दुकानों व व्यापारिक संस्थाओं में यदि टेलीविजन है तो लोग मैच या सीरियल आने पर काम धंधे की ओर ध्यान नहीं देते. लेकिन यदि टेलिविज़न को दक्षिण-पश्चिम में रखा जाये तो अच्छे सम्बन्ध बड़ते है. दक्षिण-पूर्व में रखने से धन और सम्पन्नता बडती है. दक्षिण में रखने से सामाजिक व व्यापारिक स्तर बडता है. उत्तर-पूर्व में टेलीविजन ना रखे तो ठीक रहेगा.

पड़ने की मेज:- अक्सर बच्चे कभी मेज पर, कभी बिस्तर पर, कभी जमीन पर या कंही भी बैठ कर पड़ लेते है.अच्छा यह होता है कि वे अपने अध्ययन का एक कमरा या स्थान निश्चित कर ले औए अपनी पुस्तकें व अन्य सामग्री वंही रखे उनका कमरा यदि उत्तर, ईशान पश्चिम, या उत्तर-पश्चिम कोण में हो तो बहुत शुभ होता है. व बल बुद्धि और शौर्य बडता है पड़ने की मेज इस प्रकार लगाए कि पड़ते समय उनका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही हो तो शुभ होता है.

रसोई का द्वार:- रसोईघर में चूल्हा, फ्रिज, माइक्रोवेव ओवन, डिश वाशर आदि अनेक उपकरण उपयोग में आते है. अत: रसोई का दरवाजा उन उपकरणों के साथ नहीं होना चाहिए. यह खुल कर इनके सामने आयगा जो कि न केवल ची उर्जा को रोकेगा. ऐसी स्थिति में वंहा पर क्रिस्टल टांग देना चाहिए.

बाथरूम:- स्नानघर जितना भी हो सके उतना बड़ा बनाए, पर यदि आपका बाथरूम छोटा भी है तो आप उसमे एक बड़ा शीशा या कई शीशे लगा कर उसकी गहराई या बड़े होने का भ्रम पैदा का सकते है.

शानदार लैम्प:- जमीन से पांच फुट ऊँचा उठा हुआ लैम्प दक्षिण-पश्चिम कोने पर जलाने से भाग्योदय होता है.सामाजिक जीवन सक्रिय होता है. आप अपने बाग में या अपने अपार्टमेंट की बालकनी में, यदि वह भी नहीं है तो अपने उस कमरे में जिसमे आप सबसे ज्यादा रहते है, के दक्षिण-पश्चिम भाग में शानदार लैम्प जलाए. इसमें दो, तीन बल्ब जोप लाल, नारंगी या तीखी पीली रोशनी दे जलाए और कमरे की ऊर्जा बडाये.

कैंची उपहार में न दे:- किसी भी अवसर पर उपहार देते समय ध्यान रखे कि वह वस्तु नुकीली या उग्र ना हो, चाहे वह वस्तु कितनी ही उपयोगी या कीमती क्यों ना हो नुकीली वस्तु से जहरीले तीर वाली उर्जा निकलती है. जो प्रतिकूल प्रभाव डालती है. कैंची, छुरी, टूल बॉक्स यदि कोई उपहार में दे तो उसे यदि आप स्वीकार करते है तो आप कुछ मूल्य या एक सिक्का दे दें. यह उस वस्तु के मूल्य का प्रतीक हो जायगा और उससे उत्पन्न होने वाली नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जायगी.

किसी की ओर उंगली ना उठाएं:- बातचीत करते समय ऐसा अवसर ना आने दे कि कोई आपकी तरफ उंगली उठा कर बात करे.यदि कोई उंगली उठाये तो उसे सविनय रोक दे क्योंकि उठी उंगली से बुरी उर्जाए आप पर हमला करती है. दो उंगलिया तो कैंची की तरह जहरीली उर्जा निकालती है.ध्यान रहे कि आप भी किसी की ओर उंगली नहीं उठा कर बात करे.

टी-पाट का नुकीला कोन दूर रखे:- चाय की केतली या पानी के जग की टोंटी भी अपनी ओर या किसी दुसरे की ओर न करें. इससे भी बुरी उर्जा निकलती है. आप स्वंय भी इस बुरे प्रभाव से बचें और मेहमानों को भी बचाएं. टोंटी की नुकीली कोन जिस व्यक्ति की तरफ होगी उस व्यक्ति से ग़लतफहमी या मनमुटाव हो जायगा. यदि कोई भूल से या अज्ञानता से उसे आपकी ओर कर दे तो तुरंत आप उसकी दिशा बदल दे...


आप और हम समाज में रहते है. हमारी खुशहाली, हमारे सामाजिक व्यवहार पर भी निर्भर करती है. हमारा गलत व्यवहार उर्जा को प्रतिकूल करके हमे हानि पहुंचायगा और ठीक व्यवहार हमारे संबंधो को मधुर बनाएगा फेंगशुई यंहा भी सहायता करती है.



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