जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 7 सितंबर 2010

आपका भाग्य अंक ५ और भविष्य..

आप सोच रहें होंगे, कोई अंक अच्छे या बुरे भी होंगे. नहीं, आप विश्वास कीजिये, कोई भी अंक अच्छा या बुरा नहीं होता . जिस प्रकार कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता. हर व्यक्ति के जीवन पर उनका भिन्न भिन्न प्रभाव रहता है.उसी प्रकार अंको का भी हमारे जीवन शैली पर है. अंको की एक सुनिश्चित गति है, स्पष्ट लक्षण है, स्पष्ट अर्थ है. एक क्रम व योजना है. उसे भली प्रकार समझ लें तो मानव जीवन को समझना सरल हो जाता है.

भाग्यांक के लिए जन्म तारीख, जन्म मास्, जन्म वर्ष की आवश्यकता रहती है. सवाल यह है कि भाग्यांक कैसे बनाया जाये ? उदाहरण:- माना किसी की जन्म तिथि २७-०६-१९६२ है तो तारीख को जोड़ा २+७=९, मास् का योग किया तो ०+६= ६, जन्म वर्ष को जोड़ा तो १+९+६+२= १८, अब इन तीनों का जोड़ करेंगे ९+६+१८= ३३ आया इसका फिर एक अंक में परिवर्तन करने के लिए जोड़ेंगे तो ३+३= ६ अंक हमारे सामने आ रहा है बस यही भाग्यांक का अंक है अर्थात उपरोक्त जन्म तिथि के अनुसार हम कह सकते है कि भाग्यांक ६ है. अब भाग्यांक के फल पर भी विचार करते है.

आपका भाग्य अंक ५ है तो:-- अंक ५ का परिचायक और ग्रह स्वामी बुध है. आपका व्यक्तित्व सचमुच सराहनीय है. आप पर बुध का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा. नवीन युक्तियां, नित्य नवीन विचार, नए तर्क और नयी कल्पनाएं बनाने में सिद्धहस्त है. आप आसानी से दोस्त बना लेते है. किसी भी अंक के लोगों के साथ आपकी पटरी बैठ जाती है. मेहनत से जी नहीं चुराते, बल्कि अपना शौक समझते है. उत्तेजना हमेशा हावी रहती है. कभी कभी उत्तेजनाओं से कुंठित हो जाते है. निर्णय तुरंत लेते है. हर संभव हर एक को हर क्षेत्र में चुनोती देते है. सामना करने में आप आनंद महसूस करते है. जल्दी धन इकट्ठा करने के उपाय अपनाते है. अपनी नयी बातों से और खोज के द्वारा धन संपत्ति में वृद्धि कर लेते है.

आप पर किसी बात का असर अधिक वक्त नहीं रहता है. भाग्य के थपेड़े आपके चरित्र पर कोई असर या निशानी छोड़ देते है. आप घूमना, फिरना, मनोरंजन आवश्यकता से अधिक करते है. आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए. रक्तचाप, मस्तिष्क सम्बन्धी रोग, चर्म रोग, इनसे सावधान रहना चाहिए. तीव्र बुद्धि समय के अनुसार अपने आपको बदलना आपकी प्रवृति है. व्यापार में अधिक सफल रहते है.

शुभ वार:-- ५, १४, २३, बुधवार, सोमवार, गुरूवार, और शुक्रवार यदि यह तारीखें इन दिनों में पड़े तो सोने पै सुहागा, शुक्रवार सबसे अधिक शुभता देता है. इन दिनों और तारीखों में कार्य शुरू करे तो सफल होंगे..

व्यापार:-- संपादन, संचार व्यवस्था, वाणिज्य, मुद्रणालय, इंश्योरेंस, सेल्समैन, बैंकिंग, बाजार निर्माण, पुस्तक विक्रेता, यातायात सम्बन्धी कार्य, पर्यटन सम्बन्धी, स्टॉक एक्सचेंज, व समस्त बौद्धिक कार्य.

दिशा:-- उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, उत्तर, दिशाए आपके लिए भाग्यशाली सिद्ध होती है.

प्रेम व मित्रता के अंक:-- ५, १४, २३, ६, २, शुभ अंक प्रेम मित्रता व व्यवसाय करने के लिए उत्तम फल दायक है.

सर्वश्रेष्ठ वर्ष:-- ५, १४, २३, ३२, ४१, ५०, ६८, ७७ वें वर्ष सर्वथा शुभ अनुकूल रहेंगे.

रंग:-- हरा, हल्का स्लेटी, सफेद, हल्का खाकी, चमकीला उज्जवल रंग आपके लिए उत्तम फलदाई है...

.......जारी.....शेष...भाग...........





1 टिप्पणी:

  1. पंडित जी मैं ज्योतिष में विश्वाश रखता हूँ. अतः आप मेरे पसंदीदा विषय पर लिख रहे हैं. आप किसी की टिप्पणी आने या ना आने की परवाह किये बगैर अपना कार्य करते रहें क्योंकि ज्योतिष पर लोग चाहे कितना ही विश्वाश करें पर खुद को प्रगतिशील दिखाने के लिए अपने विश्वास को प्रकट नहीं करते. इसका मतलब आपको लोग पढेंगे पर आपके लेखो पर टिप्पणिया कम ही आयेंगी.

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