जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 7 मार्च 2013

लाल किताब और यात्रा....




सफ़र हो या ट्रांसफर बात एक ही है यानि जगह में बदलाव,स्थान परिवर्तन आदि। कई बार तो यह बदलाव खुशियों का पैगाम लेकर आता है तो कई बार उदासी।यदि सफ़र हो और अपनी मर्ज़ी से हो तो व्यक्ति खुश होता है और यदि ट्रांसफर हो और अचानक मर्ज़ीके खिलाफ हो तो ज़ाहिर है उदासी ही होगी। इंसानी फितरत है की व्यक्ति जहाँ रहता है उस जगह सेलगाव हो ही जाता हैऐसे में अचानक किसी दूसरी जगह जाना पड़े और वो भी अपनी मर्ज़ी के खिलाफतो मन में उदासी का होना कोई अचरज नहींकई तरह के सवाल मन में पैदा होते हैंनयी जगह कैसीहोगीनए लोग कैसे होंगेबच्चों के स्कूल की चिंतानयी जगह मन लगेगा भी या नहीं आदि आदि।मगर जाना तो पड़ेगा ही क्या करे मजबूरी जो है। आईये जाने की 'लाल किताबमें इस सम्बन्ध में क्याक्या योगव्योग बताये गए हैंक्या सफ़र खुशियों से भरा होगा या फिर चिंता का कारण?

हम जानते हैं की चंद्रमा जल तत्व ग्रह है अतः समंदरी सफ़र का कारक हैबृहस्पति हवा है अतः हवाईसफ़र का कारक है और शुक्र ज़मीन है अतः ज़मीनी सफ़र का कारक है। मगर किसी भी तरह के सफ़रका हुक्मनामा ज़ारी करने वाला ग्रह केतु होगा क्यूंकि केतु पैरों में चक्कर डालने वाला है। सफ़र कबऔर कैसे होगा इसके लिए 'लाल किताबवर्षफल कुंडली अनुसार देखा जायेगा।


जिस साल वर्षफल अनुसार शुक्र भाव नंबर  में आये तो ज़मीनी सफ़र होगा ऐसा जानेइसी तरहबृहस्पति जब भाव नंबर  में आये तो हवाई सफ़रऔर चन्द्र आये तो समंदर पार सफ़र होंगे।
जिस साल भाव नंबर  में बृहस्पत या सूरज या दोनों आये तो ऐसा सफ़र समंदर पार या निहायतज़रूरी सफ़र होगाजो की राजदरबार से सम्बंधित होगा। यदि बुध का भी सम्बन्ध बन रहा हो तो ऐसासफ़र कारोबार से सम्बंधित होगा और व्यक्ति के लिए फायदेमंद होगा। यदि शुक्र का सम्बन्ध बन रहाहो तो ऐसा सफ़र मौज मस्ती के लिए होगा। मंगल-शनि-राहू का सम्बन्ध भाव नंबर  से होने परसफ़र दुखदायी और नुक्सान देने वाला होगा।
जिस साल वर्षफल अनुसार जब चन्द्र या केतु अच्छे घरों में हो या केतु पहले घरों ( से में होऔर चन्द्र बाद वाले (साथी दीवारघर में हो तो सफ़र कभी अपनी मर्जी के खिलाफ ना होगा और नाही कोई मंदा नतीजा या नुक्सान देने वाला होगा बशर्ते की चन्द्र स्वयं मंदा ना हो।
निम्न हालातों में किया जाने वाला सफ़र नुक्सान या मंदे नतीजे देगा....
मंगलवार या बुधवार के दिन उत्तर की ओर किया जाने वाला सफ़र मंदा फल देगा खासकर उसीसाल यदि वर्षफल अनुसार भाव नंबर  में केतु या मंगल-केतु या बुध-केतु  जाएँ।


शुक्रवार या इतवार के दिन पश्चिम दिशा की ओर सफ़र मंदा फल देगा खासकर जब वर्षफलअनुसार भाव नंबर १० या ११ में केतु या सूरज-केतु या शुक्र-केतु  जाएँ।
सोमवार या शनिवार के दिन पूर्व दिशा की ओर सफ़र मंदा फल देगा खासकर जब वर्षफल अनुसारभाव नंबर  या  में केतु या चन्द्र-केतु या शनि-केतु  जाएँ।
वीरवार के दिन दक्षिण की ओर किया जाने वाला सफ़र मंदा फल देगा खासकर जब वर्षफलअनुसार भाव नंबर  या  में केतु या बृहस्पत-केतु बैठे हो।

सफ़र का फैसला अमूमन वर्षफल कुंडली में केतु की स्थिति अनुसार होगायानि जब(वर्षफल कुंडलीमें केतु बैठा हो...

भाव नंबर  में- बेशक सफ़र की पूरी तयारी होने के बाद भी आखिर में सफ़र नहीं होगाअगर हो भीजाये तो अस्थायी सफ़र होगा यानि की १०० दिन के अन्दर ही वापिस आना पड़ेगा खासकर जब भावनंबर  भी खाली हो।
भाव नंबर  मेंतरक्की के कारण सफ़र होगा यानि तरक्की और सफ़र दोनों होंगे वर्ना एक भी नहीं,खासकर नंबर  से मंदा असर शामिल ना हो।
भाव नंबर  मेंभाईयों से दूर परदेस में रहता होगाजब नंबर  सोया हुआ हो।
भाव नंबर  में- वैसे तो सफ़र नहीं होगाऔर अगर होगा तो माता बैठी होने वाले शहर या माता केचरणों तक ही होगाऐसे में ना तो मुकाम की तबदीली होगी और ना ही मंदा फल होगाखासकर नंबर१० मंदा ना हो।
भाव नंबर  में- मुकाम या शहर की तबदीली नहीं होगीमगर महकमा या विभाग या उसी शहर मेंघर की तबदीली बेशक हो सकती है बहरहाल नतीजा अच्छा ही होगाखासकर जब तक बृहस्पति नेकहो।
भाव नंबर  मेंसफ़र या तबदीली का हुक्मनामा ज़ारी होकर भी एक बार तो अवश्य ही निरस्तहोगाखासकर जब केतु जागता हो।
भाव नंबर  मेंपुश्तैनी घर बार का सफ़र ज़रूर होगातबदीली तो ज़रूर होगी तरक्की चाहे हो याना हो। व्यक्ति अगर स्वयं ख़ुशी से नहीं जायेगा तो किसी  किसी बीमारी से या बतौर लाश बनकरजाना पड़ेगासंक्षेप में शहर की तबदीली या सफ़र तो ज़रूर ही होगा। यदि भाव नंबर  मंदा ना हो औरकेतु जागता हो तो सफ़र का नतीजा नेक ही होगा।
भाव नंबर  मेंसफ़र या तबदीली ख़ुशी से नहीं बल्कि व्यक्ति की मर्जी के खिलाफ और मंदा फलदेगीखासकर नंबर ११ में केतु के दुश्मन चन्द्र या मंगल ना हो। यह मंदा फल केतु की चीज़ों जैसे कीकानरीढ़ की हड्डीटांगों की बीमारीजोड़ों में दर्दगठिया वगैरह के रूप में हो सकता है या घर मेंपालतू कुत्ते या तीन दुनियावी कुत्तों पर भी हो सकता है। ऐसे में उपाय के तौर पर १५ दिन तक रोज़लगातार मंदिर में और कुत्ते को (इकठ्ठेदूध देना मददगार होगा। या भाव नंबर  को नेक करे यास्वयं नंबर  किसी अन्य ग्रह से नेक हो जाये।
भाव नंबर  मेंपुश्तैनी घर का सफ़र होगा और मुबारक और अपनी मर्जी से ख़ुशी ख़ुशी होगा,जिसका फल भी उत्तम और नेक होगा खासकर जब नंबर  में कोई मंदा या शत्रु ग्रह ना बैठा हो।
भाव नंबर १० मेंसफ़र या तबदीली शक्की होगीयदि वर्षफल अनुसार शनि नेक हुआ तो दुगुनानेक लेकिन यदि शनि मंदा हुआ तो सफ़र या तबदीली भी दुगनी मंदी या नुकसान देने वाली होगी औरबे-मौका सफ़र होगा। यदि भाव नंबर  भी मंदा हुआ तो मंदी हवा का पूरा जोर होगा और यदि नंबर २नेक हुआ तो मददगार होगा। मंदे असर से बचने के लिए सूरज को दूध या पानी का अर्घ्य देना मुबारकहोगा।
भाव नंबर ११ मेंअव्वल तो सफ़र का हुक्म होगा ही नहीं अगर हो भी जाये तो ११ गुना नेक होगा,खासकर जब नंबर  से मंदा असर ना आये।
भाव नंबर १२ में- तरक्की ज़रूर होगी मगर तबदीली नहींअपने परिवार और बाल बच्चों के पास हीरहेगाअगर सफ़र हो भी तो फायदेमंद होगाखासकर जब तक नंबर    से मंदा असर शामिल नाहो।

शुभमस्तु !!











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