जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

सोमवार, 19 मार्च 2012

वास्तु द्वारा भाग्य वृद्धि करें....




प्रत्येक व्यक्ति की ईच्छा होती है कि उसका भाग्य अच्छा हो और जीवन में अधिक से अधिक सफलता प्राप्त हो, इसके लिए वो प्रयास भी करता है. 

कर्म और धर्म का भी सहारा प्राप्त करने की कोशिश करता है, जीवन में बहुत बार उसे सफलता भी मिलती है. और कई बार असफलता का मुंह भी देखना पड़ता है.

भाग्य का मार्ग अधिकतर जॉब/ कैरियर के द्वारा ही खुलता है. यदि हमारा जॉब या व्यवसाय अच्छे परिणाम दे रहा है तो जीवन में किसी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं होती है अगर कोई समस्या हो भी गयी तो शीघ्र दूर हो जाती है. 

अच्छे भाग्य का तात्पर्य अच्छा धन, अच्छा स्वास्थ्य और अच्छा यश व् सम्मान यही एक अच्छे भाग्य का स्वरुप होता है इसे ही प्राप्त करने के लिए मानुष जीवन में शुभ और अशुभ कर्म करने को तत्पर रहता है. 

और इसके लिए बहुत से उपाय उपलब्ध है आज हम फेंग शुई के उपाय का विवरण आपको दे रहे है इन उपाय के द्वारा भी आप अपने भाग्य की वृद्धि कर सकने में सक्षम हो जायेंगे.

यदि आपकी उन्नति या वेतन वृद्धि या वार्षिक उन्नति promotion or increment  मिलने में देरी हो रही है या किसी कारण वश नहीं मिल पा रही है, और आपके जूनियर आपसे आगे निकल रहे है तो यह अवश्य ध्यान दे 

कि..आपका बिस्तर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर नहीं होना चाहिए, यदि उत्तर- पश्चिम अर्थात वायव्य कोण में आपका बिस्तर है तो आपको जीवन में उन्नति के मार्ग में अनावश्यक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. 

सब कुछ होते हुए भी परिणाम आपके विरुद्ध जाएगा या विलंबता के साथ आपको प्राप्त होगा.

अतः सफलता प्राप्त करने के लिए हमेशा दक्षिण- पश्चिम अर्थात नैॠत्य कोण में अपना बिस्तर लगाना चाहिए और शयन कक्ष में जूते-चप्पल आदि भूल कर भी नहीं रखें. इसके अलावा आर्थिक उन्नति प्राप्त करने के लिए बिस्तर में भोजन नहीं करना चाहिए.

यदि विदेश में सफलता प्राप्त करनी है या आयात – निर्यात से सम्बंधित कार्य में सफलता प्राप्त करनी है तो अपने आर्यालय के मेज के वायव्य कोण में एक शंख और एक ग्लोब रखें तथा ग्लोब को प्रतिदिन तीन से चार बार घुमाया जाए तो विदेशों से भी सहयोग प्राप्त होता है और लाभ मिलता है.

यदि आपके ऑफिस का द्वार दक्षिण की ओर या दक्षिण – पश्चिम की तरफ है तो द्वार पर एक चांदी या ताम्बे का स्वास्तिक स्थापित करें.

यदि आपके ऑफिस का मुख्य द्वार दक्षिण – पूर्व है तो चांदी का स्वास्तिक नौ उँगल लम्बाई और नौ उँगल चौड़ाई का द्वार पर स्थापित करें.

अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए और अपने क़र्ज़ को उतारने के लिए उत्तर दिशा में पीले फूलों का गुलदस्ता हमेशा रखें.

शास्त्र अनुसार भोजन बनाते समय आप जिस दिशा में खड़े हैं उसकी शक्ति को, पका हुआ भोजन अवश्य ग्रहण करेगा। 

भोजन बनाते समय की आदर्श स्थिति यह है  कि आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर हो। 

अगर आपका मुंह दक्षिण की ओर है तो घर की महिलाओं को समस्याएं आ सकती हैं। 

और अगर दक्षिण पश्चिम की ओर मुंह है तो घर की सुख-शांति पूरी तरह से भंग हो जाएगी। 

पश्चिम की ओर मुंह करके भोजन पकाने से त्वचा व हड्डी संबंधी रोग हो सकते हैं यदि उत्तर की ओर मुंह करके भोजन पकाया जाए तो आर्थिक हानि होने का भय रहता है। 

अगर रसोई उत्तर-पश्चिम में तो भी बेहतर यही होगा कि खाना बनाते समय पूर्व की ओर मुंह करके खड़े हों।
यदि आपकी रसोई उत्तर दिशा की ओर है तो मुट्ठीभर साबुत धनिया पीले कपड़े में बांधकर रसोई की उत्तर दिशा में रख दें.

अपने भवन की दक्षिण - पश्चिम दिशा हमेशा भारी रखें.

ऐसा नियमित रूप से करने पर आपकी आर्थिक स्थिति में अप्रत्याशित सुधार होना आरम्भ हो जाएगा तथा भाग्य की वृद्धि होगी...

शुभमस्तु !!




4 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामी7/28/2012 2:02 pm

    ghar ko banwate samy khudai kis disha se shuru karni chaheye.
    or
    neev me kin kin vastuo ko dabana chaheye jisse ghar me shukh samrdhi bani rahe.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. घर बनवाते समय सबसे पहले आप अपनी जन्मकुंडली अर्थात घर के मुखिया की जन्मकुंडली अनुसार मुहूर्त और शनि की स्थिति देखें उसके उपरान्त ही घर बनाने की शुरुआत करें तदुपरांत जो ग्रह आपके अनुकूल हों उसी के अनुसार वस्तुओं को दबाना चाहिए यदि आपने अपने उच्च ग्रहों की वस्तुओं को दबा दिया तो हानि भी हो सकती है

      हटाएं
  2. ghar ko banwate samy khudai AGNI KON(PURV OR DAKSHIN KE BICH) disha se shuru karni chaheye. JIS SE GHAR BAN NE ME BADHA YE NAHI AATI

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. अग्नि कोण से ही शास्त्र आज्ञा देता है लेकिन उससे पूर्व ईशान कोण में जल का स्थान अवश्य बना ले

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में