जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 12 अक्तूबर 2010

भाग्यांक द्वारा बाधाएं दूर करें…



कई बार ऐसा देखने में आता है कि हम जो भी अपने या अपने परिवार के लिए कार्य करने को निकलते है, उसमें हमें विभिन्न प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है. कुछ बाधाए तो जानी पहचानी होती है और कुछ अकस्मात हमारें सामने आ खड़ी होती है अथवा हम 5 काम करने हेतु निकलते है तो उनमें से बड़ी मुश्किल से एक या दो ही काम हो पाते है.

ऐसी बाधाओं को दूर करने के लिए एक बहुत ही सरल प्रयोग है. इस प्रयोग के अंतर्गत अपनी जन्म तिथि सम्पूर्ण का प्रयोग कर एक इकाई भाग्यांक प्राप्त कर लें. उसके बाद अलग अलग भाग्यांक के अनुसार अपनी बाधा शांत करने के लिए प्रयोग करे. निश्चय ही पालन करने से आपकी आने वाली समस्त बाधाएं दूर होंगी. जन्म तिथि से भाग्यांक निकालने की विधि निम्न है......


माना कि किसी व्यक्ति का जन्म 27.06.1962, को हुआ है. तो उसका भाग्यांक होगा..2+7+0+6+1+9+6+2= 33= 3+3= 6, भाग्यांक 6 है इसलिए भाग्यां 6 का निम्नलिखित प्रयोग करे तो लाभ होगा........


भाग्यांक 1:- जिनका भाग्यांक एक है वह अपनी जेब, पर्स में सफेद रेशमी चौकोर कपड़े (किसी भी साइज) में लाल रंग के गोटे किनारी द्वारा अपने भाग्यांक का नंबर 1 लिख कर रविवार सुबह के समय रखें. इसे प्रतिदिन हमेशा अपने पास रखने से यश वृद्धि होगी और बाधाएं दूर होंगी.


भाग्यांक 2:- जिनका भाग्यांक दो है वह अपनी जेब, पर्स में नीले रंग के रेशमी कपडे में सफेद रंग के चमकीले सितारे लगवा कर सोमवार रात्री के समय से रखना आरम्भ करे तो जीवन की समस्त बाधाए किसी भी प्रकार की हो वो सब समाप्त होने लगेंगी.


भाग्यांक 3:- जिनका भाग्यांक तीन है वह अपनी जेब, पर्स में पीले रंग के रेशमी कपडे में चांदी का चौकोर पीस किसी भी साइज का हो उसे लपेट कर पीले धागे से बाँध ले.वृहस्पतिवार सुबह के समय से रखें. मनोवांछित फल प्राप्त होंगे.


भाग्यांक 4:- जिनका भाग्यांक चार है वह अपनी जेब, पर्स में भूरे रंग (brown) के रेशमी कपड़े में चार दाने काली मिर्च के बाँध कर रखें. इसके रखने से भाग्यांक चार वालों की समस्त रुकावटें दूर होनी आरम्भ हो जाएगीं. इसे शनिवार शाम के समय रखें.


भाग्यांक 5:- जिनका भाग्यांक पांच है तो वह अपनी जेब, पर्स में हरे रंग के रेशमी कपड़े में एक ताम्बे का छेद वाला सिक्का लपेट कर हरे रंग के धागे से बाँध दें. और इसे बुधवार दोपहर के समय से रखना आरम्भ कर दे तो जीवन में परेशानिया समाप्त होने लग जायेंगी.


भाग्यांक 6:- जिनका भाग्यांक छः है तो वह अपनी जेब, पर्स में गुलाबी रंग के रेशमी कपड़े में सफेद चमकीले गोटे से 6 का अंक लिख कर शुक्रवार सुबह के समय रखें और रखने के बाद कोई भी सफेद मिठाई का सेवन करें तो बाधाएं दूर हो कर सुख की प्राप्ति होगी.


भाग्यांक 7:- जिनका भाग्यांक सात है तो वह अपनी जेब, पर्स में सुनहरी रंग का रेशमी कपड़ा चौकोर लेकर उसमें चुटकी भर पीली सरसों डाल कर गाँठ बाँध दें. और वृहस्पतिवार के दिन सुबह के समय रखने से मनोकामना पूर्ण होने लगती है

.


भाग्यांक 8:- जिनका भाग्यांक आठ है तो वह अपनी जेब, पर्स में पीले रंग के रेशमी कपड़े में अखंडित चावल के २१ दाने रख कर लपेट कर सफेद धागे से बाँध दे. शनिवार सुबह के समय से रखना आरम्भ कर दे तो रुकावट अपने आप समाप्त होने लगेंगी. और कार्य शीघ्र पूरा होगा.


भाग्यांक 9:- जिनका भाग्यांक नौ है तो वह अपनी जेब, पर्स में लाल रंग के रेशमी कपड़े में सफेद रंग के गोटे से त्रिशूल की आकृति बना कर मंगलवार शाम के समय रखे. इसके रखने से मनवांछित फल की प्राप्ति होगी.


यह ध्यान रखें कि भाग्यांक के उपरोक्त सभी प्रयोग शुक्ल पक्ष अर्थात चांदनी रातों के पखवाड़े में किये जाए तो शीघ्र फल प्राप्त होंगे. एक बार प्रयोग करने के छह माह बाद उसे जल प्रवाहित कर इसी विधि अनुसार नया रख दे. यह प्रयोग विश्वसनीय तथा कई व्यक्तियों की सफलता की आधार पर लिखे गयें है. मुझे आशा है कि आप भी इसे कर सफल व्यक्ति बनें.....



शुभमस्तु !!





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में