जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शनिवार, 27 अप्रैल 2013

धन लाभ भी देता हैं...राहू.




ज्योतिषशास्त्र में राहु को शनि के समान अशुभ ग्रह माना गया है। राहु और केतु के प्रभाव के कारण ही किसी व्यक्ति की कुण्डली में कालसर्प नामक योग बनता है। इस ग्रह के विषय में आमतौर पर ऐसी धारणा है कि यह सिर्फ अशुभ प्रभाव देता है। लेकिन सच यह है कि कुण्डली में राहु अगर शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को धन दौलत के साथ ही साथ समाज में उच्च पद एवं प्रतिष्ठा भी दिलाता है।

इन पर बनी रहती है लक्ष्मी की कृपा........

राहु जब छठे भाव में स्थित होता है और केन्द्र में गुरू होता है तब यह अष्टलक्ष्मी नामक शुभ योग का निर्माण करता है। इस योग के बनने पर राहु अपना अशुभ प्रभाव नहीं देता है। यह योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में होता है वह ईश्वर के प्रति श्रद्घावान होता है। अपने नेक गुणों एवं व्यवहार से ऐसा व्यक्ति मान सम्मान एवं यश प्राप्त करता है। माता लक्ष्मी की कृपा इन पर सदैव बनी रहती है।

जब राहु संकट से बचाता है......

राहु संकटकारी ग्रह होने के बावजूद मेष, वृष एवं कर्क लग्न वालों की कुण्डली में जब द्वितीय, नवम अथवा दशम भाव को छोड़कर किसी भी अन्य भाव में होता है तब लग्न कारक योग बनाता है। जिस व्यक्ति की कुण्डली में यह योग होता है उनके साथ दुर्घटना होने की संभावना कम रहती है। इनकी आर्थिक स्थिति एवं स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।


भाग्य देता है हर दम साथ......

राहु को बाधक ग्रह माना गया है लेकिन जिस व्यक्ति की कुण्डली में राहु लग्न, तृतीय, छठे अथवा एकादश भाव में होता है और उस पर शुभ ग्रह की दृष्टि होती है उन्हें कोई भी बाधा लम्बे समय तक रोक नहीं पाती है। यह जिस काम में हाथ डालते हैं वह काम आसानी से हो जाता है। ज्योतिषशास्त्र में इस योग को परिभाषा योग कहा गया है। जिनकी कुण्डली में यह योग होता है वह जल्दी बीमार नहीं होते हैं। अपनी योग्यता के अनुरूप इन्हें आर्थिक लाभ मिलता रहता है।


शुभमस्तु !!!





16 टिप्‍पणियां:

  1. sir ji hamari kundali mr bhi rahu 11 bhav me hai panditnji kaun sa yog banta hai dob 25 03 1980 21:30 par hardoi up me hua tha

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    1. आपका तुला लग्न है और राहू अकेले नही है शनि+मंगल+गुरु के साथ है इसलिए कोई ऐसा योग नही घटित हो रहा है लेकिन गुरु साथ होने से और बुध की दृष्टि होने से आंशिक लाभ मिलेगा बुध भाग्येश व् द्वादशेश भी है और गुरु षस्टेश व तीसरे भाव का स्वामी है रुक रुक कर फल की प्राप्ति होगी

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  2. sir ji hamari kundali mr bhi rahu 11 bhav me hai panditnji kaun sa yog banta hai dob 25 03 1980 21:30 par hardoi up me hua tha

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    1. आपका तुला लग्न है और राहू अकेले नही है शनि+मंगल+गुरु के साथ है इसलिए कोई ऐसा योग नही घटित हो रहा है लेकिन गुरु साथ होने से और बुध की दृष्टि होने से आंशिक लाभ मिलेगा बुध भाग्येश व् द्वादशेश भी है और गुरु षस्टेश व तीसरे भाव का स्वामी है रुक रुक कर फल की प्राप्ति होगी

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  3. Namskaar anil ji ...
    Meri janam tarikh 5 march 1991 he samay subah 9:30 janam sttal thane mumbai ke pass maharastra ka he ...
    Meri lagann kundli me rahu 10 sttan par he to loun sa yog banta he kya aap batayenge aur iska mere jivan par kya parinam hoga jara batana ....

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    1. आपका जन्म मेष लग्न में हुआ है अतः मेष लग्न में दशम स्थान पर यदि राहू हो तो यह ज्योतिष शास्त्र अनुसार अरिस्ट भंग योग कहलाता है यह शुभ योग बनता है

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  4. Namskaar anil ji ...
    Meri janam tarikh 5 march 1991 he samay subah 9:30 janam sttal thane mumbai ke pass maharastra ka he ...
    Meri lagann kundli me rahu 10 sttan par he to loun sa yog banta he kya aap batayenge aur iska mere jivan par kya parinam hoga jara batana ....

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    1. आपका जन्म मेष लग्न में हुआ है अतः मेष लग्न में दशम स्थान पर यदि राहू हो तो यह ज्योतिष शास्त्र अनुसार अरिस्ट भंग योग कहलाता है यह शुभ योग बनता है राहू आपकी कुंडली में शनि के साथ है तथा गुरु की दृष्टि भी है तथा केतु का भी योगदान मिल रहा है अतः इसका शुभ फल आपको 24वें वर्ष से मिलना आरम्भ होगा

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  5. sirji pranam safala k koi upay jo guru surya ki kripabhi bani rahe

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    1. रविवार प्रातः मंदिर में कोई भी दो फल किसी भी मूर्ती के पास रखें तथा वृहस्पति वार को एक मुट्ठी चने की दाल पीले कपड़े में बांधकर मन्दिर में केले के पेड़ के पास जाकर रखें तो अवश्य लाभ प्राप्त होगा

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  6. pranam sharma ji dono upay kitni bar karne hai hamari kundali me sury 6 bhav aur guru rahu+mangal+shani 11 me biraj man hai

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    1. ऊपर लिखे उपाय 11 रविवार तथा 9 वृहस्पति वार करना है

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  7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    1. किस प्रकार का योग स्पष्ट बताएं ??????

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  8. Pandit je pranam, kripya bataye meri rahu me surya ki dasha kaisi rahegi

    Bhupender singh Dob 03.12.1978 time 12.00 pm place;Delhi

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    1. आपकी कुंडली अनुसार राहू शनि के साथ युति बना रहा है तथा सूर्य दशम भाव में स्थित हो कर शुभ फल भी मिलेंगे लेकिन मानसिक परेशानी के साथ अतः राहू की शान्ति अनिवार्य रूप से करवाएं..

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