जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 3 सितंबर 2010

आपका भाग्य अंक १ और भविष्य..

आप सोच रहें होंगे, कोई अंक अच्छे या बुरे भी होंगे. नहीं, आप विश्वास कीजिये, कोई भी अंक अच्छा या बुरा नहीं होता . जिस प्रकार कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता. हर व्यक्ति के जीवन पर उनका भिन्न भिन्न प्रभाव रहता है.उसी प्रकार अंको का भी हमारे जीवन शैली पर है. अंको की एक सुनिश्चित गति है, स्पष्ट लक्षण है, स्पष्ट अर्थ है. एक क्रम व योजना है. उसे भली प्रकार समझ लें तो मानव जीवन को समझना सरल हो जाता है.

भाग्यांक के लिए जन्म तारीख, जन्म मास्, जन्म वर्ष की आवश्यकता रहती है. सवाल यह है कि भाग्यांक कैसे बनाया जाये ? उदाहरण:- माना किसी की जन्म तिथि २७-०६-१९६२ है तो तारीख को जोड़ा २+७=९, मास् का योग किया तो ०+६= ६, जन्म वर्ष को जोड़ा तो १+९+६+२= १८, अब इन तीनों का जोड़ करेंगे ९+६+१८= ३३ आया इसका फिर एक अंक में परिवर्तन करने के लिए जोड़ेंगे तो ३+३= ६ अंक हमारे सामने आ रहा है बस यही भाग्यांक का अंक है अर्थात उपरोक्त जन्म तिथि के अनुसार हम कह सकते है कि भाग्यांक ६ है. अब भाग्यांक के फल पर भी विचार करते है.

भाग्यांक १ है तो:-- १ अंक को सूर्य का प्रतीक माना जाता है. यह आदि बिंदु है, जिससे शेष नौ अंको की सृष्टि या रचना हुई है. समस्त अंको का मूल आधार एक ही है. सारे जीवन का आधार एक ही है आप अत्यंत सौभाग्यशाली है. आपके जीवन का प्रतिनिधित्व ग्रह सूर्य है. यह अंक रचनाशील व्यक्तित्व का परिचायक है. आप अपने कार्यों में खोजप्रिय, प्रभावशाली विचारों में दृढ़, कुछ हठी एयर संकल्पवान होते है. किसी भी व्यवसाय में या पेशे में हों, हमेशा प्रगति करते है. सब जगह प्रमुख बनना चाहते है. अधीनस्थों से आदर प्राप्त करते है. आप रजोगुण प्रधान, अग्नि तत्व प्रधान व प्रतापी है. अचानक जीवन में सम्पदा प्राप्त कर सुख-एश्वर्य भोगेंगे. राजनीतिक जीवन में आप अधिक सफल हो सकते है. धन को लेकर मित्र, स्त्री, सन्तान, घर से आपका वैर होने की संभावना रहती है. आप देवपूजक व धर्म कर्म में रूचि रखने वाले व्यक्ति है. आप यश-अपयश, जय-पराजय को समझ लेते है तभी कदम आगे बडाते है. यह सत्य है कि आप ही अपने भाग्य के निर्माता, करता-धरता है. आप सदगुणों की खान है.

आप अपने व्यापार से सम्बंधित कार्य इन तारीखों को करें:-- १,१०,१९,२०,१६,२५,२८ यदि इन तारीखों में सोमवार या रविवार पड़े तो आप अपने आधे-अधूरे रुके हुये कार्यों को पूरा करें. विशेष व्यक्ति से मिलें या नयी योजनाएं बनाएं. सफलता प्राप्त होगी.

प्रेम मित्रता के लिए आपके भाग्य अंक:--जिनका भाग्य अंक २,१०,७,१६,२५,११,२०,२८ या २९ आदि तारीख है. आपके लिए भाग्यशाली साबित होगी. इनसे आपके अच्छे परिणाम और सुख का अनुभव होगा.

भाग्यकारी रंग:-- गहरे भूरे, पीला, सुनहरे रंगों के कपड़े पहनें, हल्का रंग भी इस्तेमाल करें. अपने घर के शयनकक्ष में इन रंगों से सम्बंधित परदे इस्तेमाल करें इनसे मानसिक तनाव दूर होगा. नींद अच्छी आयेगीं.

भाग्यकारी वर्ष:-- ७,१६,२५,२९,१०,११,२८,३७,४६,५५,६४, ७३वें वर्ष सर्वाधित श्रेष्ठ रहेंगे.

व्यवसाय:-- आभूषण क्रय-विक्रय, विद्युत सामग्री, चिकित्सा कार्य, स्पोर्ट्स, सैन्य विभाग, राजदूत, हुकूमत, श्रम विभाग इत्यादि. यह व्यवसाय श्रेष्ठ रहेंगे.

आपकी भाग्यशाली दिशा:-- पूर्व-उत्तर, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम में आपको अपना कार्य क्षैत्र नहीं बनाना चाहिए...

                                                              जारी....शेष.....भाग........ 





5 टिप्‍पणियां:

  1. जारी रहिये, मेरा ९ सबसे आखिर में आयेगा.

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  2. सर जी 25 03 1980 2+5=7 0+3=3 1+9+8+0=18
    7+3+18=28 2+8= 10
    दस अंक किसका है इसका भी विस्तार से लिखने की कृपा करे

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    1. १० का भाग्यांक १ ही बनता है अतः इसी को ध्यान में रखें

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  3. सर जी 25 03 1980 2+5=7 0+3=3 1+9+8+0 18
    7+3+18=28
    2+8=10
    शर्मा जी दस अंक किसका है विस्तार से लिखने की कृपा करे

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    1. १० का भाग्यांक १ ही बनता है भाग्यांक कभी ९ से ऊपर नही होते है

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