जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

सोमवार, 13 फ़रवरी 2012

महा शिवरात्रि को अपनी राशि अनुसार शिव का अभिषेक करें...









धर्म ग्रंथों के अनुसार महा शिवरात्री में की गई शिव पूजा से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं इसलिए महा शिवरात्री में अलग-अलग तरीकों से शिव उपासना कर भगवान शिव की कृपा पाने की इच्छा रखते हैं। 

ज्योतिष के अनुसार महा शिवरात्री में राशि के अनुसार शिव पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव स्वभाव से भक्तो के लिए भोले भाले है, 

अतः भक्त को अपने भाव भी सरल और भोला रखना चहिये इसी स्वभाव से यदि हम भगवान आशुतोष का पूजन करते है तो अति शीघ्र लाभ प्राप्त होने लगेगा

भगवान शिव सबका कल्याण करें ऐसी भावना अपने मन में धारण करें,


राशि के अनुसार शिवजी की पूजा इस प्रकार करें-   



मेष- गुड़ के जल से अभिषेक करें । मीठी रोटी का भोग चढ़ाएं। लाल चंदन व कनेर की फूल से पूजा करें।




फल- भूमि, भवन आदि अचल संपत्ति प्राप्त होगी।





वृष- दही से अभिषेक करें। शक्कर, चावल, सफेद चंदन व सफेद फूल से पूजा करें ।





फल- परिवार में सुख-शांति आएगी।





मिथुन- गन्ने के रस से भगवान का अभिषेक करें। मूंग, दूब और कुशा से पूजा करें। 





फल- धन लाभ होगा।





कर्क- घी से अभिषेक कर चावल, कच्चा दूध, सफेद आक व शंखपुष्पी से शिवलिंग की पूजा करें।





फल- व्यक्तित्व विकास होगा। चिंता का नाश होगा।





सिंह- गुड़ के जल से अभिषेक कर गुड़ व चावल से बनी खीर का भोग लगाएं। मंदार के फूल से पूजा करें। फल- आत्मसुख मिलेगा। बिगड़े काम बन जाएंगे।





कन्या- गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें। भगवान शंकर को भांग, दूब व पान अर्पित करें। 



फल- रोजगार के अवसर मिलेंगे।





तुला- सुगंधित तेल या इत्र से भगवान का अभिषेक कर दही, शहद व श्रीखंड का भोग लगाएं। सफेद फूल से शिवजी की पूजा करें। 



फल- कार्य में आ रही बाधाएं दूर होंगी।





वृश्चिक- पंचामृत से अभिषेक करें। मावे की मिठाई का भोग लगाएं। लाल फूल से भगवान की पूजा करें।



फल- धन लाभ होगा।





धनु- हल्दी युक्त दूध से अभिषेक कर बेसन की मिठाई का भोग लगाएं। पीले फूल से शिवजी की पूजा करें।



फल- रोगों से मुक्ति मिलेगी।





मकर- नारियल पानी से अभिषेक कर उड़द से बनी मिठाई का भोग लगाएं। गेंदे के फूल चढ़ाएं। 



फल- विवाह के लिए रिश्ते आएंगे।





कुंभ- तिल के तेल से अभिषेक कर मिठाई का भोग लगाएं । शमी के फूल से शिवजी की पूजा करें।



फल- प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी।





मीन- केसरयुक्त दूध से शिवजी का अभिषेक कर दही-चावल का भोग लगाएं। पीली सरसों और नागकेसर से पूजा करें।



फल- परिवार में प्रेम बढ़ेगा।


भगवान शिव आरोग्य के देवता हैं। वे सभी बीमारियों से मुक्ति दिलाते हैं। यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं और काफी इलाज करवाने के बाद भी आपका रोग ठीक नहीं हो रहा हैं तो सावन में यह टोटका करें। शीघ्र ही शिवजी की कृपा से आपका रोग दूर हो जाएगा।


---:महा शिवरात्रि को गोमती चक्र का यह टोटका करके स्वास्थ्य लाभ उठायें :---


 महा शिवरात्री को सात गोमती चक्र  लेकर सफेद रेशमी वस्त्र पर रखकर सफे द चंदन से तिलक करें। 


उसमें से चार को उठाकर किसी सुनसान इलाके में जाकर एक को अपने ऊपर से उतारकर पीछें फेंक दें। 

बाकि बचें तीन चक्रों को शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर अर्पित करें व रोग मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

शेष तीन गोमती चक्र को चांदी के  तार में बांधकर अपने पलंग पर बांध दें ।

इस प्रयोग से कुछ ही समय में आपके स्वास्थ्य में परिवर्तन आने लगेगा।

साथ ही प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र की एक माला का जप करें।


शुभमस्तु !!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में