जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

दूर रहें...ज्वालामुखी योग से..




क्या आप जानते है कि अशुभ ज्वालामुखी योग हमारे ज्योतिष शास्त्र में भी होता है. आप जब भी कोई शुभ कार्य करने का विचार करते है तो सबसे पहले यही मन में ध्यान आता है कि हम किसी शुभ मुहूर्त में यह शुभ कार्य करें, शुभ मुहूर्त को जानने के लिए हम किसी विद्वान् ज्योतिषी जी के पास जाकर उनसे शुभ मुहूर्त के लिए निवेदन करते है, उस समय ज्योतिषी जी के पास अनेकों शुभ योग पंचांग द्वारा प्राप्त होते है.

तथा कई अशुभ योग भी बनते है.उनमें से एक अशुभ योग का वर्णन आपके सामने कर रहा हूँ जो कि बहुत ही अशुभ है, उसका नाम ज्वालामुखी योग भारतीय ज्योतिष शास्त्र में वर्णित है. जो नक्षत्रो के अनुसार बनता है, इस समय कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है. क्योंकि इस पर असफलता ही प्राप्त होती है, जहां तक हो सके इस ज्वालामुखी योग के काल को टाल देना ही उचित है.




अनुभव में आया है की जिस प्रकार राहू काल और अशुभ चोघाडिया को टाला जाता है लोग अशुभ ज्वालामुखी योग को नजर अंदाज करते है जो अमंगलकारी होता है ।
ज्योतिष में बहुत से योगों का वर्णन मिलता है. इन योगों में अच्छे और बुरे दोनों ही प्रकार के योग मिलते हैं. ज्वालामुखी योग अशुभ योगों में से एक योग है. इस योग में कभी कोई शुभ काम आरंभ नहीं करना चाहिए. शुभ तो क्या कोई भी महत्वपूर्ण कार्य इस योग में नहीं करने चाहिए. यदि कभी कोई व्यक्ति गलती से भी इस योग के समय कोई काम शुरु कर लेता है तब उसकी सफलता में संदेह बना रहता है.



इस योग में आरंभ किया कार्य सिद्ध नही होता है और उसे करने के लिए बार-बार प्रयास करने पड़ते हैं. हर बार विघ्न तथा बाधाओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए किसी भी शुभ काम को करने से पहले यह अवश्य जाँच ले कि ज्वालामुखी योग तो नहीं चल रहा है. लेकिन  इस योग की अपनी कुछ विशेषताएँ भी है. यदि यह योग शुभ काम के लिए खराब है तो शत्रुओं पर विजय पाने के लिए इस योग को शुभ माना गया है. दुष्ट प्रवृति के शत्रुओं पर प्रयोग करने के लिए यह ज्वालामुखी योग शुभ माना गया है.


जब प्रतिपदा तिथि के दिन मूल नक्षत्र पड़ता हो
पंचमी तिथि के दिन भरणी नक्षत्र
अष्टमी तिथि के दिन कृतिका नक्षत्र
नवमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र या दशमी तिथि के दिन आश्लेषा नक्षत्र पड़ता हो.. 
तब ज्वालामुखी योग बनता है. 
ज्वालामुखी योग के अशुभ फल का बखान करने के लिए एक लोकोक्ति प्रचलित है जो इस प्रकार है 

 जन्मे तो जीवे नहीं, बसे तो उजड़े गाँव, 
नारी पहने चूड़ियाँ, पुरुष विहीनी होय, 
बोवे तो काटे नहीं, कुएँ उपजे नीर।।


कई विद्वानों का कहना है कि यह लोकोक्ति अतिशयोक्तिपूर्ण है लेकिन इस योग के अशुभ प्रभाव को वह विद्वान नकारते भी नहीं हैं. इस योग से मिलने वाले अशुभ फलों को वह स्वीकारते हैं. कई प्राचीन ग्रंथों में भी इस योग का उल्लेख मिलता है. यदि किसी बच्चे का जन्म ज्वालामुखी योग में हुआ है तब उसे अरिष्ट योग हो सकता है.


यदि इस योग में किसी का में किसी कन्या या पुरुष का विवाह होता है तब उसे शुभ नहीं माना जाता है. उसे वैवाहिक सुख नहीं मिलता है. 
यदि इस योग में बीज बोया जाए तो तो फसल अच्छी नहीं होती है. यदि जल प्राप्ति के लिए कुआं या तालाब खोदा जाए तब उनका पानी ज्यादा समय तक नहीं चलता और वह शीघ्र ही सूख जाता है. 
यदि इस योग में कोई व्यक्ति बीमार पड. जाता है तब वह काफी समय तक अपनी बीमारी से जूझता रहता है. 
ऎसी और भी बाते हैं जो इस योग में आरंभ करने पर पूरी नहीं होती.
अन्य प्रकार के मुहूर्त में भी इस ज्वाला मुखी योग का हमेशा त्याग करना चाहिए.
बल्कि इस योग की तारीख-समय आदि पहले से ही अपने पास लिख कर रख लें, और उस दिन कोई भी शुभ कार्य और व्यवसाय से सम्बंधित लें दें भी ना करें.....


शुभमस्तु !! 





6 टिप्‍पणियां:

  1. guruji me sapno me khanadekhta hun aur kbhi kbhi billi aur sher bhi dekhta hun kripya inka matlab smjhayein

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    1. स्वप्न में खाना बिल्ली और शेर देखना शुभ नही है कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है.....प्रतिदिन कौए को अपनी खाने की थाली में से पहले रोटी डालें..21 दिन करें

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  2. Dob:5 march 1991
    time:subah 9:30 baje
    place:thane maharastra
    que:mujhe apse rajyog ke bare me janna tha ???aur kya ye rajyog meri kundli me he????isse mujhe kya fayda ho sakta he ... Mera political carrier kaisa rahega plz batana .....

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    1. जी हाँ आपकी कुंडली में राज योग है इसका लाभ आपको 24वें वर्ष से मिलना आरम्भ होगा माणिक्य रत्न धारण करें

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    2. K ... Dhanyawaad anil ji ...
      Asha he apki baate sahi ho ...
      Filhal to bahut kasht me hu ..shani maharaj ki saate saati jo chal rahi he ....

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    3. भविष्य सुन्दर है प्रतीक्षा करें...

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