जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 25 जनवरी 2012

दान देने से पहले जरा सोच लें..(भाग 3)....


दान देने से पहले जरा सोच लें...कहीं अहित ना हो जाय ? दान करना हमारे समाज में अति शुभ माना गया है लेकिन कई बार यह दान दुःख का कारण भी बन जाता है.हमारे आसपास ऐसे कई व्यक्ति है जो कि ज्यादा दान या ज्यादा धर्म में लीन रहते है. फिर भी कष्ट उनका व उनके परिवार का पीछा नहीं छोड़ता तब हम अपने को सांत्वना स्वरूप यह कह कर संतोष करते है कि भगवान शायद हमारी परीक्षा ले रहा है. यह सच भी हो सकता है. परन्तु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह भी सत्य है कि दान या मंदिर में जाना या घर में पूजा करना ग्रहों के शुभाशुभ द्वारा निश्चित करना चाहिए. इस विषय में लाल किताब में विस्तृत जानकारी उपलब्ध है.कि किस ग्रह का किस स्थिति में दान करना शुभ है और किस स्थिति में दान करना अशुभ है. उसी विषय को में आपके सामने रख रहा हूं.

भारतीय संस्कृति में दान को एक शुभ कार्य माना जाता है. दान करने से व्यक्ति को दैवीय कृपा एवं सहायता प्राप्त होती है.यह मानकर धार्मिक श्रद्धालु दान देने के लिए प्रेरित होते है. इसके अतिरिक्त विभिन्न ग्रहों की पीड़ा को दूर करने के लिए भी दान का अत्यंत महत्व होता है. यह ध्यान रखना अति आवश्यक है कि दान हमेशा शुभ फल नहीं देता कभी कभी इसके भयंकर परिणाम भी देखने को मिलते है.भारतीय ज्योतिष के अंतर्गत लाल किताब का एक अनूठा सिद्धांत है कि किस व्यक्ति को कोन सा दान शुभ है और किस वस्तु का दान अशुभ होता है. इस सम्बन्ध में मेने इसी सन्दर्भ में एक लेख इसी ब्लॉग में.. दान देने से पहले जरा सोच लें.. और दान देने से पहले जरा सोच लें(भाग 2).. नामक लिखा था. आज उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए नई जानकारी आपको देने का प्रयास कर रहा हूं.



जन्मकुंडली में जो ग्रह अपनी उच्च राशि में स्थित होते है व्यक्ति को उन उच्च राशि के ग्रहों से सम्बंधित वस्तुओं का दान अपने जीवन में कभी नहीं करना चाहिए. जैसे किसी की जन्मकुंडली में चंद्रमा उच्च राशि का हो तो उसे जीवन भर चांदी, दूध आदि का दान करना उलटा कष्टों में डाल देगा.

 इसी प्रकार से जो ग्रह नीच राशि के होकर जन्मकुण्डली में स्थित हो तो उनका दान या गिफ्ट लेना उस व्यक्ति के लिए अशुभ फलदायी हो जाएगा. जैसे किसी व्यक्ति की जन्मकुण्डली में शनि यदि नीच राशि का होकर स्थित हो तो उस व्यक्ति को कभी भी लोहा आदि की वस्तुएं किसी से दान या गिफ्ट स्वरुप नहीं स्वीकार करनी चाहिए.

अपने पुत्र या पुत्री के विवाह के समय इन सूत्रों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाय कि हम अपनी संतान की जन्मकुण्डली अनुसार गिफ्ट दे तो वह जीवन भर सुख पूर्वक रहे. किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह अनिवार्य रूप से आपको लाभ प्रदान कर सकती है.

ग्रहों की उच्च राशि एवं नीच राशि कोन सी होती है इसकी जानकारी के लिए तालिका दे रहा हूं....

ग्रह
उच्च राशि
नीच राशि
सूर्य
मेष
तुला
चन्द्र
वृष
वृश्चिक
मंगल
मकर
कर्क
बुध
कन्या
मीन
वृहस्पति
कर्क
मकर
शुक्र
मीन
कन्या
शनि
तुला
मेष



अक्सर अपने दैनिक जीवन में प्राय: हम एक कहावत विभिन्न अर्थों में सुनते हैं कि "नेकी कर दरिया में डाल" या नेकी करो और भूल जाओ. कभी-कभी अच्छे शब्दों में भी सुनते हैं,

कि हम किसी के लिए कितना ही अच्छा क्यों न करें लेकिन बदले में हमेशा बुराई ही हाथ लगती है.

एक व्यक्ति किसी गरीब को भोजन कराता है, तो खाने वाला बीमार पड जाता है. किसी नें किसी को धन उधार दिया तो उसकी वसूली के समय देनदार नें कोई गलत कदम उठा लिया और बेचारा लेनदार बिना वजह मुसीबत में फँस गया. किसी की मदद करने चले तो उल्टा स्वयं ही अपने लिए मुसीबत मोल ले बैठे. अमूमन ऎसी सैकडों प्रकार की घटनायें आये दिन किसी न किसी प्रकार से किसी न किसी के साथ घटती ही रहती हैं.

दरअसल यह सब निर्भर करता है हमारी जन्मकुँडली में बैठे ग्रहों पर, जो यह संकेत करते हैं कि किस वस्तु का दान या त्याग करना अथवा कौन से कार्य हमारे लिए लाभदायक होगें और कौन सी चीजों के दान/त्याग अथवा कार्यों से हमें हानि का सामना करना पडेगा. इसकी जानकारी निम्नानुसार है.

जो ग्रह जन्मकुंडली में उच्च राशि या अपनी स्वयं की राशि में स्थित हों, उनसे सम्बन्धित वस्तुओं का दान व्यक्ति को कभी भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

सूर्य:- मेष राशि में होने पर उच्च तथा सिँह राशि में होने पर अपनी स्वराशि का होता है. अत: आपकी जन्मकुंडली में उक्त किसी राशि में हो तो:-
*
लाल या गुलाबी रंग के पदार्थों का दान न करें.
*
गुड, आटा, गेहूँ, ताँबा आदि किसी को न दें.
*
खानपान में नमक का सेवन कम करें. मीठे पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए.

चन्द्र:- वृष राशि में उच्च तथा कर्क राशि में स्वगृही होता है. यदि आपकी जन्मकुंडली में ऎसी स्थिति में हो तो :-
*
दूध, चावल, चाँदी, मोती एवं अन्य जलीय पदार्थों का दान कभी नहीं करें.
*
माता अथवा मातातुल्य किसी स्त्री का कभी भूल से भी दिल न दुखायें अन्यथा मानसिक तनाव, अनिद्रा एवं किसी मिथ्या आरोप का भाजन बनना पडेगा.
*
किसी नल, टयूबवेल, कुआँ, तालाब अथवा प्याऊ निर्माण में कभी आर्थिक रूप से सहयोग न करें. 

मंगल:-  मेष या वृश्चिक राशि में हो तो स्वराशि का तथा मकर राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. ऎसी स्थिति में:--
*
मसूर की दाल, मिष्ठान अथवा अन्य किसी मीठे खाद्य पदार्थ का दान नहीं करना चाहिए.
*
घर आये किसी मेहमान को कभी सौंफ खाने को न दें अन्यथा वह व्यक्ति कभी किसी अवसर पर आपके खिलाफ ही कडुवे वचनों का प्रयोग करेगा.
*
किसी भी प्रकार का बासी भोजन( अधिक समय पूर्व पकाया हुआ) न तो स्वयं खायें और न ही किसी अन्य को खाने के लिए दें.

बुध:- मिथुन राशि में तो स्वगृही तथा कन्या राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. यदि आपकी जन्मपत्रिका में बुध उपरोक्त वर्णित किसी स्थिति में है तो :--
*
हरे रंग के पदार्थ और वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए.
*
साबुत मूँग, पैन-पैन्सिल, पुस्तकें, मिट्टी का घडा, मशरूम आदि का दान न करें अन्यथा सदैव रोजगार और धन सम्बन्धी समस्यायें बनी रहेंगी.
*
न तो घर में मछलियाँ पालें और न ही मछलियों को कभी दाना डालें.

बृहस्पति:-  जब धनु या मीन राशि में हो तो स्वगृही तथा कर्क राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. ऎसी स्थिति में :--
*
पीले रंग के पदार्थों का दान वर्जित है.
*
सोना, पीतल, केसर, धार्मिक साहित्य या वस्तुएं आदि का दान नहीं करना चाहिए. अन्यथा "घर का जोगी जोगडा, आन गाँव का सिद्ध" जैसी हालात होने लगेगी अर्थात मान-सम्मान में कमी रहेगी.
*
घर में कभी कोई लतादार पौधा न लगायें.

शुक्र:-  जब जन्मपत्रिका में वृष या तुला राशि में हो स्वराशि तथा मीन राशि में हो तो उच्च भाव का होता है. अत ऎसी स्थिति में:--
*
ऎसे व्यक्ति को श्वेत रंग के सुगन्धित पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति के भौतिक सुखों में न्यूनता पैदा होने लगती है.
*
नवीन वस्त्र, फैशनेबल वस्तुएं, कास्मेटिक या अन्य सौन्दर्य वर्धक सामग्री, सुगन्धित द्रव्य, दही, मिश्री, मक्खन, शुद्ध घी, इलायची आदि का दान न करें अन्यथा अकस्मात हानि का सामना करना पडता है.

शनि:- यदि मकर या कुम्भ राशि में हो तो स्वगृही होता है तथा तुलाराशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. ऎसी दशा में :--
*
काले रंग के पदार्थों का दान न करें.
*
लोहा, लकडी और फर्नीचर, तेल या तैलीय सामग्री, बिल्डिंग मैटीरियल आदि का दान/त्याग न करें.
*
भैंस अथवा काले रंग की गाय, काला कुत्ता आदि न पालें.

राहु:- यदि कन्या राशि में हो तो स्वराशि का तथा वृष(ब्राह्मण/वैश्य लग्न में) एवं मिथुन(क्षत्रिय/शूद्र लग्न में) राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. ऎसी स्थिति में:--
*
नीले, भूरे रंग के पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए.
*
मोरपंख, नीले वस्त्र, कोयला, जौं अथवा जौं से निर्मित पदार्थ आदि का दान किसी को न करें अन्यथा ऋण का भार चढने लगेगा.
*
अन्न का कभी भूल से भी अनादर न करें और न ही भोजन करने के पश्चात थाली में झूठन छोडें.

केतु:- यदि मीन राशि में हो तो स्वगृही तथा वृश्चिक(ब्राह्मण/वैश्य लग्न में) एवं धनु (क्षत्रिय/शूद्र लग्न में) राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है. यदि आपकी जन्मपत्रिका में केतु उपरोक्त स्थिति में है तो :--
*
घर में कभी पक्षी न पालें अन्यथा धन व्यर्थ के कामों में बर्बाद होता रहेगा.
* भूरे, चित्र-विचित्र रंग के वस्त्र, कम्बल, तिल या तिल से निर्मित पदार्थ आदि का दान नहीं करना चाहिए.
*
नंगी आँखों से कभी सूर्य/चन्द्रग्रहण न देंखें अन्यथा नेत्र ज्योति मंद पड जाएगी अथवा अन्य किसी प्रकार का नेत्र सम्बन्धी विकार उत्पन होने लगेगा.


!!शुभमस्तु!!....



28 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामी1/26/2012 7:08 pm

    bahut gyanvardhak jankari hai..dhanyvaad

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  2. सर प्रणाम जानकारी तो जीवन की नई राह है लेकिन एक समास्या पर प्रकाश डालने की कृपा करे की जन्म कुंडली या प्रति वर्ष ग्रहो की चाल को भी देखा जाना चाहिए गणना लग्न से शुरू की जाती है या कोई और विधि हो तो बताए
    राम मिश्र
    शाहजहांपुर

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  3. गणना लग्न कुण्डली और गौचर के अनुसार होती है

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  4. 'शर्मा जी प्रणाम मेरा पुत्र शिवम डीओबी 21 02 2004 दोपहर के 11 03 का जन्म शाहजहांपुर में हुआ था दान क्या करे शिक्षा के साथ परिवार के लिए कैसा व्यावहार रहे गा मागदर्शन के लिए आप का आभारी राम मिश्र

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    1. 12 वर्ष तक की आयु तक कोई विशेष प्रभाव नही होता

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    2. सर जी हमारे ठेटे की
      ,शिक्षा कैसी रहगी आपकी महात्वपूर्ण राय के साथ बेटे के सुधार के लिए कुछ उपाय किए जाते जिससे भावीजीवन के कष्ट कम होजाए dob 21 feb 2004 समय 11 00am में shahjahanpur up में हुआ था

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    3. शर्मा जी हमारी कुंडली में पित्र दोष ऋण है तो उपाय बताने की कृपा करे क्या ये हमारे बच्चों की कुंडली में भी होगे
      राम मिश्र 21;30 25 03 1980 hardoi up
      आप के बताए गए रवि को फल और गुरू वार को पीले कपडे में चने की दाल का मदिर में दान का उपाय शुरू कर दिया है

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    4. प्रत्येक अमावस्या को किसी विद्वान ब्राह्मण को भोजन घे में आमंत्रित करके खिलाएं

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  5. SHARMA JI PRANAM, MERI DOB 30-5-1985 HAI BIRTH PLACE DELHI TIME EVENING MEIN 07:05 PM . MERI JOB KAB LAGEGI....

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    1. अक्टूबर 2013 से जॉब का योग आरम्भ हो रहा है

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  6. sharma ji pranaam. meri dob 30-5-1985/ time evening 07:05PM place delhi. meri job kab lagegi. bahut loss mein hain.

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    1. अक्टूबर 2013 से जॉब का योग आरम्भ हो रहा है गुरु महादशा में शनि की अन्तर्दशा चल रही है शनिवार प्रातः पीपल के पेड़ पर जल चड़ाये..और वृहस्पतिवार को पीला कपड़ा पहने शीघ्र लाभ होगा

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  7. Sir, mera naam pradeep dubey hai
    meri birthdate 13/01/1987 hai aur time 09.35 am hai
    mujhe kis cheej ka daan karna chahiye please bataye

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    1. अपना जन्म स्थान बताएं

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  8. sir namaste.mera name suresh h meri dob 6.10.1984 time 6.30 a.m place jamnagar Gujarat.meri job nai lag rhi or business karna h par problems hi aa rhe h.app kuch upay bataye.or muje Kya Dan karna chaie or Kya nai plz help

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    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार बिजनेस आपको नही करना चाहिए जॉब की ही कौशिश करें अक्तूबर के बाद अच्छा योग बन रहा है सोमवार सफेद वस्तुओं का दान करें तथा सूर्य देवता को सुबह अर्घ्य दें लाभ होगा

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  9. सर जी हमारे बेटे की
    ,शिक्षा कैसी रहगी आपकी महात्वपूर्ण राय के साथ बेटे के सुधार के लिए कुछ उपाय किए जाते जिससे भावीजीवन के कष्ट कम होजाए
    शिवम dob 21 feb 2004 समय 11 00am में shahjahanpur up में हुआ था
    और हमारी dob 25 march 1980 समय रात के 9 30 पर hardoi up मे हुआ था पिता पु़त्र के रिस्तो में ग्रहो का कोई आशुभ रोल तो नही अगर है तो उपाय बताकर अनुग्रित करे

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    1. जन्म कुंडली अनुसार शिक्षा अच्छी है और पिता - पुत्र का समबन्ध भी उत्तम रहेगा यह आज्ञाकारी बनेगा

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  10. सर जी प्रणाम
    हमारी जन्म तिथि 25 03 1980 समय 21 30 hardoi में हुआ था अनुरोध है कि वर्तमान में कुंडली में कौन सी दशा और अंतरदशा चल रही है; उपाय के साथ बताने की कृपा करे आशीर्वाद का आकांक्षी राम मिश्र

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    1. आपकी जन्मकुंडली अनुसार ४ अक्टूबर २०१३ तक केतु महादशा में सूर्य की अन्तर्दशा चल रही है केतु पंचम भाव में स्थित बुध के साथ स्थित होकर बुध के शुभ फल को हानि पहुंचा रहा है अतः पन्ना धारण कर लाभ उठायें

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  11. dear sir,
    sadar pranam apka post pad kar bahut acha laga kripa karke meri samasya ka bhi samadaan kare...meri job nahin lag rahi hai kafi samay se aur bahut pareshn hoon.meri details hai aryan kapoor dob ha 08/04/1978..3.40 am..amritsar.
    Kripa karke margdarshan karein.

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    1. आपकी जन्म कुण्डली के अनुसार सितम्बर 2013 के बाद समय शुभ है जॉब भी लगेगी

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  12. dear sir,
    sadar pranam apka post pad kar bahut acha laga kripa karke meri samasya ka bhi samadaan kare...meri job nahin lag rahi hai kafi samay se aur bahut pareshn hoon.meri details hai aryan kapoor dob ha 08/04/1978..3.40 am..amritsar.
    Kripa karke margdarsha karein
    thannx

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    1. आपकी जन्म कुण्डली के अनुसार सितम्बर 2013 के बाद समय शुभ है जॉब भी लगेगी

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  13. panditji namaskar,

    mera nam deepak kapoor hai..kripa karke mera marg darshan kare ki agar kisi ka chadrama uch rashi ka ho to use kya shivling par bhi doodh, dahi nahin chadan chaiye??aur agar kya dogs ko doodh pilaya jaye to kya woh bhi chandrama ko kamjor karta hai..
    dhanyavad

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप शिव लिंग पर दूध चड़ा सकते है इससे चंद्रमा कमजोर नही होगा और कुत्ते को नही पिलाना

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  14. panditji namaskar,

    mera nam deepak kapoor hai..kripa karke mera marg darshan kare ki agar kisi ka chadrama uch rashi ka ho to use kya shivling par bhi doodh, dahi nahin chadan chaiye??aur agar kya dogs ko doodh pilaya jaye to kya woh bhi chandrama ko kamjor karta hai..
    dhanyavad

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    1. आप शिव लिंग पर दूध चड़ा सकते है इससे चंद्रमा कमजोर नही होगा और कुत्ते को नही पिलाना

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