जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

रविवार, 24 मार्च 2013

काला कुत्ता व् कौआ देंते है..संतान सुख....


कुत्ते को धर्मग्रंथों में बहुत अधिक महत्व दिया है साथ ही कौआ को भी उतना ही धार्मिक महत्व प्राप्त हुआ है. पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध आदि एवं अमावस्या आदि पर्व में तो इनकी पूजा व् इनको भोजन खिलाने का अत्यधिक महत्व आपके सामने है.

भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी कुत्ता और कौआ एक महत्वपूर्ण पशु है. यह बात वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध हो चुकी है कि ..काला कुता जहां भी हो उस स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा नही ठहरती है.इसका कारण है कि ज्योतिष के अनुसार काले कुत्ते पर एक साथ दो शक्तिशाली ग्रह शनि और केतु के प्रभाव होते है.





काले कुत्ते की तरह कौआ भी धर्मं ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र अनुसार शुभ फल देने वाला पक्षी माना गया है.
झूठा भोजन और कर्कश आवाज़ के कारण भले ही इसे हम निकृष्ट पक्षी कहते है, किन्तु प्राचीन शास्त्रों के अनुसार कौआ ही ऐसा एक मात्र पक्षी है, जिसने अमृत कलश से छिलक कर गिरे अमृत का पान किया था.इसे यम का दूत भी कहा जाता है. माना जाता है कि यह आकाश मार्ग द्वारा यमलोक तक भी पहुँचने की अभूतपूर्व क्षमता रखता है, और पृथ्वी पर रहने वालों की प्रत्येक खबर यमराज तक पहुंचाता है.

शास्त्रों में कहा गया है कि जिसकी जन्मकुंडली में पितृ दोष होता है,. उन लोगो को संतान सुख में बाधा का सामना करना पड़ता है. कौए को भोजन देने से पितृ गण प्रसन्न हो जाते है.और इससे पितृ दोष का प्रभाव कम हो जाता है.

शास्त्रों के अनुसार इसका कारण यह है कि पितृ पक्ष में पितृ गण भी कौए के रूप में पृथ्वी पर विचरण करते है और अपने वंशजो द्वारा ब्राह्मण भोजन करवाने के बाद और कौए को भोजन से इन्हें मुक्ति मिलती है,

ज्योतिष शास्त्र अनुसार पुत्र संतान पर केतु का प्रभाव बताया गया है केतु की अशुभ स्थिति में होने पर पुत्र संतान सुख पर बाधा आती है, यदि पुत्र हो भी जाए तो उससे सुख नही मिलता है. लाल किताब ज्योतिष अनुसार संतान सुख में बाधा आने पर काला कुत्ता अथवा काला  और सफेद मिला जुला कुत्ता पालना चाहिए.इससे संतान सुख व् संतान से सुख की प्राप्ति होती है. यह उपाय संतान के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत सिद्ध है....



शुभमस्तु !!!

8 टिप्‍पणियां:

  1. mahraj ji pranam kya hamari kundali me pitar dos ya rid hai to kuaye ki seva se shani mahraj aur rahu ke kalsharp yog se rahat mil sakti hai 25 march 1980 t.21:30 hardoi

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी हाँ ...कौवे और कुत्ते की सेवा तो प्रत्येक मनुष्य के लिए लाभकारी होती है

      हटाएं
  2. ashub bhav me hone se koi galat prabhav to nahi padata hai kya sab ko seva se pahle rahu ketu ki isthit dekhna hota hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कुत्ते और कौवा की सेवा प्रत्येक मनुष्य को करनी चाहिए इसमें राहू तथा केतु की स्थिति जानना आवश्यक नही है

      हटाएं
  3. ashub bhav me hone se koi galat prabhav to nahi padata hai kya sab ko seva se pahle rahu ketu ki isthit dekhna hota hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कुत्ते और कौवा की सेवा प्रत्येक मनुष्य को करनी चाहिए इसमें राहू तथा केतु की स्थिति जानना आवश्यक नही है

      हटाएं
  4. शर्मा जी प्रणाम
    आप ने हमे पन्ना धारण करने के लिए कहा था जिसमें बुधवार की प्रात बुध की होरा में जबकि आपकी एक पोस्ट में बुध्र की होरा का समय दोपहर 12 से 1 बजे होती है लिखा था आप से समझने के प्रयास में हम से कोई गलती हो रही तो उसकी माफी चाहेगे
    राम मिश्र
    एसपीएन यूपी

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपने होरा का लेख ध्यान से नही पढ़ा है वार के स्वामी की होरा सूर्योदय से आरम्भ होती है लेख में जो आपने पढ़ा है वो सोमवार के हिसाब से है .....बुधवार के नही इसलिए बुधवार या कोई भी वार हो सूर्योदय से एक धनते तक वार के स्वामी की ही होरा होती है

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में