जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 27 अक्तूबर 2010

लाफिंग बुद्धा करें कमाल..शेष भाग





पिछले भाग में हँसते हुए लाफिंग बुद्धा के विषय में चर्चा हुई थी कि हाथ ऊपर किये हुए लाफिंग बुद्धा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. केवल बैठे हुए लाफिंग बुद्धा का उपयोग करने से लाभ प्राप्त होता है.आज अन्य लाफिंग बुद्धा की जानकारी प्राप्त करते है.


लाफिंग बुद्धा (थैला लिए):-


लाफिंग बुद्धा जिसकी पीठ पर थैला हो और हंसता हुआ ऐसा बुद्धा भी आपको मिलता है. जैसा कि मेने पिछले भाग में वर्णन किया था कि लाफिंग बुद्धा अनेक प्रकार से मिलते है उनमे से यह एक है. तो इस थैले वाले लाफिंग बुद्धा को ध्यान से देखें कि थैला खाली तो नहीं ? अर्थात उसमे जो सामान भरा है वह थैले के ऊपर तक दिखना चाहिए. पीठ पर थैला रखे हुए बुद्धा की ऐसी प्रतिमा को मुख्य द्वार की ओर मुंह किये हुए इस प्रकार रखा जाए तो वहां अर्थ चक्र सुचारू रूप से चलता है. अर्थात आमदनी का मार्ग खुलता है. इस लिए इसे दूकान अथवा शोरूमो में रखा जाए तो बिक्री बड़ने लगती है और धन की वृद्धि होती है.


धातु का बना लाफिंग बुद्धा:-


सामान्यतः बुद्धा की प्रतिमा विशेष प्रकार की मिट्टी से बनी होती है. इसके साथ साथ धातु की बनी हुई बुद्धा की प्रतिमाएं भी प्रयोग में आती है.जिन व्यक्तिओं में निर्णय शक्ति की कमी हो, जिनकी उदारता एवं भावुकता का लाभ अन्य व्यक्ति उठाते हो, उन्हें धातु की बनी हँसती हुई बुद्धा की प्रतिमा का प्रयोग करना चाहिए. इस बुद्धा की प्रतिमा को हमेशा ऊंचाई पर रखना चाहिए, और इसके साथ किसी भी वास्तु या अन्य मूर्ति को नहीं रखना चाहिए. खंडित, गन्दी, धुल-मिट्टी से युक्त प्रतिमा को नहीं रखना चाहिए हमेशा इसकी सफाई पर ध्यान दें. किसी भी प्रकार की बुद्धा प्रतिमा की पूजा नहीं होती है. इसका प्रयोग केवल मंगल प्रतीक के रूप में किया जाता है. धातु की प्रतिमा को घर या ऑफिस में रखने से निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है. तथा इससे आत्म विशवास भी बडता है.


फुक-लुक-साउ:-


फेंगशुई में तीन चीनी देवताओं को घर में रखने का विशेष प्रयोग बताया गया है.इन तीन चीनी देवताओं के नाम फुक, लुक तथा साउ है. लेकिन इन तीन चीनी देवताओं की पूजा नहीं की जाती है बल्कि उनकी मूर्तियों के द्वारा उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति ही अपना शुभ प्रभाव घर के निवासियों को देती है. फुक, लुक और साउ को एक साथ ड्राइंगरूम में सजाना चाहिए. इनकी मूर्तियों को कभी भी अलग अलग नहीं रखना चाहिए. जिस घर में मान प्रतिष्ठा, समृद्धि एवं स्वास्थ संबंधी समस्याए हो, वहां पर इन तीनो चीनी देवताओं की उपस्थिति को भाग्यवर्धक माना गया है. फुक, लुक और साउ की मूर्तियां यदि खंडित हो तो उन्हें कभी अपने ड्राइंगरूम में नहीं सजाना चाहिए अन्यथा नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते है.

इस प्रकार से लाफिंग बुद्धा तथा तीन चीनी देवता फुक, लुक और साउ की प्रतिमा से हम बहुत कुछ लाभ उठाने में सक्षम हो जाते है. जितनी भी इन प्रतिमाओं की सफाई का ध्यान रखा जाए उतना ही अधिक प्रभाव हमे लाभ के रूप में प्राप्त होता है.

शुभमस्तु !!




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