जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 2 जनवरी 2013

सपने कितने सच्चे, कितने झूठे.....




मनुष्य तीन अवस्थाओं में रहता है, जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति. सुषुप्तावस्था में मनुष्य का शरीर और मन दोनों विश्राम करते है और क्रियाहीन रहते है.

जबकि स्वप्नावस्था में शरीर विश्राम करता है और मन यत्र – तत्र विचरण करता रहता है.
इनमें कुछ सपने सच्चे और कुछ सपने झूठे अर्थात व्यर्थ होते है..... 



1:- हम जितने स्वप्न देखते है, उनमें से एक – दो प्रतिशत स्वप्न ही सही घटित होते है, शेष स्वप्न निष्फल होते है. 
                     
2:- यदि आप प्रातःकाल कोई शुभ स्वप्न देखें तो उसके बाद तुरंत जाग/उठ जाए और उस स्वप्न के बारें में किसी से चर्चा ना करें. तभी स्वप्न प्रभावी होगा. अन्यथा शुभ स्वप्न होते हुए भी निष्फल होगा.

3:- यदि कोई अशुभ स्वप्न प्रातःकाल देखे तो पुनः एक झपकी ले लें, थोड़ी देर बाद जाग / उठ कर उस स्वप्न की कुछ चर्चा जरुर करें. ऐसा करने से अशुभ स्वप्न निष्प्रभावी हो जाएगा.


4:- रात्री के प्रथम, द्वितीय या तृतीय प्रहर में झो स्वप्न आते है, उनका कोई फल नही होता है.

5:- स्वप्न में एक साथ अनेक घटनाएं, अनेक वस्तुएं, अनेक दृश्य, अनेक प्राणी दिखाई दे तो उन सभी का तारतम्य मिलाकर स्वप्न का शुभ या अशुभ फल स्वयं निधारित कर सकते है. किसी एक घटना, एक वस्तु या एक दृश्य को आधार ले कर नही.

6:- जब मनुष्य शुभ या अशुभ स्वप्न साथ - साथ देखें, ऐसे में अंत में देखि गई घटना या वस्तु का फल सही माना जाएगा.

7:- आपने कोई घटना देखी, सुनी या सोची है अथवा आप शारीरिक या मानसिक रूप से रोगी है, चिंतातुर है, कामातुर है या किसी नशीली वस्तु का सेवन किया है- तो इन अवस्थाओं में भी देखा गया स्वप्न निष्फल होता है.

8:- कई दृश्य या वस्तुएं जो प्रत्यक्ष जीवन में अशुभ है, वे स्वप्न में शुभ भी हो सकती है. इसी प्रकार प्रत्यक्ष में जो दृश्य या घटनाएं शुभ है – उन्हें स्वप्न में देखना अशुभ भी हो सकता है. मसलन स्वप्न में अपनी ही मौत देखना, पितरों को देखना, अपने शरीर पर चोट – घाव या खून देखना शुभ है और हंसना, नाचना, गाना आदि देखना अशुभ है. कंगन देखना भी अशुभ होता है.

9:- एक ही वस्तु या घटना का स्वप्न के स्वरूप के अनुसार फल बदल जाता है. जैसे किसी शस्त्र से अपने शरीर पर घाव देखना शुभ है. परन्तु छुरा देखना शुभ  नही है. इसी प्रकार सांप आपके दाहिने हाथ में कांटे या सफ़ेद सांप देखना शुभ है. किन्तु स्वप्न में आप सांप को मारे तो यह अशुभ है.

स्वप्न सत्य होते है या झूठ ??

इस प्रश्न पर विवाद करना व्यर्थ है. इतिहास में हजारों ऐसे प्रमाण उपलब्ध है, जिनमें स्वप्न अक्षरशः सत्य सिद्ध हुए है...

शमी वृक्ष की पूजा करने से अशुभ स्वप्नों की शान्ति होती है. और शमी वृक्ष की लकड़ी पलंग में सिरहाने के नीचे रखने से अशुभ और डरावने स्वप्न नही आते हैं.

इसके अलावा अशुभ स्वप्न देखने पर श्री हनुमान चालीसा व् श्री राम चरित मानस  का पाठ करने से भी शान्ति होती है.

!!!!शुभमस्तु!!!!

8 टिप्‍पणियां:

  1. mujhe sapne dog jor jor se bhok raha hai is kya matlab haij

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    1. कुत्ते का जोर जोर से भोंकना इसका अर्थ है कि आप शत्रुओं से सावधान रहें..

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  2. sapne me curant lagne ka kya matlb hota hai pandit g

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    1. किसी पारिवारिक वाद विवाद की संभावना है

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  3. mene sapne main ladke ko janam diya or mere gr ke SBI khush n mere Dada ji b aaye h Jo pure ho chuke h vo b bhot khush the

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    1. आपके द्वारा देखा गया स्वप्न शुभ है जल्दी कोई ख़ुशी का समाचार मिलेगा

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