जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

लाल किताब अनुसार वास्तु......




घर का मुख्य द्वार यदि पूर्व दिशा में हो तो सबसे उत्तम फल देगाव्यक्ति खुशनसीब होगा।

घर का मुख्य द्वार यदि पश्चिम दिशा में हो तो भी उत्तम फल देगाइसी तरह उत्तर दिशा का मुख्यद्वार भी शुभ माना गया है। नेकीलम्बे सफ़रपूजा पाठशुभ कार्य आदि के लिए उपरोक्त तीनो दिशायोंके द्वार अति शुभ फलदायी हैं।

दक्षिण दिशा की तरफ का मुख्य द्वार अशुभ फल देने वाला माना गया हैखासकर जिस व्यक्ति कीकुंडली में शनि भाव नंबर  में हो तो उसके लिए विशेष अशुभ फलदायी होगाऐसे घर में वास करनेवाले कोई सुख नहीं पातेऐसा घर अग्निकुंड समान अर्थात बहुत अशुभ फलदायी माना गया है।

शहतीरगर्डर या छत में डाले जाने वाले बीमघर में प्रवेश करते समय एक ही दिशा में पैरलल होनेचाहिए जो की शुभ हैं। अगर सोते वक़्त काटती हुई शक्ल में हो तो अशुभ फलदायी माने गए हैं।

व्यक्ति का अपना सिंहासन (आफिसया घर की बैठक पूर्व दिशा की ओर दिवार के मध्य भाग में याफिर अग्निकोण (दक्षिण-पूर्वमें होना चाहिए।

पानी की जगह  पूजा पाठ का स्थान ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए।
 
अग्नि  चूल्हे का स्थान अग्निकोण अर्थात दक्षिण-पूर्व दिशा में शुभ है।
 
घर से बाहर जाते वक़्त पानी का स्रोत दायें तरफ शुभ फलदायी होगा।

और अग्नि बायीं तरफ पीठ पीछे ही शुभ मानी गयी है।

१०मेहमान के रहने का स्थान उत्तर पश्चिम दिशा में शुभ है।
 
११सबसे ज़रूरी धन आदि रखने के लिए दक्षिण पश्चिम दिशा बहुत शुभ मानी गयी है।

१२- घर के नज़दीक या घर के अन्दर ही (दीवार में नहीं) घर की ज़मीन में यदि पीपल का पेड़ हो तो अगर उसकी सेवा या उसकी जड़ों को पानी नहीं दिया जायेगा तो जहाँ तक भी उस पीपल का साया पड़ेगा तबाही और बर्बादी होगी
 
१३- इसी तरह यदि घर के नज़दीक या घर के अन्दर ही कुआँ हो तो उसमे भी श्रद्धा से कभी कभार मीठा या दूध आदि डालते रहे, बुरी बलाओं से बचाव होता रहेगा।
 
१४- घर में कीकर का पेड़ भूलकर भी न लगायें, लाव्ल्द (बेऔलाद) किये बिना नहीं छोड़ेगा, खासकर नर औलाद पर भारी होगा या होने ही नहीं देगा। यदि पहले से लगा हो तो उसकी सेवा करे व पानी आदि देते रहें।  

१५- कब्रिस्तान या शमशान भूमि पर बना हुआ घर व्यक्ति को बेऔलाद या ऐसा व्यक्ति दत्तक पुत्र ही रखेगा उसकी अपनी औलाद (लड़का) ना होगी।
 
१६- बंद गली का आखरी घर रहने के लिए बिलकुल ना ले, ऐसे घर में औरत व बच्चों की कभी बरकत ना होगी, निहायत मनहूस, बद हवा या बुरी रूह का साया होगा, हर समय मुसीबत गले रहेगी। 

१७- रात को सोते समय सर पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए, सेहत व अन्य बातों में नेक असर होगा।  
 
शुभमस्तु !!

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