जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (मेष-राशि)..






जन्म राशि वह राशि होती है, जिसमे जन्म के समय चन्द्र स्थित होता है. जन्म राशि को जन्म कुंडली में चन्द्र लग्न भी कहा जाता है. यह चन्द्र लग्न, लग्न कुंडली के समान महत्व रखती है. ज्योतिष में ग्रह और राशियाँ एक दूसरे से जुड़े हुए तत्व है. कोई भी ग्रह, किसी भी व्यक्ति विशेष को सीधे प्रभावित नहीं करता, बल्कि राशियों के माध्यम से प्रभावित करता है. फलित ज्योतिष में राशियों को महत्व दिया जाता है. यह जानना बहुत जरूरी है कि राशियाँ क्या है ?


कुछ ज्योतिष समर्थकों के साथ यह बड़ी समस्या आती है कि जन्म राशि को देखें या नाम राशि पर विचार करें ? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जीवन का पूरा विवरण उसकी जन्म-कुंडली में वर्णित होता है. जन्म-राशि का उपयोग गोचर फल के जानने के लिए भी किया जाता है इसी के साथ साथ लग्न राशि को भी अत्यधिक महत्ता दी जाति है. नाम राशि अर्थात अक्षर प्रधान राशि को कई विद्वान महत्व देते है. मुहूर्त आदि में इसका प्रयोग अच्छा रहता है. आज इस लेख में जन्म-राशि की चर्चा करेंगे. जन्म-कुंडली स्थित चन्द्र के अनुसार जो आपकी राशि है उस राशि का फल निम्न रूप से देख सकते है.


मेष राशि का स्वामी मंगल है. मंगल अग्नि तत्व प्रधान होता है. अर्थात मेष राशि वाले व्यक्ति दबंग और कुछ क्रोधी भी होते है या यदा कद जिद्दी भी होते है.यह स्फूर्तिवान व उच्काकांक्षी होते है. अनुशासन व व्यवस्था बनाएं रखना इनकी प्रकृति होती है. बाल की खाल निकालने वाले, ऐसे व्यक्तियों की मन की थाह लेना मुश्किल होता है.

मेष राशि वाले माध्यम कद के अक्सर होते है.इनका चेहरा लंबा व लाल रंग का होता है.स्वभाव से स्वतंत्र विचारों वाले व स्पष्ट वक्ता होते है, इनके दांत चमकीले और पुष्ट होते है. नेत्र चंचल और दृष्टि तीव्र होती है. जोखिम के कार्य करने में माहिर व हमेशा प्रसन्न रहते है. भूरे मिश्रित बाल व दृढ शरीर के होते है.

मेष राशि वाले व्यक्तियों के स्वभाव में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहता है. दूसरों की हकूमत इन्हें बिलकुल भी पसंद नहीं होती है. इस राशि वाले दूसरों के अधीन रह कर विकास के कार्य नहीं कर सकते, स्वतंत्र कार्य करने में ही इनको सफलता प्राप्त होती है. अपने भावों पर नियंत्रण करना इस राशि वालों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है. मेष राशि वाले अपने गुणों से इच्छित उन्नति प्राप्त करने में सक्षम हो सकते है.

इस राशि वाले जो भी कार्य हाथ में लेते है, उसे शीघ्र ही समाप्त करने के इच्छुक रहते है. कई बार जीवन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, परन्तु दृढ़ता व अपनी इच्छा शक्ति से समाधान कर लेते है. अपनी प्रवृत्ति में उदारता व सहिष्णुता भी विद्यमान होती है. धर्म और समाजिक रुढियों के प्रति इस राशि वालो के मन में विद्रोह भर जाता है.इसी कारण से यह मध्य मार्ग अपना लेते है. समाज व राजनितिक क्षेत्र में अलग छवि बनाए रखते है. एक क्षण क्षण में प्रसन्न और दूसरे क्षण में अप्रसन्न हो उठना इन राशि वालो की एक विशेषता होती है.

मेष लग्न के व्यक्ति पुलिस, फ़ौज, सर्जन, रसायनशास्त्री, मैकेनिक, इंजीनियर, भूमि व कोर्ट कचहरी, संबंधी कार्य करने में सक्षम होते है और इन्हीं कार्यों में सफलता प्राप्त करते है.

प्रेम के संबंध में मेष राशि वाले सफल रहते है. स्त्रियाँ या पुरुष इनकी ओर स्वयं आकर्षित होने लगते है. कभी कभी प्रेम के विषय में ईर्ष्यालु भी होने लगते है.

मेष राशि के व्यक्तियों का भाग्य उदय 16, 22, 28, 32, एवं 36वें वर्ष में होता है.

मित्र-राशियाँ:- सिंह, तुला और धनु राशियाँ इनकी मित्र होती है.

शत्रु-राशियाँ:- मिथुन, कन्या राशि, यदि इस राशि वाले व्यक्ति इन राशियों के व्यक्तियों में प्रेम व सदभावना रखे तो, शुभ होगा, जो कि उनकी मित्र राशियाँ है. जीवन में सफलता पा सकते है.,

राशि-रत्न:- मूंगा रत्न,

अनुकूल-रंग:- लाल, पीला, गेरुआ,

शुभ-दिन:- मंगलवार, रविवार, वृहस्पतिवार,

अनुकूल-देवता:- शिवजी, भैरव जी, श्री हनुमान जी,

अनुकूल-ग्रह:- सूर्य, वृहस्पति, चन्द्र, व्रत उपवास:- मंगलवार : अनुकूल अंक : 9, अनुकूल तारीखें:- 9, 18, 27,

सकारात्मक तथ्य:- कुटुम्ब को पालने वाले, चुनौती को स्वीकार करने वाले, सदैव क्रियाशील,

नकारात्मक तथ्य:- दम्भी, अधेर्य्शाली, दिशा:- पूर्व, नाम-अक्षर:- चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ, प्रायः शनि ग्रह और बुध ग्रह मारकेश होते है, मंगल और वृहस्पति ग्रह शुभ तथा धन प्रदायक होते है.

मेष राशि वालों का अनुकूल रत्न मूंगा है. ताम्बे की या सोने की अंगूठी में यह सवा पांच या सवा सात रत्ती का मूंगा अभिमंत्रित कर पहनने से चमत्कारिक लाभ का अनुभव कर सकते है. यह विशेष ध्यान रखे कि रत्न धारण करने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह अवश्य प्राप्त करें.

शुभमस्तु !!

12 टिप्‍पणियां:

  1. ताऊ पहेली १०५ का सही जवाब :
    http://chorikablog.blogspot.com/2010/12/105.html

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेनामी11/21/2011 11:27 pm

    mai goverment job pa sakuga kya
    kripya mujhy baaty???
    name-- laxman singh bisht
    DOB- 20-11-1985
    birthplace -- chamoli
    rashi --- mesh
    time 10:55am

    उत्तर देंहटाएं
  3. किसी आवश्यक कार्य हेतु मै बाहर हूँ, इसलिए प्रश्नों के उत्तर देने में असमर्थ हो रहा हूँ. सहारनपुर पहुंचकर ही आप सभी को उत्तर देने का प्रयास करूँगा...धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  4. लक्ष्मण सिंह बिष्ट जी आपकी जन्म राशि "कुम्भ" है, जन्म कुंडली अनुसार सरकारी नौकरी का पूर्ण योग है. आपको शनि की महादशा चल रही है ..आप शनि का उपाय अपने पंडित जी से पूछ कर करे तो जल्दी योग बन जाएगा...

    उत्तर देंहटाएं
  5. Sharma Ji Pranam,
    Mera Khud Ka vyavshay kab tak aarambha ho jayega,evam kis vyavshay me safalta milegi?aarthik roop se bhavishya kaisa rahega?

    Meri DOB-21 january 1983
    Time - 11.59 (Midnight)
    Place- Raebareli (U.P.) Ka hai.

    उत्तर देंहटाएं
  6. sharma ji namskar
    kya men ias officer ban sakta hun kya

    meri dob 23 October 1991
    time 05:05 pm hai
    place kosi kalan mathura

    उत्तर देंहटाएं
  7. sharma ji namskar
    kya men ias officer ban sakta hun kya

    meri dob 23 October 1991
    time 05:05 pm hai
    place kosi kalan mathura

    उत्तर देंहटाएं
  8. pandit ji namskar

    aap mujhe bataye ki mujhe kis type ka course karna chahiye.???
    jo mere liye aacha rahe.

    meri Dob... 24 december 1993
    time 5:15 pm
    place kashipur (uttarakhand)

    उत्तर देंहटाएं
  9. pandit ji namaskar
    mera naam lakshman singh
    07-09-1979 1:50 P.M. delhi
    kriyra ye bataiye ke mujhe karje se chootkara kab milegaa

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार 16/11/2015 तक बुध की महादशा चल रही है जो कि धन के आगमन में बाधाकारक है कुंडली अनुसार 16/11/2015 के बाद ही कर्जे से पूर्ण छुटकारा मिलने का योग है

      हटाएं
  10. pandit ji ram ram ji

    my details lakshman singh 07/09/1979 1:50 P.M. Delhi
    kripya bataye ki mujhe karzo se mukti kab milegee
    mera jeevan kya ise tarah dukh bhara hoga

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार 16/11/2015 तक बुध की महादशा चल रही है जो कि धन के आगमन में बाधाकारक है कुंडली अनुसार 16/11/2015 के बाद ही कर्जे से पूर्ण छुटकारा मिलने का योग है

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में