जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

सोमवार, 20 सितंबर 2010

आपका भाग्य और गोमेद, लहसुनियां, राहू व केतु रत्न..



हमारे जीवन में नौ रत्नों का बहुत महत्व है. इनको धारण करने से हम अपने भाग्य के रास्ते की बाधा को काफी हद तक दूर करने में सक्षम हो सकते है.हमारी जन्म राशि और लग्न, अपने अन्दर सभी तरह के गुण-दोषों को लिए हुये है, जैसे आयु से सम्बंधित, स्वास्थ्य से इसका गहरा संबंध है.धन का यह प्रतिनिधित्व करती है. यश प्राप्ति में सहायक व काम धंधे की परिचायक, हमारा आचार-व्यवहार तथा विचारों का आदान प्रदान, इन सभी व्यापक गुणों की दृष्टि में रखते हुये हमें राशि(लग्न) से सम्बंधित रत्न धारण करना चाहिए राशि से सम्बंधित रत्न को मुख्य रत्न कहते है. कुछ रत्न ऐसे है, जो हमारे कष्टों का निवारण करते है. और कुछ रत्न ऐसे है, जो हमे कष्ट पंहुचाते है. यह जान लेना अति आवश्यक है कि आप जिस रत्न को धारण करने जा रहे है, कंहीं वह आपके लिए कष्टकारी तो नहीं? हम आपको सभी बारह राशियों(लग्न) के रत्नों के बारे में जानकारी देंगे कि कौन व्यक्ति अपनी राशि व लग्न के अनुसार कौन कौन से रत्न धारण कर सकता है.



गोमेद और लहसुनिया (राहू एवं केतु रत्न )

गोमेद और लहसुनिया के रत्न को अपनी कुण्डली किसी विद्वान ज्योतिषी को दिखा कर परामर्श लेकर धारण करना अनिवार्य होता है. या इनकी दशाएँ आने पर परामर्श से पहन सकते है. क्योंकि यह दोनों छाया ग्रह के रूप में माने जाते है. वैसे राहू का गोमेद है तथा केतु का रत्न लहसुनियां है राहू ग्रह शनि की प्रवृति रखता है. और केतु ग्रह मंगल की प्रवृति के समान होता है. यह जरूरी नहीं कि यह दोनों कष्टकारी फल दें, शुभ फल भी प्राप्त हो सकते है. यह दोनों रत्न कोई भी और किसी भी राशि का व्यक्ति परामर्श कर के धारण कर सकता है. और उसे लाभ भी होगा.............


12 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामी3/02/2012 9:52 am

    my date of birth 18-2-1969
    palce-utranchal pori gardwal
    time-7.15 avg
    vinod chander

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    1. विनोद जी आपका जन्म समय सुबह का है या शाम का बताएं....

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  2. गुरुजी प्रणाम, मेरा नाम अश्वनी शर्मा पुत्र
    श्री महेन्द्र शर्मा है। मेरी जन्म
    तिथि 04/08/1988, जन्म स्थान गुङगाँव
    (हरि॰) व जन्म समय प्रातः 6:30 है।
    मेरी नौकरी पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल
    रही रही थी और अब नौकरी चली ही गयी है।
    मैं ५ सालो से बैंकिंग सेक्टर में recoveries
    का काम कर रहा हूँ और अब मेरा इस काम मन
    भी नही लगता है। कृपया सुझाव दे कि मेरे लिए
    नौकरी करना ठीक रहेगा या अपना व्यवसाय
    और ये कब तक ठीक हो जायेगा? -- भवदिये
    अश्वनी शर्मा 8285879284

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  3. my name is sahil khanna
    my d.o.b is 5-8-1990
    birthplace amritsar, punjab
    birth time is 11.25 am
    my studies and my business is not going well
    please let me know how can i put my life to normal, and achieve my goals

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  4. नमस्कार पंडितजी ,
    मेरा नाम जिंकल है .
    जनम तारीख - ०५ अगस्त १९९० है
    जनम समय - ०६ .२० P.M. (Evening)
    जनम स्थल - अहमदाबाद है
    प्लीज मुझे बताए की मेरा भाग्योदय कब होगा, सरकारी नोकरी कब मिलेगी और मुझे कोन्स रन्त पहनना चाहिए ..

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    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार आपको राहू की महादशा चल रही है जो कि आपके भाग्य में बाधाकारक है अतः राहू की शान्ति पाठ अपने पंडित जी से करवाएं उसके बाद सलौनी गोमेद रत्न पांच कैरेट का पंचधातु में शनिवार प्रातः धारण करें तभी भाग्य उदय संभव होगा

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  5. नमस्कार पंडितजी ,
    मेरा नाम जिंकल है .
    जनम तारीख - ०५ अगस्त १९९० है
    जनम समय - ०६ .२० P.M. (Evening)
    जनम स्थल - अहमदाबाद है
    प्लीज मुझे बताए की मेरा भाग्योदय कब होगा, सरकारी नोकरी कब मिलेगी और मुझे कोन्स रन्त पहनना चाहिए ..

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    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार आपको राहू की महादशा चल रही है जो कि आपके भाग्य में बाधाकारक है अतः राहू की शान्ति पाठ अपने पंडित जी से करवाएं उसके बाद सलौनी गोमेद रत्न पांच कैरेट का पंचधातु में शनिवार प्रातः धारण करें तभी भाग्य उदय संभव होगा

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  6. नमस्कार पंडितजी ,
    मेरा नाम जिंकल है .
    जनम तारीख - ०५ अगस्त १९९० है
    जनम समय - ०६ .२० P.M. (Evening)
    जनम स्थल - अहमदाबाद है
    प्लीज मुझे बताए की मेरा भाग्योदय कब होगा, सरकारी नोकरी कब मिलेगी और मुझे कोन्स रन्त पहनना चाहिए ..

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    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार आपको राहू की महादशा चल रही है जो कि आपके भाग्य में बाधाकारक है अतः राहू की शान्ति पाठ अपने पंडित जी से करवाएं उसके बाद सलौनी गोमेद रत्न पांच कैरेट का पंचधातु में शनिवार प्रातः धारण करें तभी भाग्य उदय संभव होगा

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  7. Namaskar pundit Ji mujhe ye Janna h ki me koun sa ratna dharan kru. Meri date of birth 8 January 1990 h subah 3:55 am place agra plsss pundit Ji bataye apki ati kripa hogi.

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    1. आप जन्म कुंडली अनुसार मोती मूंगा और पुखराज धारण कर सकती है लेकिन वर्तमान में राहू की महादशा चल रही है अतः रत्न से ज्यादा आप सबसे पहले राहू की शान्ति अपने विद्वान पंडित जी से कराएं

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