जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 2 सितंबर 2010

वास्तु द्वारा सरकारी बाधा आदि से बचें.

आवासीय भवनों में वास्तु दोष होने पर केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी विकार ही नहीं उत्पन्न होते, बल्कि गृहस्वामी को मुकद्दमा, आयकर छापा, सरकारी बाधाओं आदि से जूझना पडता है. इसके अलावा कानूनी दांवपेच, चोरी-चकारी, डकैती, अग्नि आदि का भय बना रहता है. यदि मकान में निम्न प्रकार का वास्तु दोष है तो इस प्रकार की बाधाएं आ जाती है.

पूर्व दिशा में मुख्य द्वार या अन्य द्वार आग्नेयाभिमुखी हो तो अदालती विवाद, सरकारी दांवपेच का भय रहता है. अगर गृहस्वामी अग्नि कोण यानि दक्षिण-पूर्व दिशा के कमरे में सोता है.तो जितना धन आता है उससे ज्यादा जाने का भय रहता है.इसलिए गृहस्वामी को हमेशा भवन के दक्षिण-पश्चिम भाग में सोना चाहिए. इससे सरकारी विभागों से कष्ट मिलने का भय नहीं रहता है. भवन का पूर्वी भाग मकान के अन्य कोणों से ज्यादा ऊंचा हो तो कानूनी उलझनों का भय बना रहता है.


घर का मुख्य द्वार उत्तर-पश्चिम कोण में होने पर अथवा घर के किसी कमरे में भी दक्षिण-पश्चिम कोण पर द्वार होने पर अदालती झगड़े, आयकर विभाग द्वारा परेशान किये जाने का भय रहता है. दर्पणयुक्त अलमारिया दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम कोण में होने पर सरकारी विभागों द्वारा परेशान किये जाने का भय बना रहता है. उत्तर-पूर्व कोण पर कोई भी अलमारी, शौचालय, कूड़ा करकट, गन्दगी होने पर आयकर विभाग के चक्कर लगाते लगाते गृहस्वामी थक जाता है.

जंहा पर आप अकसर बैठते है या सोते है, वंहा कंही आपके सामने खम्भा या स्तंभ तो नहीं है, या घर का कोई कोना तो नहीं पड़ रहा है, यदि ऐसा है तो सरकारी विभाग के कर्मचारी रोजाना आपके मेहमान बने रहेंगे. घर का पूजास्थल उत्तर-पूर्व के कोण की बजाय दूसरी जगह होने पर अथवा बीम के नीचे सोने बैठने पर अदालती चक्कर का पीछा नहीं छुटता है. नैऋत्य कोण आगे निकला हो तो शत्रु, अदालत, ऋण सम्बन्धी कठिनाईओं का सामना करना पड़ सकता है. वायव्य कोण ईशान्य कोण की अपेक्षा निम्न हो तथा साथ ही कुआं या पानी का पम्प, गड्ढा भी हो तो अदालती कार्यवाही, तथा बीमारीओं से जूझते रहेंगे.

दक्षिण भाग में यदि खाली स्थान अधिक हो तो धन की हानि, अकारण झगड़े, अदालती चक्कर लगाने पड़ते है. नैऋत्य कोण हमेशा भारी रखना चाहिए यदि वंहा खाली स्थान है तथा जन्मकुण्डली में राहू अकेला है तो गृहस्वामी का खजाना आयकर विभाग का होता है. घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बिजली का खम्भा हो तो घर में रहने वालो का स्वास्थ्य कमजोर तथा उन्हें क़ानून व्यवस्था का हर समय भय लगा रहता है.

इसी प्रकार से घर के मुख्य द्वार के सामने पेड़ हो तो कानूनी दांवपेच का डर बना रहता है.

घर के उत्तर-पश्चिम में यदि पानी का पम्प या कुआं है तो दुश्मनी, मुकद्दमे, छल कपट व धोखे के साथ साथ दैवी प्रकोप भी पैदा करता है.

यदि आप कानूनी दांवपेच से परेशान है तो इस समस्या के समाधान करने के लिए उत्तर और पश्चिम की तरफ बैठे. सफलता के लिए पश्चिम में ठोस दीवार का सहारा लें, और सामने दरवाजा होना आवश्यक है.... 


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