जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

घर का दरवाजा...भाग्य का कारक....



हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं दरवाजे। 


क्या आप जानते हैं दरवाजे किस्मत चमका भी सकते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं। 

जी हां... 


किसी भी घर के लिए यह जरूरी है कि दरवाजे किसी भी प्रकार से टूटे हुए नहीं होना चाहिए। 

घर के दरवाजे सुंदर और आकर्षक होने चाहिए। 


इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों की कारण मौजूद हैं। 

दरवाजे ही हमारे घर की वास्तविक स्थिति बता देते हैं। 

यदि किसी व्यक्ति के घर के दरवाजे टूटे हुए हैं तो अधिकांश परिस्थितियों में ऐसा होता है.. 

कि उस घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं रहती है। 

टूटे दरवाजे नकारात्मक ऊर्जा को अधिक सक्रिय कर देते हैं... 


और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रोक देते हैं। 

ऐसे घर में रहने वाले लोगों के विचार भी नेगेटिव ही रहते हैं। 


ऐसे दरवाजे की वजह से किसी भी कार्य को करने से पहले उस कार्य में असफलता का ख्याल पहले हमारे दिमाग में आता है। 

जिससे आत्मविश्वास में कमी आती है और कार्य बिगडऩे की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। वास्तु के अनुसार भी टूटे दरवाजे वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं। 


धर्म के अनुसार देखा जाए तो महालक्ष्मी उसी घर में सदैव निवास करती हैं जिस घर में साफ-सफाई, स्वच्छता के साथ ही सुंदरता भी हो। 

यदि घर में प्रवेश कराने वाला दरवाजा ही टूटा हुआ होगा तो ऐसे घर में महालक्ष्मी की कृपा की कमी रहती है। 

इन्हीं कारणों के चलते हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर के सभी दरवाजे सुंदर और व्यवस्थित रहें।








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