जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शनिवार, 1 जून 2013

प्रेम सम्बन्ध में विफलता ..हस्त रेखाएं व उपाय.




किसी शायर ने सच ही कहा है.......
 
‘‘कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता

कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता’’


सफल प्रेम संबंध को व्यक्ति के खुशहाल जीवन की ओर पहला कदम समझा जाता है. प्राय: देखा जाता है कि वे लोग जो अपने साथी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और अपने संबंध के भविष्य के प्रति निश्चिंत रहते हैं वह उन लोगों की तुलना में ज्यादा प्रसन्न रहते हैं जिनका प्रेम संबंध बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है. यही कारण है कि जहां एक खुशहाल प्रेम संबंध आपके लिए खुशहाली और सफलता के रास्ते खोल देता है वहीं एक बुरा अनुभव आपके व्यक्तित्व को इस कदर चोट पहुंचाता है कि आपको खुद को संभालने में ही काफी समय लग जाता है. हालांकि प्रेम-प्रसंग हमेशा ही समस्याओं और विवादों के साये में घिरा रहता है लेकिन जब यह समस्याएं आपकी खुशियों और स्वाभिमान को आहत करने लगें तो ऐसे संबंधों से पीछे हट जाना ही बेहतर विकल्प है. आपके संबंध का भविष्य स्थायी है या नहीं इसे आपको खुद ही निर्धारित करना पड़ता है. आज हस्त रेखा द्वारा इस विषय को समझते है..

यह जिंदगी की हकीकत मनुष्य के जीवन के हर पहलू पर लागू होती है। प्रेम-संबंधों के मामले में भी इसकी अहमियत कम नहीं है। 

क्या आपने कभी सोचा है, ऐसा क्यूं होता है
जब कोई लड़का-लड़की या स्त्री-पुरुष गहरे प्रेम में होते हैं और आपसी संबंधों को नाम देने की सोचते भी हैं तो वक्त और हालात के कारण कभी-कभी अलग-अलग हो जाते हैं । फिर सारी जिंदगी इस बात का जवाब नहीं मिल पाता है कि हमारे साथ ही ऐसा क्यूं हुआ?


लेकिन, सामान्यतः लोग हालात को ही सबसे दोषी ठहराते हैं। दरअसल, इसका सबसे बड़ा कारण हाथों की रेखाओं में दोष और ग्रहों का दुष्प्रभाव होता है। प्रेम करने वाले कई जातकों के हाथों का अध्ययन बताता है कि....

यदि - भाग्य रेखा पर द्वीप हो, शुक्र पर्वत उठा हो, शुक्र पर्वत पर तिल हो तो भी प्रेम-संबंध बिगड़ जाते हैं। ऐसे जातकों के प्रेम को इनके परिवार के सदस्य समझ ही नहीं पाते हैं और इनके संबंधों को हमेशा अनुचित मानते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार परिवार में कलह भी होता है। यह भी सच है कि ऐसे कुछ व्यक्ति ही अपने रिश्तों को अंजाम तक पहुंचा पाते हैं। उपाय:- इस प्रकार के दोष को रोकने के लिए शुद्ध पारे के शिवलिंग की आराधना शिव रुद्राष्टकम् पढ़कर करनी चाहिए।

हृदय रेखा टूटी-फूटी हो या हृदय रेखा पर द्वीप हो, जीवन रेखा को मोटी-मोटी रेखाएं काटती हों, शुक्र पर्वत व चंद्र पर्वत अत्यधिक विकसित हों तथा भाग्य रेखा जीवन रेखा के साथ हो तो जातक को अपना मनपसंद जीवन साथी नहीं मिल पाता है। उपाय:- इस दोष को दूर करने के लिए शिव पार्वती का चित्र स्थापित करें, जोत जलाकर पारे के शिवलिंग का स्पर्श करें व शिव मंत्र का जाप करें।

हृदय रेखा से शाखाएं मस्तिष्क रेखा में मिलती हों, मस्तिष्क रेखा चंद्र पर्वत पर जाती हो, शुक्र पर्वत पर अधिक रेखाएं हों, गुरु की अंगुली सूर्य की अंगुली से छोटी हो तथा हाथ मध्यम श्रेणी का हो तो जातक का प्रेम-संबंध अक्सर बिगड़ जाता है। उपाय:- इस दोष को दूर करने के लिए पारे की माला पहननी चाहिए व शिव-पार्वती की आराधना मंत्र उच्चारण के साथ करनी चाहिए।

हाथ का रंग काला हो, हृदय रेखा का अंत सीधे गुरु पर्व के नीचे हो, हाथ में रेखाएं कम व हाथ सख्त हो तो परिवार के सदस्य ऐसे जातकों के प्रेम को बढ़ने नहीं देते हैं और प्रेमी-प्रेमिका में भी अक्सर झगड़ा ही होता रहता है। उपाय:- यह दोष हाथ में बहुत ही बुरा माना जाता है। इसके लिए नव ग्रह-पूजन व पारे के शिवलिंग की विधिवत पूजा करने से ही राहत मिल सकती है।

हाथ सख्त हों व अंगुलियां अंगूठे के की तरफ हों  तो भी जातक के जीवन में प्रत्येक संबंध को लेकर खट-पट चलती रहती है। उपाय:- रोजाना नव ग्रहों का जाप व पारे से बनी किसी देवी की मूर्ति की आराधना विधिपूर्वक करने से इस दोष से निजात मिलती है।

भाग्य रेखा व हृदय रेखा मोटी हो, गुरु की अंगुली छोटी, मस्तिष्क रेखा का अंत चंद्र पर्वत पर, हाथ सख्त व काला हो तो ऐसे लोगों की बात-बात में झगड़ने की आदत के कारण संबंध टूट जाते हैं। उपाय:- ऐसे जातकों को मंगल यंत्र की स्थापना के साथ-साथ पारे के शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

शनि की अंगुली व बुध की अंगुली तिरछी हों, मंगल ग्रह और बुध ग्रह पर रेखाओं का जाल अधिक हो तो भी प्रेम संबंधों में कई प्रकार की रुकावटें आती हैं। उपाय:- इस दोष को दूर करने के लिए शनि ग्रह का उपाय दान करें व छल्ला धारण करने के साथ पारे के शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए।

हृदय रेखा से शाखाएं नीचे की तरफ गिरती हों, भाग्य रेखा टूटी-फूटी या मोटी पतली हो, मंगल क्षेत्र पर मोटी रेखाएं हों, गुरु पर्वत व बुध पर्वत दबे हों तो भी प्रेम-संबंध अक्सर बिगड़ते ही पाये गये हैं। उपाय:- इस दोष की पूर्ति के लिए पारे की माला व पारे के शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए व नित्य सूर्य व चंद्र को अर्घ्य भी देना चाहिए।

इस प्रकार, हाथ में कोई दोष नजर आए तो उनका उपाय करके व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बना सकता है।

 शुभमस्तु !!

7 टिप्‍पणियां:

  1. Date of bith 7.4.1979 ..tob 5.20 pm hai pob amritsar hai. . Kya merii love marrige ho sakti. Hai.. or kb tk hogi meri shadi. Or kya mai networking business mI kamyab ho sakti hu. .. kripya koi upay bataye.. mujhe sb kahte hai kalsarp ki poooja karne ke liye. Kya meri kundli mai hai.. agar hai toh uski pooja kaise ki jati hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप की जन्म कुंडली अनुसार नेटवर्किंग बिजनेस आपके लिए अनुकूल नही है..काल सर्प योग कुंडली में पूर्ण बना हुआ है शान्ति अनिवार्य है ...सातवें भाव में तीन ग्रह सूर्य + मंगल + बुध की युति विवाह के लिए ठीक नही है कुम्भ विवाह अनिवार्य करवाएं लव मैरिज कारना आपके लिए बिलकुल ठीक नही है

      हटाएं
  2. Date of bith 7.4.1979 ..tob 5.20 pm hai pob amritsar hai. . Kya merii love marrige ho sakti. Hai.. or kb tk hogi meri shadi. Or kya mai networking business mI kamyab ho sakti hu. .. kripya koi upay bataye.. mujhe sb kahte hai kalsarp ki poooja karne ke liye. Kya meri kundli mai hai.. agar hai toh uski pooja kaise ki jati hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप की जन्म कुंडली अनुसार नेटवर्किंग बिजनेस आपके लिए अनुकूल नही है..काल सर्प योग कुंडली में पूर्ण बना हुआ है शान्ति अनिवार्य है ...सातवें भाव में तीन ग्रह सूर्य + मंगल + बुध की युति विवाह के लिए ठीक नही है कुम्भ विवाह अनिवार्य करवाएं लव मैरिज कारना आपके लिए बिलकुल ठीक नही है

      हटाएं
  3. Kya aisa ho sakta hai pandit ji k agar hum arattan nahi kharid sakte toh.. hum uski jagah per ku jarr ka istemal kar sakte hai. . Jaise mi maine para tha ki agar hamne panna dharN karna hai toh hum kele ki jarr ko peeley kapre mai bandh kar sakte hai .kya vkie mai aisa hai agar ais hai toh kripya iske bare mai avvsay jaankari dujiye. Ta ki jo hum. Jaise log jo ki itne mahnge rattean nahi kharid sakte. Vo aisa karke labh utha sake

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आप की जन्म कुंडली अनुसार नेटवर्किंग बिजनेस आपके लिए अनुकूल नही है..काल सर्प योग कुंडली में पूर्ण बना हुआ है शान्ति अनिवार्य है ...सातवें भाव में तीन ग्रह सूर्य + मंगल + बुध की युति विवाह के लिए ठीक नही है कुम्भ विवाह अनिवार्य करवाएं लव मैरिज कारना आपके लिए बिलकुल ठीक नही है

      हटाएं
    2. रत्न की जड़ पहन सकते है लेकिन असर नही है

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में