जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

वास्तु द्वारा परिवारिक सम्बन्ध सुधारें.....



घर-परिवार के सदस्यों में हमेशा प्रेम बना रहे, सभी एक-दूसरे के साथ खुश रहे

इसके हम कई प्रकार के प्रयास करते हैं। 

घर के लोगों में एकता बनी रहे इसके लिए वास्तु शास्त्र में सटीक उपाय बताया गया है- 

परिवार के सभी सदस्यों की एक बड़ी फोटो।
सभी के घरों में सभी सदस्यों की ग्रुप फोटो अवश्य ही रहती है।

इस तरह की फोटो भी प्रेम और खुशी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

वास्तु के अनुसार घर में अच्छे पलों को दर्शाती 

ग्रुप फोटो अवश्य ही लगानी चाहिए। 
यह फोटो बड़ी साइज की होना चाहिए तथा इसे घर में पूर्वी दीवार पर लगाएं। 

इस फोटो की सुंदर फ्रेम बनवाएं। लकड़ी की फ्रेम शुभ रहती है। इस फोटो में सभी सदस्यों के चेहरे पर खुशी झलकती रहना चाहिए। 

जब भी इस फोटो को कोई भी देखेगा तो उसके मन में सभी के लिए प्रेम  बढ़ेगा और उसका मन प्रसन्न होगा।
वास्तु के अनुसार इस तरह की छोटी-छोटी बातें ही परिवार में एकता बनाए रखती है 

और घर में लड़ाई-झगड़े तथा क्लेश नहीं होते, मनमुटाव नहीं रहता।

रिश्तों की मजबूती के लिए जरूरी है कि सभी में परस्पर प्रेम रहे। सभी रिश्तों के बीच प्रेम बढ़ाने में घर का वातावरण सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

घर का वातावरण ऐसा रखें जिससे परिवार के सभी सदस्यों का मन शांत रहे। वास्तु के अनुसार बताई गई बातों को अपनाने से घर में ऐसा वातावरण निर्मित हो सकता है।

वास्तु में एक महत्वपूर्ण बात बताई गई है कि घर में कहीं भी धूल या गंदगी नहीं रहना चाहिए। पूरा घर साफ और स्वच्छ रहेगा तो वहां रहने वाले लोगों को असीम शांति और सुख की प्राप्ति होगी। वास्तु के अनुसार घर में धूल-गंदगी होने से रिश्तों में भी धूल की परत चढ़ जाती है। इसका मतलब यही है कि परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रेम कम हो जाता है। इससे बचने के लिए घर और घर में रखी प्रेम की प्रतीक हर वस्तु को धूल से मुक्त रखें। ऐसी वस्तुओं पर धूल की परत रिश्ते पर धूल की परत का प्रतीक बन जाती है।

साथ ही धूल नकारात्मक ऊर्जा को संचारित करती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है। घर में फैली धूल स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियों को बढ़ावा देती है। ऐसा कहा जाता है जहां जिस घर में धूल रहती है वहां गरीबी का वास हो जाता है और धन की देवी महालक्ष्मी उस घर में निवास नहीं करती है। इन्हीं कारणों के चलते घर को एकदम साफ और धूल मुक्त रखने की बात कही जाती है।

घर, जहां आकर हमारा मन बहुत सी परेशानियां होते हुए भी शांत हो जाता है। 

घर में हमें असीम सुख की प्राप्ति होती हैं। 

घर का वातावरण ही हमारे मन और विचारों को प्रभावित करता है। जैसा हमारे घर का वातावरण होगा वैसे ही हमारे विचार होंगे। कई घरों में लड़ाई-झगड़े, क्लेश आदि होता है, कई बार इन समस्याओं की वजह वास्तुदोष भी होता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की हर वस्तु हमें पूरी तरह प्रभावित करती है। घर की दीवारों का रंग भी हमारे विचारों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। हमारे घर का जैसा रंग होता है, उसी रंग के स्वभाव जैसा हमारा स्वभाव भी हो जाता है। इसी वजह से घर की दीवारों पर वास्तु के अनुसार बताए गए रंग ही रखना चाहिए।

रंगों का भी रिश्तों पर खासा असर होता है। घर की दीवारों के लिए हल्का गुलाबी, हल्का नीला, ब्राउनिश ग्रे या ग्रेइश येलो रंग का ही प्रयोग करें। ये रंग शांत और प्यार को बढ़ाने वाले हैं।

कहां कैसे रंग करें-

ड्राइंग रूम में सफेद, पिंक, क्रीम या ब्राऊन रंग श्रेष्ठ रहता है।

बेडरूम में आसमानी, पिंक या हल्का हरा रंग करवाना चाहिए।

डायनिंग रूम में पिंक, आसमानी या हल्का हरा रंग शुभ फल देता है।

कीचन में सफेद रंग सबसे अच्छा रहता है।

स्टडी रूम में पिंक, ब्राऊन, आसमानी या हल्का हरा रंग रखें।


शुभमस्तु !!

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