जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 9 अगस्त 2011

वास्तु का ज्योतिष से सम्बन्ध...






हम हमेशा कोशिश करते है कि हमारा घर या भवन शत-प्रतिशत वास्तु शास्त्र के अनुसार बने, और इसके लिए हम भरपूर प्रयत्न भी करते है, लेकिन देखने में आता है कि इतनी सारी कोशिश करने के बावजूद घर के सभी भाग समान रूप से सुन्दर या वास्तु के अनुरूप नहीं बन पाते है कहीं ना कहीं हमें वास्तु से समझोता करना पड़ता है, कभी शयन कक्ष सुन्दर होता है तो भोजन कक्ष बेकार होता है, कभी अतिथि कक्ष भव्य होता है तो रसोई रूचि अनुसार नहीं बन पाती है, बालकनी की तरह बिखरी होती है. स्नान घर में कमी हो जाती है. यह सब यूं ही नहीं होता है इसके पीछे ग्रहों का खेल है आइये जाने व समझे कि ऐसा क्यों होता है तथा इसका उपाय क्या है......


बिना ज्योतिष ज्ञान के वास्तु का प्रयोग अधूरा होता है. इसलिए वास्तु शास्त्र का उपयोग करने से पूर्व ज्योतिष को भी ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक होता है.वास्तु में ज्योतिष का विशेष स्थान इसलिए है क्योंकि ज्योतिष के अभाव में ग्रहों के प्रकोप से हम बच नहीं सकते है, एक तरह से वास्तु और ज्योतिष का चोली-दामन का साथ है. हमारें ग्रहों की स्थिति क्या है, हमें उनके प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए, हमारा पहनावा, आभूषण, घर की दीवारों, वाहन, दरवाजे आदि का आकार और रंग कैसा होना चाहिए इसका ज्ञान हमें ज्योतिष तथा वास्तु के द्वारा ही हो सकता है. वास्तु से मतलब सिर्फ घर या ब्य्हावन से ही नहीं बल्कि मनुष्य की सम्पूर्ण जीवन शैली से भी होता है, हमें कैसे रहना चाहिए, किस दिशा में सिर करके सोना चाहिए, किस दिशा में बैठ कर खाना खाना चाहिए आदि आदि बहुत से प्रश्नों का ज्ञान होता है. यदि कोई परेशानी है तो उस समस्या का समाधान भी हम वास्तु और ज्योतिष के संयोग से जान सकते है.



भवन में प्रकाश कि स्थिति प्रथम भाव अर्थात लग्न से समझना चाहिए यदि आपके घर में प्रकाश की स्थिति खराब है तो समझे कि मंगल की स्थिति शुभ नहीं है इसके लिए आप मंगल का उपाय करें प्रत्येक मंगलवार श्री हनुमान जी की प्रतिमा को भोग लगा कर सभी को प्रसाद दें. और श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी प्रथम भाव के समत दोष समाप्त हो जाते है. आपके घर या भवन में हवा की स्थिति संतोषजनक नहीं है या आपका घर यदि हवादार नहीं है तो समझना चाहिए कि हमारा शुक्र ग्रह पीड़ित है और इसका विचार दूसरे भाव से होता है उपाय के लिए आप चावल और कपूर किसी योग्य ब्राह्मण को दान दें. और शुक्र ग्रह की शान्ति विद्वान ज्योतिषी की सलाह अनुसार करें तो आपको लाभ होगा और आपका बैंक के कोष की भी वृद्धि होने लगेगी.

घर में अग्नि का सम्बन्ध तो छठे भाव से जाना जाता है और रसोई इसका कारक है घर में यदि सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो इसकी स्थिति सुधारें. इस दोष को दूर करने के लिए आप धनिया (साबुत) लेकर किसी भी कपड़े में बाँध कर रसोई के किसी भी भाग में टांग देंगे तो लाभ होना आरम्भ हो जाएगा.


अगर आपके घर में जल का संकट है या पानी की तंगी रहती है, या माता से सम्बन्ध अच्छे नहीं है अथवा आपका वाहन प्रतिदिन खराब रहने लगता है, या आप अपनी पारिवारिक संपत्ति के लिए परेशान है, तो आप समझ लीजिए कि चतुर्थ भाव दूषित है. इस दोष से मुक्ति पाने के लिए आप चावल की खीर सोमवार के दिन प्रातः अवश्य बनाएँ और अपने परिवार सहित इसका सेवन करें यदि इसी समय कोई अतिथि आ जाए तो बहुत अच्छा शगुन है उसे भी यह खीर खिलायंगे तो अति शुभ फल शीघ्र आपको प्राप्त होगा.

यदि आपकी संतान आज्ञाकारी नहीं है या संतान सुख आपको प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो आपका पंचम भाव दूषित हो राह है जो कि आपके घर या भवन का प्रवेश द्वार है, प्रवेश द्वार में टॉयलेट या सीवर अवश्य होगा और उत्तर दिशा दूषित है इसके इसको सुधारें और सूर्य यंत्र या ताम्बा प्रवेश द्वार पर स्थापित करने से आपको लाभ प्राप्त होगा.

यदि घर में तुलसी के पौधे फलते फूलते नहीं है या घर में लगे पौधे फल या फूल नहीं दे रहें है और पति – पत्नी के मध्य बिना बात के कलह होती है तो छठा भाव दूषित है इसके लिए आप गमलों में सफेद चावल और कपूर रख कर उसके ऊपर मिटटी छिड़क दे तो आप भी प्रसन्न और पौधे भी फलने फूलने लगेंगे.तथा परिवार में सद्भावना का वातावरण बन जाएगा.

यदि परिवार में कोई अति गंभीर रोग का आगमन हो चुका है तो समझो कि कुंडली का आठवाँ भाव खराब हो रहा है इसके लिए आप घर में पुराने गुड का प्रयोग आरम्भ कर दें तो रोग नियंत्रित होने लगेगा.

जब से आपने नया मकान या भवन लिया है या बनवाया है तब से भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो समझो कि नवम भाव में दोष आ गया है इसकी शान्ति के लिए आप पीले रंग को पर्दों में प्रयोग करे. सारे घर में हल्दी के छींटे मारे और साथ ही अपने गुरु को पीले वस्त्र दान करे. तथा घर के बुजुर्गो को मां सम्मान प्रदान करे इससे भाग्य सम्बन्धी बाधा दूर होती जायेगी.

व्यवसाय में गिरावट, पारिवारिक सदस्यों में गुस्सा बढ़ना, या चिडचिडा स्वभाव बन जाना, रोज़गार छूट जाना एवं आर्थिक तंगी हो जाए तो समझो कि दशम भाव दूषित हो गया है, इस दोष को दूर करने के लिए आप तेल का दान करें, पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाएं, काले उडद की डाल का प्रयोग करें तो आशातीत लाभ होने लगेगा.

पुत्री के विवाह में कठिनाइयां आ रही है, या रिश्तेदारों से मनमुटाव, आमदनी में गिरावट, नौकरी का बार बार छूटना, उन्नति का ना होना, घर की बरकत समाप्त होना अथवा दामाद से कलह यह सब एकादश भाव के दूषित होने का परिणाम होता है. इसको दूर करने के लिए आप तांबे का पैसा दान करें तथा एक लोहे का सिक्का शमशान में फेंके तो पर्याप्त लाभ होगा. पुत्री से छाया दान करवाए तो शीघ्र विवाह का योग बन जाएगा.

पहले आप जहां रहते थे वहां के पडौसी अच्छे हो अब पडौसी झगडा करते है मिलनसार नहीं है, ऐसे दोष बारहवें भाव के खराब होने से होते है मित्र धन लेकर मुकर जाए या धन डूब रहा हो तो अपना बारहवां भाव को दोष से मुक्त करें इस दोष की शान्ति के लिए आप गंगा स्नान करें और वहां से कोई धार्मिक ग्रन्थ खरीदकर घर लाएं उसे सम्मानपूर्वक घर में रखे तो परिवर्तन स्पष्ट नजर आएगा. महाभारत का ग्रन्थ भूल कर भी घर में ना ले कर आना चाहिए.

इन उपायों को करें ऐसा करने से प्रकृति भी आपका साथ देगी. यह सब हमारे महापुरुषों के अपने अनुभव है जिनकी हमे अत्यंत आवश्यकता है. मै उन महापुरुषों को प्रणाम करता हूँ....

शुभमस्तु !!!!


14 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
    चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  2. बेहद उपयोगी पोस्ट।
    thanks....

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  3. बेनामी2/13/2012 6:32 pm

    by this we get lot of information by which my difficulties have been solved. if you can give us more information it will help me thankyou

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  4. sir hame bataiye office me shubh kya hota hai plz help me

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    1. आने वाले लेखों का अध्ययन करें

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  5. sir office me kya shubh hota hai kya ashubh hota hai

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  6. ज्ञानवर्घन के लिए आप को कोटि–कोटि प्रणाम
    राम मिश्र

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  7. sharma ji agar ghr me main door ke thk samne koi dusara door hai tho kya wo life me bura effect lata hai ?

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    1. जी हाँ इसका बुरा असर होता है किसी विद्वान वास्तु शास्त्री से चैक करवा कर इसका उपाय करें

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