जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 4 नवंबर 2010

शकुन भी बताते है,कि कब धन मिलेगा..





शकुनों का आधार निराधार नहीं है. यह हमारी श्रद्धा एवं विशवास का प्रतीक तो है ही, साथ ही चिर जीवन तक अनुभूत किये गए शुभाशुभ कार्यों के प्रतिफल के भी सूचक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी हमें प्राप्त हो रहे है. इन शकुनों का प्रयोग भारतीय शास्त्रों के अंतर्गत बहुतायत से हुआ है. जिनमें रामायण, महाभारत जैसे उत्कृष्ट ग्रन्थ भी सम्मिलित है. श्री राम चरित मानस में जिस प्रकार आया है कि:- बैठी शगुन मनावत माता.......ऐसे ही धन प्राप्ति के कुछ शकुनों का हम यहां प्रस्तुतीकरण कर रहे है. इन शकुनों के आधार पर हम जान पायेंगे कि मनुष्य को जीवन में धन प्राप्ति कैसे होगी ?

मनुष्य के द्वारा उत्पन्न हुए शकुन शुभता के लिए होते है.तथा स्वयं घटित शकुन शुभ अशुभ दोनों के परिचायक हो सकते है. ऐसे ही अनेक शकुनो का विधान हमारे शकुन शास्त्रों के अंतर्गत किया गया है. जिनमे होनी-अनहोनी, लाभ-हानि, जय-पराजय, तथा समाज में फैली जनधारणा को सम्मिलित किया गया है.


१:- यदि प्रथम प्रहर में कौए की आवाज उत्तर दिशा से सुनाई पड़े, तो धन का लाभ होता है...


२:- यदि दिन के तीसरे पहर में उत्तर-पश्चिम दिशा में कौए बोले, तो भी धन का लाभ होता है लेकिन यह धन जल्दी ही समाप्त हो जाता है...

३:- दिन के चौथे पहर में उत्तर दिशा में कौए का स्वर सुनाई दे, तो प्रयत्न करने से धन लाभ होता है...

४:- यदि दिन के चौथे पहर में पश्चिम दिशा से कौए का स्वर सुनाई दे तो, ऐसे व्यक्ति से मुलाक़ात होती है, जिससे धन लाभ हो सके...

५:- यदि आप प्रातःकाल कहीं जा रहे हों तो उड़ता हुआ कौवा पैर पर आ गिरे या स्पर्श का जाए, तो व्यक्ति को अत्याधिक धन की प्राप्ति होती है...

६:- यदि प्रातःकाल तीन घड़ी चढ़े कौवा दक्षिण-दिशा में मुय-मुय की आवाज करे, तो वह जिस भवन पर बोलेगा, उसके निवासियों को अकस्मात धन का लाभ होगा...

७:- यदि दिन की बीस घड़ी में कौवा उत्तर दिशा से आय-आय शब्द करे, तो धन प्राप्ति के योग बनेंगे...

८:- यदि श्यामा चिड़िया अपनी चौंच पर पैरों से बाँई आँख को खुजलाती हुई दिल्हाई दे, तो वस्त्राभूषण का लाभ होता है...

९:- यदि श्यामा चिड़िया किसी भी यात्री को निर्जन सरोवर में आनंदपूर्वक नहाती दिखाई दे, तो भू-संपत्ति का लाभ होगा...

१०:- यदि छायादार पेड़ पर खंजन पक्षी के दर्शन हो, तो यह आने वाले समय में धन लाभ का द्योतक है...

११:- यदि सारस पक्षी का जोड़ा यात्री के बाँई ओर बोले तो, धन लाभ करवाता है. और आगे बोले तो, धन- संपत्ति दिलवाता है...

१२:- यदि छिपकली पैर पर गिरे, तो धन लाभ होता है...

१३:- यदि दिन के पहले पहर में छिपकली उत्तर दिशा में बोले, तो व्यापार में लाभ होता है. तथा डूबा हुआ धन प्राप्त होता है...

१४:- यदि रात्री के चौथे पहर में पूर्व-उत्तर में छिपकली बोले तो, धन का लाभ होता है...

१५:- यदि रात्री के चौथे पहर में उत्तर-पश्चिम में छिपकली बोले, तो धन का अधिक लाभ होता है...

१६:- यदि यात्रा के समय कुत्ता बांया घुटना खुजाए तो व्यापार, नौकरी में लाभ प्रदान करवाता है...

१७:- यदि कुत्ता किसी भी चीज पर पेशाब कर दे, तो वह उस चीज के स्वामी को धन लाभ करवाता है...

१८:- यदि कुत्ता दूध अथवा जल से भरे पात्र को देख कर आँख बंद कर ले, तो धन प्राप्ति के योग बनते है...

इस प्रकार अनेक शकुनों की व्याख्या हमारे ऋषि- मुनियों ने अपने अपने शास्त्रों में लिखी है. जरुरत है सिर्फ उसे समझने की और उसके आधार पर हम अपने जीवन में होने वाले शुभ और अशुभ बातो को जान सकते है. आगे भी इसी प्रकार के शकुन के विषय को लेकर चर्चा होगी..

शुभमस्तु !!



1 टिप्पणी:

  1. दीपावली के इस पावन पर्व पर आप सभी को सहृदय ढेर सारी शुभकामनाएं

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