जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 11 जून 2013

वास्तु का ज्योतिष से सम्बन्ध.....




वास्तु और ज्योतिष का एक अटूट सम्बन्ध है हम अपनी जन्म कुंडली से अपने घर का वास्तु जान सकते है और उन दोषों का निदान भी कर सकने में सक्षम है. 

वास्तु और ज्योतिष का समबन्ध एक प्रकार का शरीर और भवन का साहचर्य भी कह सकते है। जिस प्रकार जीवात्मा का निवास शरीर में और हमारा भवन में होता है 

उसी प्रकार ज्योतिष शास्त्र में भी भवन का कारक चतुर्थ भाव जो हृदय का भी कारक है इन दोनों के संबंध में घनिष्टता स्पष्ट करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व एवं उत्तर दिशा अगम सदृश और दक्षिण और पश्चिम दिशा अंत सदृश है। ज्योतिष अनुसार पूर्व दिशा में सूर्य एवं उत्तर दिशा में प्रसरणशील बृहस्पति का कारक तत्व है। 

उसके अनुसार उत्तर एवं पूर्व में अगम दिशा के तौर पर पश्चिम में शनि समान मंगल पाप ग्रह की प्रबलता है। पश्चिम में शनि समान आकुंचन तत्व की महत्ता है। उस गणना से दक्षिण-पश्चिम अंत सदृश दिशाएं हैं। इस आलेख के अनुसार यह समझाने का प्रयास किया गया है कि वास्तु एवं ज्योतिष एक सिक्के के पहलू हैं। 

जैसे प्रत्येक ग्रह की अपनी एक प्रवृत्ति होती है। उसी के अनुसार वह फल करता है। यदि शुभ ग्रह शुभ भाव में विराजमान होगा तो वहां सुख समृद्धि देगा। 


अशुभ ग्रह शुभ स्थान पर अशुभ फल प्रदान करेगा। 

बृहस्पति- खुली जगह, खिड़की, रोशनदान, द्वार, कलात्मक व धार्मिक वस्तुएं। 

चंद्रमा- बाहरी वस्तुओं की गणना देगा। 

शुक्र- कच्ची दीवार, गाय, सुख समृद्धि वस्तुएं। 

मंगल- खान-पान संबंधित वस्तुएं। 

बुध- निर्जीव वस्तुएं, शिक्षा संबंधी। 

शनि- लोहा लकड़ों का सामान। 

राहु- धूएं का स्थान, नाली का गंदा पानी, कबाड़ा। 

केतु- कम खुला सामान। 

इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार ज्ञात किया जा सकता है 

कि उसके भवन में किस प्रकार का निर्माण है। 

कालपुरुष की कुंडली में जहां पाप ग्रह विद्यमान हैं 

और वह निर्माण वास्तु सम्मत नहीं है तो उक्त निर्माण उस जातक को कष्ट देगा। 


1.लग्नेश लग्न में (शुभ ग्रह) हो तो पूर्व में खिड़कियां। 
2. लग्नेश का लग्न में नीच, पीड़ित होना- पूर्व दिशा के दोष को दर्शायेगा। जातक मष्तिक से पीड़ित रहेगा। देह सुख नहीं प्राप्त होगा। 
3. लग्नेश का 6, 8, 12वें में पीड़ित होना पूर्व दिशा में दोष करता है। 
4. षष्ठेश लग्न में हो तो- पूर्व में खुला मगर आवाज, शोर शराबा आदि । 
5. लग्नेश तृतीय भाव में-ईशान्य कोण में टूट-फूट-ईट, का निर्माण आदि। 
6. राहु-केतु की युति उस ग्रह संबंधी दिशा में दोष उत्पन्न करती है। 
7. एकादश, द्वादश में पाप ग्रह, षष्ठेश, अष्टमेश के होने के कारण ईशान में दोष कहें। 
8. जहां-जहां शुभ ग्रह होंगे वहां-वहां खुलापन हवा व प्रकाश की उचित व्यवस्था होगी। 
9. यदि शुभ ग्रह दशम भाव में होंगे तो वहां पर खुला स्थान होगा। 
इसी प्रकार शुभाशुभ निर्माण को हम जन्म पत्रिका से जान लेते हैं। 
अशुभ निर्माण कालपुरुष के अंगों को प्रभावित करके गृहस्वामी को कष्ट देता है। उक्त भाव संबंधी लोगों को कष्ट देगा। 
10. तृतीय भाव पीड़ित हो तो- भाई-बहन को कष्ट। 
11. चतुर्थ भाव व चतुर्थेश पीड़ित हो तो- मां को कष्ट। 
12. सप्तम-नवम् भाव पीड़ित हो तो- पत्नी पिता को कष्ट होगा। 

इसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति की जन्म कुण्डली की आधार पर उस दिशा के स्वामी/देवता अथवा उस दोष को दूर करके ग्रह का भी उपाय सरलता से किया जा सकता है.....


शुभमस्तु !!!





36 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. क्षमा करें... ये योग बिना जन्म कुंडली के कैसे बताएं आपने अपनी जन्म कुंडली का कोई विवरण ही नही दिया ????????

      हटाएं
  2. Anil ji pranam ...
    Apke sahyog ki jarurat thi thodi ... Sahyog kare to beda par ho jayega ....
    Meri kundli me neeche likhe
    diye koun se yog he aur koun se nahi ye bataye plz margdarshan kare ...
    1.महाभाग्य योग
    2.हंस योग,
    3.शश योग
    4.गज केशरी योग,
    5.सफल अमल किर्ति योग

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. क्षमा करें... ये योग बिना जन्म कुंडली के कैसे बताएं आपने अपनी जन्म कुंडली का कोई विवरण ही नही दिया ????????

      हटाएं
  3. Siddhant jagdish sanap
    birth date:05/03/1991
    birth time:09:30 am
    birth place :thane maharastra
    19° 12' N 73° 02' E


    Maaf karna ji me to details dena bhul hi gaya ...

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी कुंडली अनुसार उपरोक्त सभी योगो का निम्न हो रहा है साथ ही ये योग भंग भी हो रहे है जैसे गुरु के साथ केतु स्थित है तथा शनि के साथ राहू है शुक्र द्वादश भाव में स्थित हो कर बहुत से योगो को भंग कर रहा है आप अपने निकट के किसी विद्वान ज्योतिषी जी से संपर्क करे इसके बारें में पूरी जानकारी प्राप्त करें.....आज के युग में योगो का इतना महत्व नही है ..अपनी कर्म से ही भाग्य बनाये तो शुभ फल मिलता है

      हटाएं
    2. sharma ji pranam ¤ dnb 25march 1980 t 21:30 aap k anusar hamne panna asatdhatu me dharan kiya hai kya budhvar ko gayo ko hara chara denese budh aur shubhta pradan karege ya nahi

      हटाएं
    3. पन्ना सोने की अंगूठी में बहुत अच्छा परिणाम देता है तथा बुधवार को गाय को हरा चारा देना शुभ है इससे शुक्र ग्रह भी अच्छा फल देता है

      हटाएं
  4. Siddhant jagdish sanap
    birth date:05/03/1991
    birth time:09:30 am
    birth place :thane maharastra
    19° 12' N 73° 02' E


    Maaf karna ji me to details dena bhul hi gaya ...

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी कुंडली अनुसार उपरोक्त सभी योगो का निम्न हो रहा है साथ ही ये योग भंग भी हो रहे है जैसे गुरु के साथ केतु स्थित है तथा शनि के साथ राहू है शुक्र द्वादश भाव में स्थित हो कर बहुत से योगो को भंग कर रहा है आप अपने निकट के किसी विद्वान ज्योतिषी जी से संपर्क करे इसके बारें में पूरी जानकारी प्राप्त करें.....आज के युग में योगो का इतना महत्व नही है ..अपनी कर्म से ही भाग्य बनाये तो शुभ फल मिलता है

      हटाएं
  5. To anil ji ...
    Yah yog bhang honese rokne ke liye upaay kya he???
    Shani rahu guru ketu shukra aadi grho ki shanti ki jaye to bhang dur ho sakta he???

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा जी के पांच पाठ सुबह करें तथा शुद्ध केसर का तिलक अपने मस्तक पर अवश्य लगायें और शनिवार शाम के समय कुत्तों को रोटी नियमित डालें तो लाभ होगा तथा योग शीघ्र फल देना आरम्भ कर देंगे

      हटाएं
  6. I am a divorce lady. . Mujhe sapna aya tha k jis se meti shadi hui thi.us larke ki mami ji. Jaise widow laady karte hai ki uska saman utara jata hai. Vaise vo mera saman utar rahe they. Mere hath mai red mauli kadhaga bandha hua tha.to vo nikalne lage . Toh maine kaha maine apki churia pahle hi utar di thi...or maine dhaga utarne nai diya.phir vo mere balon ko bikherne lage.maine vo b nahi karne diya. Is sapne ka kya arth ho sakta hai.. pls kripya bataye. DOB 7.4.1979 Tob 5.20pm hai.pob. punjab

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपके द्वारा देखा गया स्वप्न का फल अशुभ है भविष्य में कोई भी निर्णय बहुत ही सोच विचार कर लें अतीत को दुबारा मत दोहरायें नवम्बर तक समय ठीक नही है कोई नई परेशानी हो सकती है ..प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाएं तो अशुभ असर कम होगा

      हटाएं
    2. Name vrinder dob 10 sep 1983 tob 10.52 pm. Pob amritsar. Mai kaun sa nag dharan kry. Or kb.kaun si finger or hath mai.or kaun se din

      हटाएं
    3. आप नीलम रत्न धारण कर लाभ उठा सकते है नीलम सीधे हाथ की सबसे बड़ी मध्यमा ऊँगली में शनिवार प्रातः धारण करें

      हटाएं
  7. Dhanyavad pt ji..kirpya yeh bataye kikitne rati ka neelam dharan karna hai.or kaun c dhatu mai.. dob 10 sep 1983 tob 10.52 pm hai pob amritsar. Name vrinder

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप नीलम 5 कैरट का चांदी में शनिवार प्रातः शनि की होरा में धारण करें

      हटाएं
  8. Namastey pandit ji .. mera naam Neelam h.. meri dob 22 feb 1986 h.. 12 50 Am jhansi up..
    Kai logo ne mje btaya hai ki shadi k bd kuch dikkat h.. to kisi ne kaha aisa kuch ni h.. abi mri shadi ni hui h.. m janna chati hu ki mri shadi kab hogi.. aur shadi k bd kya kuch problm h kya .. mje kumbh vivah krne ka bhi kaha h .. kripya margdarshan kre

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार ऐसा कुछ नही है इसलिए आप अपना विवाह किसी योग्य विद्वान ज्योतिषी द्वारा कुंडली मिलान कर ही करें नवम्बर 2013 के बाद विवाह का योग बन रहा है

      हटाएं
  9. Name brajbhushan singh
    dob 22~2~1988
    Time 2:15am
    place bulandshahr

    pranam pandit ji apke is lekh ko padte hue achnak ek jigyasa jaag gayi,pandit ji pichale 24saal se me mere parents ke sath kiraye ke makan par rah raha hun kripa kar yah batayen ki mera ya mere parents ka khud ka makan kab tak hoga aur kis naam ke akshar ka sthan humare liye subh hoga apki vishes kripa hogi kripya margdarsan karen
    dhanywad

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार चतुर्थ भाव जो कि मकान / भवन का होता है उस स्थान पर राहू का प्रभाव अधिक है अतः 13/11/2016 के बाद ही मकान का सुख प्राप्त होगा मूंगा रत्न सवा सात रत्ती का धारण करें लाभ होगा

      हटाएं
  10. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार चतुर्थ भाव जो कि मकान / भवन का होता है उस स्थान पर राहू का प्रभाव अधिक है अतः 13/11/2016 के बाद ही मकान का सुख प्राप्त होगा मूंगा रत्न सवा सात रत्ती का धारण करें लाभ होगा

      हटाएं
  11. Name brajbhushan singh
    dob 22~2~1988
    Time 2:15am
    place bulandshahr

    pranam pandit ji apke is lekh ko padte hue achnak ek jigyasa jaag gayi,pandit ji pichale 24saal se me mere parents ke sath kiraye ke makan par rah raha hun kripa kar yah batayen ki mera ya mere parents ka khud ka makan kab tak hoga aur kis naam ke akshar ka sthan humare liye subh hoga apki vishes kripa hogi kripya margdarsan karen
    dhanywad

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार चतुर्थ भाव जो कि मकान / भवन का होता है उस स्थान पर राहू का प्रभाव अधिक है अतः 13/11/2016 के बाद ही मकान का सुख प्राप्त होगा मूंगा रत्न सवा सात रत्ती का धारण करें लाभ होगा

      हटाएं
  12. Name brajbhushan singh
    dob 22~2~1988
    Time 2:15am
    place bulandshahr

    pranam pandit ji apke is lekh ko padte hue achnak ek jigyasa jaag gayi,pandit ji pichale 24saal se me mere parents ke sath kiraye ke makan par rah raha hun kripa kar yah batayen ki mera ya mere parents ka khud ka makan kab tak hoga aur kis naam ke akshar ka sthan humare liye subh hoga apki vishes kripa hogi kripya margdarsan karen
    dhanywad

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार चतुर्थ भाव जो कि मकान / भवन का होता है उस स्थान पर राहू का प्रभाव अधिक है अतः 13/11/2016 के बाद ही मकान का सुख प्राप्त होगा मूंगा रत्न सवा सात रत्ती का धारण करें लाभ होगा

      हटाएं
    2. Namste panditji dhanywad reply karne ke liye kripa ek akhiri samadhan karden munga ko dharan karne ki kya vidhi hai aur isay gold ke alawa kisi aur dhatu me pahan sakte hai kya,aur pandit ji me sarkari naukri ka prayash kar raha hun kripya karke saflta ke liye koi achuk upay batayen me kafi mehnat kar raha hun par saflta nahi mil rahi kripya margdarsan karden me apka jeevanbhar abhari rahunga
      Dhnywad

      हटाएं
    3. आप मूंगा सोने में या ताम्बे की अंगूठी में भी धारण कर सकते है इसे शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार प्रातः सूर्योदय से एक घंटे के अन्दर पहने तो शीघ्र फल की प्राप्ति होगी इससे भाग्य उअदय होगा तथा नौकरी मिलने का योग भी जल्दी बन जाएगा साथ ही श्री हनुमान चालीसा का पाठ रोज़ सुबह जरुर करें..

      हटाएं
    4. Namaste panditji apka bahut bahut dhanywad margdarsan karne ke liye ,kripya apna bahumulya ashirwad dijiyega taki me apne labh ko sighr is blog par post kar sakun
      dhanywad sat sat naman

      हटाएं
  13. pandit ji pranam mera nam manish hai mera janm 10.10.1976 ko madhya pradesh ke manendragarh jagah me hua hai samay ratri 11.45 , mai apne job wa dhan sambandhi smasya se ghira hua hu, maine realestate agent ka buisines shuru kiya magar deal hote hote cancel ho jati hai , ata rupya wapas ho jata hai , pariwarik mahaol b klesh purn ho gaya hai kripya sahi margdarshan karein

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार राहू की महादशा में शनि की अन्तर्दशा चल रही है और काल सर्प योग भी उन्नति के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रहा है अतः काल सर्प की पूजा अपने निकट के विद्वान पंडित जी से अवश्य करवाएं तथा आपका भाग्य का स्वामी शनि है कटेला रत्न जो कि नीलम का उपरत्न है इसे पञ्च धातु में शनिवार धारण करें व प्रतिदिन शाम के समय कुत्तों को रोटी खिलाएं इससे जल्दी ही आपकी सभी समस्याएं दूर होनी आरम्भ हो जायेंगी....

      हटाएं
  14. शर्मा जी प्रणाम
    –मेरी पुत्री की dob 22 02 2005 को shahjahanpur में दोपकर के 12 05 पर हुआ था इस समय पढाई में कुछ खास नही है; कुछ विद्धानों ने उसके भविष्य को लेकर अजीव सा डर पैता कर दिया है; संमासया आपके सामने कुंडली देखने के बाद होगी समाशान देने की कृपा करे

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. 18/jan/2015 के बाद पढाई अच्छी हो जायेगी बेटी भाग्यशाली है चिंता मत करो

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में