जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

रविवार, 5 सितंबर 2010

आपका भाग्य अंक ३ और भविष्य..

भाग्यांक के लिए जन्म तारीख, जन्म मास्, जन्म वर्ष की आवश्यकता रहती है. सवाल यह है कि भाग्यांक कैसे बनाया जाये ? उदाहरण:- माना किसी की जन्म तिथि २७-०६-१९६२ है तो तारीख को जोड़ा २+७=९, मास् का योग किया तो ०+६= ६, जन्म वर्ष को जोड़ा तो १+९+६+२= १८, अब इन तीनों का जोड़ करेंगे ९+६+१८= ३३ आया इसका फिर एक अंक में परिवर्तन करने के लिए जोड़ेंगे तो ३+३= ६ अंक हमारे सामने आ रहा है बस यही भाग्यांक का अंक है अर्थात उपरोक्त जन्म तिथि के अनुसार हम कह सकते है कि भाग्यांक ६ है. अब भाग्यांक के फल पर भी विचार करते है.


आप सोच रहें होंगे, कोई अंक अच्छे या बुरे भी होंगे. नहीं, आप विश्वास कीजिये, कोई भी अंक अच्छा या बुरा नहीं होता . जिस प्रकार कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता. हर व्यक्ति के जीवन पर उनका भिन्न भिन्न प्रभाव रहता है.उसी प्रकार अंको का भी हमारे जीवन शैली पर है. अंको की एक सुनिश्चित गति है, स्पष्ट लक्षण है, स्पष्ट अर्थ है. एक क्रम व योजना है. उसे भली प्रकार समझ लें तो मानव जीवन को समझना सरल हो जाता है.



भाग्यांक ३ है तो:-- अंक ३ गुरु (वृहस्पति) ग्रह का परिचायक है. ज्योतिष तथा अंक विद्या दोनों में इस ग्रह की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. हर तीसरे अंक से जैसे ३, ६, ९, से प्रमुख सम्बन्ध है. इस अंक के लोगों को एक दूसरे से सहानुभूति होती है. यह महत्वाकांक्षी होते है. अधीनस्थ पदों पर वह कभी संतुष्ट नहीं होते है. इनका उद्देश्य जीवन में ऊंचा उठना तथा दूसरे लोगों पर नियंत्रण और अधिकार हासिल करना होता है. यह आदेशो का पालन करते है. तथा आनुशासन पसंद है.यह लोग समाज सेवा, जाति सेवा, राजनीतिक जीवन में अधिक सफल होते है. मित्रों के प्रति सहिषणुता एवं स्वयं कष्ट सह कर भी मित्रों का हित करने को तैयार रहते है. आप ध्यानी, ज्योतिष प्रेमी, दीर्घायु व आजीवन एश्वर्य भोगते है. दान-पुन्य, परोपकार में भाग लेने वाले धार्मिक कृत्य बार बार करते है. घर-परिवार, कुटुम्ब, भाइयों आदि का सुख सहयोग नहीं मिल पाता है परन्तु आप अपने सौम्य स्वभाव के कारण सबको निभाते चले आते है. वृद्धावस्था आपकी सुखमय व्यतीत होती है...

व्यवसाय:-- वस्त्र व्यवसाय, भोजन स्थल, रेस्टोरेंट, अध्यापक, वकील, उपदेशक, मंत्री, राजदूत, दलाली, आढ़त, मैनेजर, दर्शन शास्त्र, जहाजी कार्य, सैन्य विभाग, प्रबंध कार्य, व जलीय कार्य सर्वाधिक सफलता देने वाले होते है.

दिशाएं:-- दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, पूर्व व उत्तर शुभ दिशाएं है. यह दिशाए व्यवसाय के लिए यात्रा के लिए उत्तम होंगी.

रंग:-- पीला रंग, केसरिया रंग, चमकीला, गुलाबी रंग, हल्का जामुनी रंग, शुभ फलदायक है.

प्रेम व मित्रता के लिए भाग्य अंक:-- ३, ६, ९, इस अंक के लोगों के साथ शुभ सम्बन्ध रहता है. चाहे व्यवसाय हो या मित्रता चाहे प्रेम की बात हो.

आपके शुभ दिन:-- सोमवार, गुरु वृहस्पतिवार, मंगलवार, शुक्रवार शुभ रहेंगे. यदि इन दिनों दिनाँक ३, ६, या ९ हो तो अत्यंत शुभ दायक होंगे.

सर्वश्रेष्ठ वर्ष:-- ३, ६, ९, १२, १५, १८, २१, २४, २७, ३०, ३३, ३६, ३९, ४२, ४५, ४८, ५१, ५७, ६३, ६९, ७२ यह आपके लिए शुभ वर्ष है. किसी भी माह की ३, १२, २९, ३० तारीखें सदैव सफलता प्रदान करेंगी...

........जारी......................शेष ..भाग........



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