जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

रविवार, 16 मार्च 2014

शुभ - होली की रंग बिरंगी शुभकामनाएं.....


आप सभी को होली के शुभ अवसर पर रंग बिरंगी शुभ कामनाएं !!







होलिका दहन का दर्शन करने से सभी प्रकार के अनिष्ट 

तथा सभी बाधाएं समाप्त होती है तथा श्री महालक्ष्मी जी प्रसन्न होती है....

शास्त्रों में होलिका दहन की शुभ और पुण्य घड़ी में श्रीसूक्त का पाठ घर-परिवार और जीवन

से रोग, कलह और मलीनता को दूर कर खुशहाली व समृद्धि लाता है।

होलिका पूजन के समय निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए-

अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः
अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्

इस मंत्र का उच्चारण कम से कम 1,3 या5 माला के रूप में करना चाहिए।

ऎसा माना जाता है कि होली की बची हुई अग्नि और राख को अगले दिन प्रात: घर में

लाने से घर को अशुभ शक्तियों से बचाने में सहयोग मिलता है.

तथा इस राख का शरीर पर लेपन भी किया जाता है.

राख का लेपन करते समय निम्न मंत्र का जाप करना कल्याणकारी रहता है—-

वंदितासि सुरेन्द्रेण ब्रम्हणा शंकरेण च ।
अतस्त्वं पाहि माँ देवी! भूति भूतिप्रदा भव ॥







शुभमस्तु !!

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