जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 29 अक्तूबर 2010

फेंगशुई में लाफिंग बुद्धा की भूमिका..




लाफिंग बुद्धा भी कई प्रकार की आकृतियों में प्राप्त होते है, जैसे..हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा, थैला लिए हुआ लाफिंग बुद्धा, धातु का बना हुआ लाफिंग बुद्धा और फुक-लुक-साउ आदि बहुत से लाफिंग बुद्धा हमारे सामने आते है. इन सबका फल अलग-अलग हमें मिलता है. इनके फल की जानकारी न होने की वजह से व्यक्ति इसका उचित लाभ लेने से वंचित हो जाते है.

फेंगशुई में अनेक प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध है, जिसका हम प्रयोग करके अपने घर,किसी भी भवन या व्यवसायिक स्थल में उत्पन्न हो रहे वास्तु दोष से छुटकारा पा सकने में सक्षम हो जाते है.आज हम लाफिंग बुद्धा के विषय में जानेंगे कि किस प्रकार से उसका उपयोग हमारें लिए उपयोगी सिद्ध होगा.


हंसता हुआ लाफिंग बुद्धा :-

लाफिंग बुद्धा को भवन में मुख्य द्वार के अंदर इस प्रकार रखा जाता है.कि मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति को प्रवेश करते ही यह दिखाई पड़े तथा ऐसा प्रतीत हो मानो कि बुद्धा हंस कर स्वागत कर रहा हो. लाफिंग बुद्धा को ढाई से तीन फुट की ऊंचाई पर किसी मेज या स्टूल पर रखना चाहिए. यदि मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर सामने ही कोई कोना हो, तो लाफिंग बुद्धा को रखना अधिक अनुकूल होगा. लाफिंग बुद्धा को इस प्रकार नहीं रखे, कि द्वार से प्रवेश करने वाला व्यक्ति उससे टकरा सके.

घर में प्रसन्नता और समृद्धि की वृद्धि के लिए हंसती हुई बुद्ध प्रतिमा को घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति कि ओर रखें. शयनकक्ष में, भोजन कक्ष में(रसोईघर), या अन्य कमरों में हंसता हुआ बुद्धा नहीं रखना चाहिए.यह प्रतिमा मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले व्यक्ति की ऊर्जा में अभी वृद्धि करती है. और यह ऊर्जा क्रियाशील हो कर घर में प्रसन्नता और उत्साह का वातावरण उत्पन्न करती है. जिसके फलस्वरूप समृद्धि बडती है.

लाफिंग बुद्धा में कुछ मूर्तियां इस प्रकार से बनती है जिनमे दोनों हाथ ऊपर की और उठे होते है. इस प्रकार की मूर्ती रखने के लिए लकड़ी या धातु की बनी तीन फुट ऊंची मेज का प्रयोग करे तो लाभ होगा.

जिन व्यक्तियों के घर, ऑफिस या भवन में झगड़ा ज्यादा होता है या घर में हमेशा क्लेश की स्थिति रहती है, वह इस ऊँचे हाथ किये हुए बुद्धा की मूर्ति कभी ना रखे. इनके लिए और सभी के लिए केवल बैठी हुई लाफिंग बुद्धा की मूर्ति ही लाभदायक सिद्ध होती है.

यदि किसी घर या भवन में ऐसी हाथ ऊँची मूर्ति हो तो उसे तत्काल ही निकाल देनी चाहिए क्योंकि इससे परिवार में क्लेश और बटवारा होने की स्थिति बन जाती है. और घर की महिलाओं में असंतोष फेलने लगता है.

यह हमेशा ध्यान रखे कि किसी के कहने पर या दुकानदार के कहने पर कभी भी ऐसी चीजे लाकर घर में स्थापित ना करे. जिससे घर की शान्ति भंग हो या वास्तु दोष और अधिक खराब हो जाए. किसी विशेषज्ञ में मार्गदर्शन में ही इन वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए.


लाफिंग बुद्धा (थैला लिए):-

लाफिंग बुद्धा जिसकी पीठ पर थैला हो और हंसता हुआ ऐसा बुद्धा भी आपको मिलता है. जैसा कि मेने पिछले भाग में वर्णन किया था कि लाफिंग बुद्धा अनेक प्रकार से मिलते है उनमे से यह एक है. तो इस थैले वाले लाफिंग बुद्धा को ध्यान से देखें कि थैला खाली तो नहीं ? अर्थात उसमे जो सामान भरा है वह थैले के ऊपर तक दिखना चाहिए. पीठ पर थैला रखे हुए बुद्धा की ऐसी प्रतिमा को मुख्य द्वार की ओर मुंह किये हुए इस प्रकार रखा जाए तो वहां अर्थ चक्र सुचारू रूप से चलता है. अर्थात आमदनी का मार्ग खुलता है. इस लिए इसे दूकान अथवा शोरूमो में रखा जाए तो बिक्री बड़ने लगती है और धन की वृद्धि होती है.

धातु का बना लाफिंग बुद्धा:-

सामान्यतः बुद्धा की प्रतिमा विशेष प्रकार की मिट्टी से बनी होती है. इसके साथ साथ धातु की बनी हुई बुद्धा की प्रतिमाएं भी प्रयोग में आती है.जिन व्यक्तिओं में निर्णय शक्ति की कमी हो, जिनकी उदारता एवं भावुकता का लाभ अन्य व्यक्ति उठाते हो, उन्हें धातु की बनी हँसती हुई बुद्धा की प्रतिमा का प्रयोग करना चाहिए. इस बुद्धा की प्रतिमा को हमेशा ऊंचाई पर रखना चाहिए, और इसके साथ किसी भी वास्तु या अन्य मूर्ति को नहीं रखना चाहिए. खंडित, गन्दी, धुल-मिट्टी से युक्त प्रतिमा को नहीं रखना चाहिए हमेशा इसकी सफाई पर ध्यान दें. किसी भी प्रकार की बुद्धा प्रतिमा की पूजा नहीं होती है. इसका प्रयोग केवल मंगल प्रतीक के रूप में किया जाता है. धातु की प्रतिमा को घर या ऑफिस में रखने से निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है. तथा इससे आत्म विशवास भी बडता है.

फुक-लुक-साउ:-

फेंगशुई में तीन चीनी देवताओं को घर में रखने का विशेष प्रयोग बताया गया है.इन तीन चीनी देवताओं के नाम फुक, लुक तथा साउ है. लेकिन इन तीन चीनी देवताओं की पूजा नहीं की जाती है बल्कि उनकी मूर्तियों के द्वारा उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति ही अपना शुभ प्रभाव घर के निवासियों को देती है. फुक, लुक और साउ को एक साथ ड्राइंगरूम में सजाना चाहिए. इनकी मूर्तियों को कभी भी अलग अलग नहीं रखना चाहिए. जिस घर में मान प्रतिष्ठा, समृद्धि एवं स्वास्थ संबंधी समस्याए हो, वहां पर इन तीनो चीनी देवताओं की उपस्थिति को भाग्यवर्धक माना गया है. फुक, लुक और साउ की मूर्तियां यदि खंडित हो तो उन्हें कभी अपने ड्राइंगरूम में नहीं सजाना चाहिए अन्यथा नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते है.

इस प्रकार से लाफिंग बुद्धा तथा तीन चीनी देवता फुक, लुक और साउ की प्रतिमा से हम बहुत कुछ लाभ उठाने में सक्षम हो जाते है. जितनी भी इन प्रतिमाओं की सफाई का ध्यान रखा जाए उतना ही अधिक प्रभाव हमे लाभ के रूप में प्राप्त होता है.

शुभमस्तु !!





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