जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 4 नवंबर 2010

शुभ दीपावली की शुभकामनाएं...




फूल की शुरुआत कली से होती है.


जिंदगी की शुरुआत प्यार से होती है.


प्यार की शुरुआत अपनों से होती है.


अपनों की शुरुआत आपसे होती है.



*******शुभ-दीपावली*******





चिट्ठाजगत के सभी सदस्यों व् ब्लॉगरों को दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं.


यह दीपोत्सव आपके जीवन में कष्टों के अँधेरे को दूर कर खुशियों का प्रकाश लेकर आये. ऐसी मेरी कामना है.


श्रीरस्तु !!



3 टिप्‍पणियां:

  1. 'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय ' यानी कि असत्य की ओर नहीं सत्‍य की ओर, अंधकार नहीं प्रकाश की ओर, मृत्यु नहीं अमृतत्व की ओर बढ़ो ।

    दीप-पर्व की आपको ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ! आपका - अशोक बजाज रायपुर

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  2. सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
    दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
    खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
    दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

    -समीर लाल 'समीर'

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  3. पण्डित जी, आपको भी दीवाली की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं

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