जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 26 अक्तूबर 2010

लाफिंग बुद्धा करें कमाल...






फेंगशुई में अनेक प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध है, जिसका हम प्रयोग करके अपने घर,किसी भी भवन या व्यवसायिक स्थल में उत्पन्न हो रहे वास्तु दोष से छुटकारा पा सकने में सक्षम हो जाते है.आज हम लाफिंग बुद्धा के विषय में जानेंगे कि किस प्रकार से उसका उपयोग हमारें लिए उपयोगी सिद्ध होगा.

लाफिंग बुद्धा भी कई प्रकार की आकृतियों में प्राप्त होते है, जैसे..हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा, थैला लिए हुआ लाफिंग बुद्धा, धातु का बना हुआ लाफिंग बुद्धा और फुक-लुक-साउ आदि बहुत से लाफिंग बुद्धा हमारे सामने आते है. इन सबका फल अलग-अलग हमें मिलता है. इनके फल की जानकारी न होने की वजह से व्यक्ति इसका उचित लाभ लेने से वंचित हो जाते है.

हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा :-


लाफिंग बुद्धा को भवन में मुख्य द्वार के अंदर इस प्रकार रखा जाता है.कि मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति को प्रवेश करते ही यह दिखाई पड़े तथा ऐसा प्रतीत हो मानो कि बुद्धा हंस कर स्वागत कर रहा हो. लाफिंग बुद्धा को ढाई से तीन फुट की ऊंचाई पर किसी मेज या स्टूल पर रखना चाहिए. यदि मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर सामने ही कोई कोना हो, तो लाफिंग बुद्धा को रखना अधिक अनुकूल होगा. लाफिंग बुद्धा को इस प्रकार नहीं रखे, कि द्वार से प्रवेश करने वाला व्यक्ति उससे टकरा सके.


घर में प्रसन्नता और समृद्धि की वृद्धि के लिए हंसती हुई बुद्ध प्रतिमा को घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति कि ओर रखें. शयनकक्ष में, भोजन कक्ष में(रसोईघर), या अन्य कमरों में हंसता हुआ बुद्धा नहीं रखना चाहिए.यह प्रतिमा मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति की ऊर्जा में अभी वृद्धि करती है. और यह ऊर्जा क्रियाशील हो कर घर में प्रसन्नता और उत्साह का वातावरण उत्पन्न करती है. जिसके फलस्वरूप समृद्धि बडती है.

लाफिंग बुद्धा में कुछ मूर्तियां इस प्रकार से बनती है जिनमे दोनों हाथ ऊपर की और उठे होते है. इस प्रकार की मूर्ती रखने के लिए लकड़ी या धातु की बनी तीन फुट ऊंची मेज का प्रयोग करे तो लाभ होगा.

जिन व्यक्तियों के घर, ऑफिस या भवन में झगड़ा ज्यादा होता है या घर में हमेशा क्लेश की स्थिति रहती है, वह इस ऊँचे हाथ किये हुए बुद्धा की मूर्ति कभी ना रखे. इनके लिए और सभी के लिए केवल बैठी हुई लाफिंग बुद्धा की मूर्ति ही लाभदायक सिद्ध होती है.

यदि किसी घर या भवन में ऐसी हाथ ऊँची मूर्ति हो तो उसे तत्काल ही निकाल देनी चाहिए क्योंकि इससे परिवार में क्लेश और बटवारा होने की स्थिति बन जाती है. और घर की महिलाओं में असंतोष फेलने लगता है.

यह हमेशा ध्यान रखे कि किसी के कहने पर या दुकानदार के कहने पर कभी भी ऐसी चीजे लाकर घर में स्थापित ना करे. जिससे घर की शान्ति भंग हो या वास्तु दोष और अधिक खराब हो जाए. किसी विशेषज्ञ में मार्गदर्शन में ही इन वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए.

शुभमस्तु !!

शेष बुधा की जानकारी अगले भाग में.........






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