जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 12 जनवरी 2011

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (सिंह-राशि)..







सिंह राशि का स्वामी सूर्य ग्रह है. सूर्य ग्रह राजसी होने के साथ साथ एक तेजस्वी औजयुक्त पौरुष का भी प्रतिनिधित्व करता है. इस राशि वाले व्यक्ति निर्भीक, उदार, एवं अभिमानी होते है. यह अग्नि तत्व राशि है. सूर्य आत्मकारक ग्रह होता है. यह आत्मशक्ति का भी कारक ग्रह है.


सिंह राशि के व्यक्तियों का कद मध्यम, हड्डियां मजबूत और मस्तक चौड़ा होता है. शरीर सुगठित, शानदार व्यक्तित्व और रोबीला होता है. इनकी आंखों में विशेष आकर्षण होता है. चेहरा शेर के समान भरा हुआ होता है. यह लोग अपने पुरुषार्थ व अपने पौरुष प्रदर्शन के लिए लालायित रहते है. कुछ हद तक अभिमानी होने के नाते ये नाराज भी जल्दी हो जाते है. अपनी मर्दानगी दिखाने में पीछे नहीं हटते है.


इस राशि के व्यक्ति सामान्यतः सज्जन, विशाल हृदय तथा दूसरों की सहायता करने में तत्पर रहते है. इन्हें अपने मित्रों तथा सम्बन्धियों पर विशवास रहता है.


इनके विचार न्यायप्रियता से पूर्ण होते है. और यह चाहते है कि इनके साथ भी अन्याय ना हो, यह अपने विचारों में दृढ़ व हठी होते है. जब ये व्यक्ति क्रोधित होते है तो, शेर के समान दहाड़ते है. परन्तु क्रोध शीघ्र शांत भी हो जाता है. अहंवादी होने के कारण झुकने की अपेक्षा टूटना अधिक पसंद करते है, चाहे जितने भी तूफ़ान, विघ्न-बाधाए आए, पर ये लोग विचलित नहीं होते है. स्थिरता इनका विशेष गुण होता है.


धार्मिक कार्यों में आप बढ़ चढ़ कर भाग लेते है. मिथ्या पाखण्ड से ये लोग घृणा करते है.ये लोग नास्तिक नहो होते है

आपको भ्रमण या पर्वतीय क्षेत्रों में घूमना अधिक रुचिकर लगता है. ये लोग देव गुरु भक्त पूजक, दानी व सत्पुरुषों के प्रेमी होते है.

इस राशि के व्यक्ति उन भाग्यशाली लोगों में से होते है, जिनका अनुसरण दूसरे लोग करते है. इनमे शासन करने की प्रवृति अधिक होती है. ये व्यक्ति सरकारी क्षेत्रो में कार्यरत होकर अपना अच्छा प्रभुत्व प्राप्त करते है. किसी के भी अधीन यह व्यक्ति कार्य करना पसंद नहीं करते है. राजनीति में विशेषकर रुचि रहती है. ये उच्च नेता, राज्यमंत्री, मूल्यवान वस्तुओं, धातुओं का क्रय-विक्रय, जौहरी का कार्य इनके लिए शुभ और धन वैभव से सम्पूर्ण होते है. इन कार्यों के द्वारा आपका प्रभुत्व, नाम, शौहरत सभी कुछ प्राप्त कर सकते है.

इस राशि वालों को वसीयत के द्वारा धन जायदाद भी मिलने की संभावना रहती है, परन्तु जायदाद बटवारे के कारण संबंधियों से मन मुटाव रहने लगता है. उत्साही होने के कारण इन झंझटों से मुक्त हो जाते है.

इन राशि वालो का वैवाहिक जीवन प्रायः अशांत सा रहता है.क्योंकि घर में शासन करते है. शान्ति तभी स्थापित होती है. जब और प्राणियों का अधिकार माना जायगा.पिता पुत्र में कम ही बन पाती है.

इस राशि वालों को जुआ, सट्टा, लॉटरी का शौक रहता है.शत्रु भी परेशान करते है.परन्तु शत्रु सामने आकार इन लोगो की प्रशंसा करने लगते है. ऐसे लोगो से बचना चाहिए.कई बार इस राशि वाले लोग विरोधियों को भी अपना बना लेते है.

नाम अक्षर:- मा, मी, मु, में, मो, टा, टी, टू, टे,

इस राशि के लोगो का भाग्य उदय:- 23वें वर्ष में होते देखा गया है. आपके जीवन के 32, 41, 50, 68 व 77वां वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण व उन्नतिदायक होता है.

मित्र राशियां:- मिथुन, कन्या, मेष व धनु,

शत्रु राशियां:- बृषभ, तुला, मकर, कुम्भ,

राशि रत्न:- माणिक्य, मूंगा,

अनुकूल रंग:- चमकीला, श्वेत, पीला, भगवा,

अनुकूल देवता:- भगवान सूर्य,

शुभ दिन:- रविवार, बुधवार,

अनुकूल अंक:- 1,

व्रत उपवास:- रविवार,

अनुकूल तारीखें:- 1, 10, 19, 28,

दिशा:- पूर्व,

व्यक्तित्व:- प्रबल पराक्रमी, महत्वाकांक्षी, अधिकारप्रियता,

सकारात्मक तथ्य:- खुले दिलो दिमाग वाला, उदार मन, गर्मजोशी,

नकारात्मक तथ्य:- घमण्डी, अति आत्मविश्वासी, अति महत्व का प्रदर्शन,

आपके लिए अपनी राशि का रत्न पहन कर तथा मित्र राशियों से अनुकूलता रखकर सर्वदा सुख कर रहेगा..

शुभमस्तु !!



5 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय,

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  2. bahut achcha laga padh kar.
    Leo ki personality ke sabhi pakshon ke bare mein aap ne bataya hai.

    abhaar.

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  3. मला माणिक रत्न घालायचा झाल्यास कुठल्या दिवशी आणि काय मंत्र म्हणायला लागेल.हे मला सांगा.

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    1. मनीष जी मै आपके प्रश्न को समझ नही पा रहा हूँ कृपया हिंदी का प्रयोग करें तो मुझे आसानी होगी धन्यवाद

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