जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2010

कौन सा फ्लैट भाग्यशाली हैं ?



कहां क्या है, फ्लैट खरीदते समय इस बातों पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी होता है. पूरी बिल्डिंग के भूखण्ड का आकार वर्गाकार या आयताकार होना बहुत जरूरी है और भूखण्ड का दक्षिण-पश्चिम कोना ९० डिग्री का होना चाहिए. उत्तर-पूर्व दिशा में बने फ्लैट सुख समृद्धि को बड़ाने वाले होते है.

फ्लैट की बिल्डिंग के उत्तर-पूर्व में गड्ढे है, तालाब, नदी है और दक्षिण-पश्चिम में ऊंचे टीले तथा पहाड़िया है तो ऐसी बिल्डिंग का फ्लैट कल्याणकारी होता है. यदि बिल्डिंग के उत्तर-पूर्व में ऊंचे भवन, पर्वत, चट्टान या पीपल, बरगद आदि के विशाल पेड़ है तथा दक्षिण-पश्चिम में गहरे गड्ढे, तालाब, नदी, नालें है तो ऐसी बिल्डिंग का फ्लैट कष्टकारी होता है. जिस बहुमंजिले भवन के ऊपर से हाईटेंशन बिजली की तारें निकली हुयी हों, उस भवन का फ्लैट न खरीदें क्योंकि इनसे निकलने वाली इलेक्ट्रो मेगनेटिक तरंगे काफी खतरनाक होती है. और वहां रहने वालों के स्वास्थ को दुष्प्रभावित करती है.इसी तरह से किसी बिजली के अधिक दवाब वाले ट्रांसफोर्मर के पास भी फ्लैट ना ख़रीदे. वह बहुमंजिली भाग्योदय के लिए अच्छी नहीं होती है.

जिसका निर्माण समकोण भूखण्ड पर उत्तर-पूर्व दिशा में अधिक जगह छोड़ कर आयताकार या वर्गाकार में हुआ होता है वह अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि अंदर बने सभी कमरे भी समकोण है तो भवन के फ्लैट में रहने वालो के लिए परम कल्याणकारी और शुभ होता है. ऐसी इमारत के फ्लैट में व्यक्ति का जीवन सुखद व् शानदार तरीके से बीतता है.

किसी भी फ्लैट का उत्तर, पूर्व या ईशान दिशा का दबा, कटा एवं गोल होना मुसीबतों की जड़ होता है. ऐसे अशुभ फ्लैट की कल्पना करना भी व्यक्ति के लिए शुभकारी नहीं होता है. क्योंकि इससे परिवार पर आर्थिक संकट के बादल घिर आते है. हां, उत्तर, पूर्व एवं ईशान का बढ़ा होना बहुत ही शुभ होता है.

यदि आपके फ्लैट का उत्तर, पूर्व या ईशान कटा, दबा या गोल है तो उन्हें समकोण करके इनके अशुभ परिणामों से बच सकते है. किसी भी भूखण्ड की ईशान दिशा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है.

फ्लैट खरीदते समय ईशान दिशा की वास्तु सम्बन्धी दोषों या अन्य बातों का निरिक्षण जरूर ही करना चाहिए. जिस बहुमंजिली इमारत के उत्तर, ईशान या पूर्व में भूमिगत पानी की टंकी, कुआं, नलकूप या तरणताल होता है, उस इमारत का फ्लैट रहने के योग्य होता है.वहां फ्लैट अवश्य ही खरीदना चाहिए.

उपरोक्त्त दिशाओं के अतिरिक्त दूसरी किसी भी दिशा में इनके होने पर फ्लैट खरीदने का विचार छोड़ दें...

शुभमस्तु !!




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