जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 31 जनवरी 2013

वास्तु द्वारा विवाह की बाधाएं दूर करें......




हमें प्राप्त होने वाले सुख-दुख काफी हद तक हमारे घर के वास्तु पर भी निर्भर करते हैं। यदि जहां हम रहते हैं उस स्थान  या घर पर वास्तु दोष हों तो लाख कोशिशों के बाद भी सफलता मुश्किल से ही प्राप्त होती है। 

जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है और पारिवारिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इन अशुभ प्रभावों के चलते ध्यान रखना चाहिए कि घर में कोई वास्तु दोष न हो।

मनुष्य जीवन के 16 संस्कार मुख्य रूप से बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है विवाह। विवाह के संबंध में ऐसा माना जाता है कि जोडिय़ां भगवान ही बनाते हैं और शादी का समय भी भगवान द्वारा ही तय किया जाता है।

कई युवाओं की शादी बहुत विलंब से होती हैं। इसके पीछे भी वास्तु दोष एक कारण हो सकता है। इसी वजह से विवाह योग्य लड़के और लड़कियों का कमरा वास्तु के अनुसार ही बनाया और सजाया जाना चाहिए।

कुंवारे लड़के और लड़कियों के कमरे में मुख्य रूप से काला रंग नहीं होना चाहिए। इनके कमरे में काले रंग के परदे, काले रंग के दरवाजे, काली अलमारियां, काली खिड़कियां, टेबल, बेड या पलंग आदि सभी आवश्यक वस्तुएं काले रंग की नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर विवाह योग्य लड़के और लड़किया की शादी में कई बाधाएं आती हैं। 
विवाह प्रस्ताव नहीं आते हैं और यदि आते भी हैं तो बात पक्की नहीं हो पाती है। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इससे नेगेटिव एनर्जी अधिक एक्टिव हो जाती है और बुरा प्रभाव देती है। इस वजह से विवाह योग्य युवाओं को कमरे में काले रंग से परहेज करना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगलदोष है तो उसे कमरे में अधिक से अधिक लाल या गुलाबी रंग की वस्तुएं रखनी चाहिए। इससे विवाह में आ रही रुकावटें स्वत: दूर हो जाएंगी। इसके अलावा कुंडली में यदि अन्य किसी ग्रह बाधा की वजह से विवाह में विलंब हो रहा हो तो उसका उचित उपचार किया जाना चाहिए। 

विवाह सम्बंधित व्यवधान में गृह वास्तु की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसा देखने में आया है की वास्तु दोष भी योग्य कन्या / युवक के विवाह में अड़चन पैदा करता है.  अतः यदि आपकी भी समस्या भी कुछ ऐसी है तो यह  उचित होगा की आप भी  निम्नलिखित छोटे-छोटे वास्तु उपाय को अपना कर देखे.  बहुत मुमकिन है की आपकी समस्या का हल हो जायेगा.

ऐसे युवक / युवती जो विवाह योग्य है और विवाह में अड़चने आ रही ही तो वैसे  युवक-युवतियों को घर में उस कमरे में रहना चाहिए जो उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है  ।  उनका कमरा और  दरवाजा का रंग गुलाबी, हल्का पीला, सफेद(चमकीला) करवाएं जाय ।  यदि  कुंडली में मंगल दोष की उपस्तिथि के कारण विवाह में विलंब होना सिद्ध हो  रहा हो तो उनके कमरे के दरवाजे का रंग लाल अथवा गुलाबी रखना ही उत्तम होगा।  ऐसे युवक/ युवती जिस पलंग पर सोते हों उसके नीचे लोहे की वस्तुएं या व्यर्थ का सामान नहीं रखना चाहिए।


नैरित्य कोण उपस्तिथ दोष विवाह में अवरोध और  वैवाहिक जीवन में बाधा उत्पन्न करता है.  यदि  नैरित्य कोण में रसोई या  शौच   का कार्य हो,  नैरित्य कोण दूषित हो जता है.  इसके अलावा यदि इस कोण में  सेप्टिक टेंक हो,  अंडर  ग्राउंड पानी की टंकी हो, .कुआं होबोर हो, मुख्य प्रवेश द्वार हो तो भी वास्तु दोष उत्त्पन्न होता है.  अतः विवाह सम्बन्धी बातों की नियमितता के लिए यह आवश्यक है की इन तथ्यों की ओरे भी ध्यान दिया जाय. 



विवाहोपरांत यदि संतान सम्बन्धी बातों को लेकर परेशानी पैदा हो रही हो तो इशान कोण के वास्तु को शुद्ध करें.  देखें कही इशान कोण में कोई ऊँचा और भारी  निर्माण कार्य जैसे सीढ़ी आदि तो नहीं है या यह  कोण  कहीं बंद तो नहीं है.  इस कोण में  सेप्टिक टेंकशौचालय किचन,  ओवर हेड टेंक  आदि की उपस्तिथि वास्तु दोष करक है.   



शुभमस्तु !!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में