जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

आपका भाग्य अंक ८ और भविष्य..

आप सोच रहें होंगे, कोई अंक अच्छे या बुरे भी होंगे. नहीं, आप विश्वास कीजिये, कोई भी अंक अच्छा या बुरा नहीं होता . जिस प्रकार कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता. हर व्यक्ति के जीवन पर उनका भिन्न भिन्न प्रभाव रहता है.उसी प्रकार अंको का भी हमारे जीवन शैली पर है. अंको की एक सुनिश्चित गति है, स्पष्ट लक्षण है, स्पष्ट अर्थ है. एक क्रम व योजना है. उसे भली प्रकार समझ लें तो मानव जीवन को समझना सरल हो जाता है.

भाग्यांक के लिए जन्म तारीख, जन्म मास्, जन्म वर्ष की आवश्यकता रहती है. सवाल यह है कि भाग्यांक कैसे बनाया जाये ? उदाहरण:- माना किसी की जन्म तिथि २७-०६-१९६२ है तो तारीख को जोड़ा २+७=९, मास् का योग किया तो ०+६= ६, जन्म वर्ष को जोड़ा तो १+९+६+२= १८, अब इन तीनों का जोड़ करेंगे ९+६+१८= ३३ आया इसका फिर एक अंक में परिवर्तन करने के लिए जोड़ेंगे तो ३+३= ६ अंक हमारे सामने आ रहा है बस यही भाग्यांक का अंक है अर्थात उपरोक्त जन्म तिथि के अनुसार हम कह सकते है कि भाग्यांक ६ है. अब भाग्यांक के फल पर भी विचार करते है.

आपका भाग्य अंक ८ है तो:-- अंक ८ शनि ग्रह का प्रतीक है. इनकी प्रकृति गंभीर और तेज होती है. इनके प्रति लोगों में अत्यधिक गलत धारणाए होती है. यही कारण है वह मन से अकेलापन महसूस करते है. आप किसी भी कार्य के प्रति उत्साही, क्रियाशील, परिश्रमी, स्पष्टभाषी, व निर्भय प्रकृति के होते हुये कई अदभुत कार्य करते है. अर्थोपार्जन, सफलता व उन्नति की आप तीव्र इच्छा रखते है. धीरे धीरे कार्य करने की शैली में आप विश्वास नहीं करते है. शीघ्र त्वरित गति से आप कार्य करते है. आप लोगों के प्रति निष्ठुर व कठोर बन जाते है.लोगों की सहानुभूति आपको प्राप्त नहीं होती है. चाहे आप कुछ भी भला कर लें. यह अपनी भावना को प्रदर्शित नहीं करते है जिससे लोग मनमाने ढंग से लेते है. ऐसे व्यक्ति के भाग्य में बड़ी कठिनाइयां, उथल पुथल, अव्यवस्था तथा सभी प्रकार की विषमताएं आती है. परन्तु सभी कार्य में भाग्यवादी दृष्टिकोण प्रकट होता है.  तथा अपना ध्येय उत्साह से पूर्ण करते है. ईश्वर पर भी उनका अगाध विश्वास होता है.ऐसे व्यक्तियों का जीवन वृद्धावस्था में दुखांत होता है. जीवन एक खुली किताब की तरह से होता है. कोई दुराव छिपाव नहीं रहता है. स्वाभिमानी इतने कि थोड़ी सी भी उपेक्षा सहन नहीं कर सकते. विरोध या अपमान सहन नहीं करते. आप में गंभीर बुद्धिमान, दूरदर्शिता, स्वकार्य दक्षता, भावुकता जैसे गुण विद्यमान है. अपनी इच्छा होने पर सब कुछ लुटा देने वाले तथा इनकी इच्छा न होने पर कुछ भी नहीं करवा सकते. अपने आपको झूठ मूठ स्वयं को अत्याधिक व्यस्त बनाएं रहते है.

शुभ तारीखें:-- ८, ४, १७, १३, २२, २६, ३१, शुभत्व प्रदान करती है. यदि इस दिन शनिवार, रविवार, शुक्रवार हो तो और भी अच्छा है.

व्यवसाय:-- स्पोर्ट्स सामान, ठेकेदारी, वकालत, वैज्ञानिक कार्य, मुद्रणालय, लघु उद्योग, लकड़ी का व्यवसाय, जंगलात महकमा, अध्यापन, न्यायधीश. आदि कार्य शुभ रहते है.

सर्वोत्तम वर्ष:--८, १२, ४, १३, १७, २६, २२, ३१, ३५, ४०, ४४, ४९, ५३, ५८, ६२, ६७, ७१, यह जीवन के शुभ वर्ष है.

प्रेम मित्रता व व्यापार:-- २, ४, ८, १७, इन अंको के लोगों से शुभत्व प्रदान होगा.

दिशा:-- पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण दिशा व उत्तर दिशा जीवन में शुभ फल देंगी.

रंग:-- नीला, भूरा, बैंगनी, पीला, काला, रंग शुभ है.

.............जारी..........शेष भाग..............






1 टिप्पणी:

  1. धन्यवाद. मेरा अंक भी ८ है.. जो कुछ लिखा है काफी हद तक सत्य है.

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