जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 4 जून 2013

वृहस्पति देव के व्रत द्वारा दाम्पत्य सुख , संतान, संपत्ति प्राप्त करें......




वार व्रत का महत्व श्रुतिस्मृति एवं पुराणों में विशिष्टता के साथ वर्णित है। 

सप्ताह के प्रत्येक वार का काल सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक रहता है। 

श्रेष्ठता के अनुसार भी व्रत रखने के लिए वार का क्षय नहीं होता हैकिंतु तिथि- नक्षत्र का क्षय अवश्य होता रहता है..
सूर्यादि ग्रहों के नामों के अनुसार ही वारों का नामकरण हुआ- सूर्य से रविवारचंद्र से सोमवारमंगल से मंगलवारबुध से बुधवारगुरु से गुरुवारशुक्र से शुक्रवार और शनि से शनिवार। 
किसी ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करने हेतु उससे संबंधित वस्तुओं का दानजप तथा व्रत करने का विधान है। 
किसी ग्रह की शांति कराने या उसकी शुभता प्राप्त करने के लिए उससे संबंधित वार को व्रत किया जाता है। 
यदि किसी ग्रह की दशामहादशाअंतर्दशाजन्मांक और गोचराष्टक वर्ग में से कोई अनिष्टकारी हो 
तो उस ग्रह की शांति के लिए वार के अनुसार व्रत करने का विधान है।




गुरुवार का व्रत-----
कन्याओं के विवाह में आने वाली बाधाएं गुरुवार के व्रतानुष्ठान करने से दूर हो जाती हैं। 
इस व्रत में केले के वृक्ष को जल चढ़ाने, उसके दर्शन करने और 
उसकी पूजा करने का विशिष्ट महत्व है। इस व्रत से बृहस्पति ग्रह का अशुभत्व दूर होता है। 
इस दिन बृं बृहस्पतये नमःअथवा  ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः मंत्र 
का पांच माला जप करने से शुभ फल मिलता है। 
गुरुवार का व्रत शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को आरंभ करना चाहिए। 
व्रत सोलह गुरुवार या तेरह मास तक करना चाहिए। 
इस दिन सूर्यास्त के पश्चात् नमकरहित पीले चने की दाल के व्यंजन या 
भोज्य पदार्थ ग्रहण करना चाहिए। प्रातः हल्दी मिले जल से स्नान करना चाहिए। 
पुनः पीला वस्त्र पहनकर बृहस्पति देवता की पूजा कर 
उन्हें पीत वस्त्र, पीत पुष्प-फल, पीत पकवान, मिष्टान्न आदि अर्पित करने चाहिए। 
अंतिम व्रत के दिन पीपल की लकड़ी से हवन करना चाहिए। 
सायंकाल सूर्यास्त के पश्चात् पीले चने के नमक रहित व्यंजन या 
भोज्य पदार्थ ग्रहण करना चाहिए।गुरुवार का व्रत करने से विवाह की  बाधा दूर होती है
दाम्पत्य सुख की अभिवृद्धि, संतान, संपत्ति, आरोग्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

शुभमस्तु !!

12 टिप्‍पणियां:

  1. पंडित जी यदि किसी के गुरु अपने शिष्य से उसके नादानी में कही गयी किसी बात से नाराज़ हो जायें.. तो क्या उपाय करें की फिर से वो शिष्य अपने गुरु की कृपा पा सके... प्रणाम.

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    1. वृहस्पतिवार का पूजन करें

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  2. PANDIT JI PRANAM MERA NAAM PRIYANKA HAI. PANDIT JI MEIN BAHT PARESHAN HOON. MERI JOB BHI NAHI HAI HUSBAND KA BHI KAAM NAHI HAI.MERA DATE OF BIRTH 30-5-1985 PLACE- DELHI TIME 19:05.MERI JOB KAB TAK LAGEGI. AUR MERE HUSBAND KA DOB- 5-11-1978 PLACE GURGAON-TIME-18:35. KRIPYA UPAYE BATAYEIN PANDIT JI

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    1. आपके पति की कुंडली अनुसार राहू की महादशा चल रही है जो कि बाधाकारक है राहू का उपाय करें ...विद्वान पंडित जी से राहू का जाप अपने घर पर ही करवाएं या सलोनी गोमेद रत्न धारण करें तो लाभ होगा कुंडली अनुसार फरवरी 2014 से भाग्य ठीक होना आरम्भ होगा आपका जॉब का योग अक्टूबर से आरम्भ होगा

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    2. shukriya pandit ji mere lye kaunsa ratna pehnna shubh rahega kya mujhe pukhraj ya panna pehnne se madad mil sakti hai.

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    3. आप मूंगा, मोती और पुखराज धारण करके लाभ उठा सकती है

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  3. Shukriya pandit ji. Maine January mein moti penne tha uske baad meri boss ne mere resignation manga Aur phirein 15din hospital mein bhi rahi. Meri dasha antardasha ko dekhte hua Mujhe bataiye ki is samay kaunsa ratna pehna shubh hoga meri kundali ke anusar Aur Hume kaun si jagah kaam karne ke liye suit karegi.Kyoonki yahan per sirf ham karje mein hai.wo bhi kisi Aur ki wajah se.kripya raasta dijiye pandit ji.

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    1. आपको मोती रत्न अप्रैल 2013 से ही अनुकूल होगा उससे पहले नही पहनना चाहिए ...अब उसे एक महीने तक उतार कर रख लें फिर से शुद्ध करके धारण करें तो लाभ होगा तथा साथ में मूंगा भी धारण करें तो बहुत अच्छा फल मिलेगा...इससे लाभ होगा

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  4. Panditji mein ek doc hu.meine apna clinic suru kiya hai.par ab tak it itni safalta nai mili.kya mein apni field mein accha naam ,shourat, paisa karma paunga?abhi merit stithi kharab hai.kouch upay bataie?
    Shrikant
    28/3/1987
    9.07 am
    Nagpur (Maharashtra )

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    1. आप कार्य करते रहे अप्रैल 2014 से भाग्योदय होगा तथा लाभ भी होगा उपाय के लिए आप हीरा धारण कर सकते है तथा श्री हनुमान जी कीई उपासना करें

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  5. mein apne career ke baare mein janana chahata hu, aisa lag raha hain ki tarakki nahi ho rahi hain, dob hain 11/02/1976, 8:45 PM, fatehpur UP

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    1. आपकी जन्म कुंडली अनुसार आपको शनि की महादशा चल रही है

      शनि का पूजन करें तथा नीलम धारण करें इससे भाग्य वृद्धि होगी

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