जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 29 अगस्त 2014

क्या मोती मुझे लाभ देगा....



मनुष्य एक सुन्दर भविष्य की हमेशा से ही इच्छा रखता है, और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वह अनेक प्रकार के यत्न और कौशिश भी करता है, कभी सफलता मिलती है और कभी असफलता प्राप्त होती है इसी कारण वो निराश हो जाता है. लेकिन फिर वह दुबारा से उस लक्ष्य को प्राप्त करने की कौशिश करता है, इसी कौशिश में वह ज्योतिष, तंत्र, मंत्र, यन्त्र आदि अनेक पद्धतियों का भी सहारा लेता है, उन में से एक रत्न धारण करने कि उसकी जिज्ञासा होती है, कि रत्न धारण करने से वह उस लक्ष्य को प्राप्त कर अपना जीवन सुखी बनाये, 

भारतीय ज्योतिष के अंतर्गत रत्न धारण करने के लिए सबसे अच्छा साधन जन्म कुंडली है , और रत्न धारण करते समय लग्न  का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है क्यों कि राशि (चाहे जन्म की हो या प्रसिद्ध नाम से) के अनुसार रत्न का प्रयोग अनुभव में सटीक नही बैठता है,

अतः जन्म लगन अनुसार रत्न धारण करें तथा जिस रत्न को आप धारण करने जा रहे है वह रत्न लाभ दायक हो और आपके लक्ष्य की पूर्ति करने में सहायक है तभी धारण करें किसी के देखा देखी कभी भी रत्न का  प्रयोग ना करें और इसके लिए अपने निकट के विद्वान ज्योतिषी जी से परामर्श अनिवार्य है, इस प्रकार यदि आप रत्न धारण करते है तो आपको शत प्रतिशत सफलता प्राप्त होगी....

अतः आज रत्नों की इस श्रंखला में चन्द्र  रत्न मोती  का वर्णन कर रहा हूँ ...


चन्द्र रत्न मोती मुक्ता, मोक्तिम, इंदुरत्न, शाईरत्न आदि कई नामों से जाना जाता है(Pearl is known by different names like: Mukta; Moktim, Shairatna, etc,). मोती रत्न के स्वामी चन्द्र है.

 इस रत्न को अपने लग्न अनुसार धारण किया जाये तो यह रत्न व्यक्ति को मातृ्सुख, मन, यश, बुद्धि, संपति ओर राज ऎश्वर्य आदि देता है. मोती को मुक्तारत्न के नाम से भी जाना जाता है. 

मोती रत्न के विषय में एक मान्यता है, कि इस रत्न को जो भी व्यक्ति धारण करता है, उसे लक्ष्मी, लावण्य, वैभव, प्रतिष्ठा और गुरु की प्राप्ति होती है. 

मोती रत्न कौन धारण करें

मोती चन्द्र का रत्न है. और ग्रहों में चन्द्र को मन का स्वामी बनाया गया है. 12 लग्नों के लिये चन्द्र रत्न मोती धारण करना निम्न रुप से शुभ या अशुभ रहता है. मोती हो या कोई अन्य रत्न व्यक्ति को अपने लग्न की जांच कराने के बाद ही कोई रत्न धारण करना सर्वथा अनुकुल रहता है. आईए अलग-अलग लग्नों के लिये मोती को धारण करने के फल जानने का प्रयास करते है.  
  

मेष लग्न--

मेष लग्न के लिये चन्द्र चतुर्थ भाव के स्वामी है. इसके साथ ही ये लग्नेश मंगल के मित्र भी है. इसीलिए मेष लग्न के व्यक्तियों के लिये ये विशेष रुप से शुभ हो जाते है. इस लग्न के व्यक्तियों को मानसिक शान्ति, मातृ्सुख, विधा प्राप्ति के लिये मोती रत्न धारण करना चाहिए. 

वृषभ लग्न--

वृ्षभ लग्न के लिये चन्द्र तीसरे भाव के स्वामी है. इस लग्न के व्यक्तियों को यह रत्न कदापि नहीं पहना चाहिए.   

मिथुन लग्न--

मिथुन लग्न के व्यक्तियों के लिये चन्द्र दुसरे भाव यानि धन भाव के स्वामी है. इस लग्न के व्यक्तियों को यह रत्न केवल चन्द्र महादशा / अन्तर्दशा में ही धारण करना चाहिए. दूसरे भाव को मारकेश भी कहा जाता है. इसलिये जहां तक संभव हो इस लग्न के व्यक्तियों को यह रत्न धारण करने से बचना चाहिए. 

कर्क लग्न--

इस लग्न के लिये चन्द्र लग्नेश होकर सर्वथा शुभ हो जाते है. इस लग्न के व्यक्तियों को मोती धारण करने से स्वास्थय सुख की प्राप्ति होगी. आयु बढेगी. 

सिंह लग्न--

सिंह लग्न में चन्द्र बारहवें भाव के स्वामी है. इसलिये इस लग्न के व्यक्तियों के लिये मोती धारण करना अनुकुल नहीं है. 

कन्या लग्न--

इस लग्न में कर्क राशि एकादश भाव की राशि बनती है. कर्क राशि स्वामी चन्द्र का रत्न मोती कन्या लग्न के व्यक्तियों को केवल चन्द्र महादशा और अन्तर्दशा में ही धारण करना चाहिए. क्योकि चन्द्र और लग्नेश बुध दोनों सम संबन्ध रखते है. 

तुला लग्न--

तुला लग्न के व्यक्तियों को मोती रत्न धारण करने से यश, मान-धर्म, पितृ्सुख और धर्म कार्यो में रुचि देता है. 

वृश्चिक लग्न--

इस लग्न के लिये चन्द्र नवम भाव के स्वामी है. नवम भाव भाग्य भाव है. इसलिये वृ्श्चिक लग्न के लिये मोती सभी रत्नों में सर्वश्रेष्ठ फलकारी रहते है.   

धनु लग्न--

इस लग्न के लिये ये अष्टम भाव के स्वामी है. धनु लग्न के व्यक्ति मोती रत्न कभी भी धारण न करें. 

मकर लग्न--

मकर लग्न के लिये चन्द्र सप्तम भाव है. सप्तम भाव भी मारक भाव है. इस स्थिति में मोती रत्न विशेष परिस्थितियों में ही धारण करना चाहिए. ऎसे में इस रत्न को चन्द्र महादशा में धारण करना चाहिए. जहां तक संभव हो, इस लग्न के लिये नीलम रत्न ही धारण करना चाहिए.  

कुम्भ लग्न--

कुम्भ लग्न के लिये चन्द्र छठे भाव के स्वामी है. कुम्भ लग्न के व्यक्ति मोती रत्न कभी भी धारण न करें.  

मीन लग्न--

मीन लग्न के लिये चन्द्र त्रिकोण भाव के स्वामी है. यह भाव शुभ है. इसलिये इस भाव का रत्न धारण करना शुभ रहेगा. इसे धारण करने से व्यक्ति को संतान, विद्धा, बुद्धि का लाभ देते है. 

मोती रत्न के साथ कौन सा रत्न पहने ?

मोती रत्न धारण करने वाला व्यक्ति इसके साथ में माणिक्य, मूंगा और पुखराज या इन्हीं रत्नों के उपरत्न धारण कर सकता है. 

मोती रत्न के साथ कौन सा रत्न न पहने

मोती रत्न के साथ कभी भी एक ही समय में हीरा, नीलम या पन्ना धारण नहीं करना चाहिए. इसके अतिरिक्त मोती रत्न के साथ इन्ही रत्नों के उपरत्न धारण करना भी शुभ फलकारी नहीं रहता है. 
  
अगर आप अपने लिये शुभ-अशुभ रत्नों के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं ...तो अपने निकट के विद्वान ज्योतिषी जी से संपर्क करें या Astro Adviser पर अपनी जन्म तिथि, जन्म समय, जन्म स्थान तथा अपनी समस्या भेजकर  रत्न रिपोर्ट बनवायें. इसमें आपके कैरियरआर्थिक मामलेपरिवारभाग्यसंतान आदि के लिये शुभ रत्न पहनने कि विधी व अन्य उपाय की भी जानकारी मिल जायेगी..

अतः अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आप AstroAdviser में जाकर कमेंट्स कर पूछ सकते है..


शुभमस्तु !!



26 टिप्‍पणियां:

  1. sir mera janam 16/12/1988 ko dharamjaigarh jila raigarh (c.g.) m 4:26pm ko h kya m moti dharan kr sakti hu ar mera bhaya b ruka h mera Mann shant ni rehta kripya upay bataye

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    1. आप नीलम धारण करें लेकिन उससे पहले अमेथिष्ट रत्न को भी पहन सकती है इससे लाभ होगा और रूकावटे दूर होंगी आपकी जन्मकुंडली अनुसार आप मोती नही पहन सकती हानि होगी

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  2. sir mera janam 16/12/1988 ko dharamjaigarh jila raigarh (c.g.) m 4:26pm ko h kya m moti dharan kr sakti hu ar mera bhaya b ruka h mera Mann shant ni rehta kripya upay bataye

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    1. आप नीलम धारण करें लेकिन उससे पहले अमेथिष्ट रत्न को भी पहन सकती है इससे लाभ होगा और रूकावटे दूर होंगी आपकी जन्मकुंडली अनुसार आप मोती नही पहन सकती हानि होगी

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  3. dhanyavad pundit ji, Magar yah amethisht ratna kya hota h ar isse kitne ratti ka ar kisme (sone ya chandi) bannwana h

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    1. amethisht रत्न अछे ज्वेल्लर्स के पास आपको मिल जाएगा ये आसमानी अर्थात हल्का नीले रंग का होता है ये आप 5 कैरट का चांदी या पंचधातु की अंगूठी में शनिवार सुबह 7 बजे से पूर्व सीधे हाथ की मध्यमा ऊँगली में धारण करें अपने पंडित जी से शनि के मंत्र द्वारा इसकी पूजा करवाए तभी धारण करने से लाभ प्राप्त होगा

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  4. pandit ji ar mujhe kripa karke yeh b bataye ki kis rang ka amethyst dharan karna h ar kis din aur kis ungli main kis mantra ke sath dharan karna kripya yeh sab batane ki kripa hogi

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    1. amethisht रत्न अछे ज्वेल्लर्स के पास आपको मिल जाएगा ये आसमानी अर्थात हल्का नीले रंग का होता है ये आप 5 कैरट का चांदी या पंचधातु की अंगूठी में शनिवार सुबह 7 बजे से पूर्व सीधे हाथ की मध्यमा ऊँगली में धारण करें अपने पंडित जी से शनि के मंत्र द्वारा इसकी पूजा करवाए तभी धारण करने से लाभ प्राप्त होगा

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  5. Namskar, Mera name-mujahid, birth date 20-12-1983,birth time 10:30am,birth place :pune (maharashtra), kya mai diamond Aur panna dharan kar sakta hu?, ya koi Aur combination ratan dharan karna chahiye, please suggest me ratna (gemstone)

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    1. आपका जन्म मकर लग्न में हुआ है अतः आप हीरा पहन कर लाभ उठा सकते है बुध द्वादश भाव में स्थित होने से पन्ना लाभ नही देगा बल्कि बुध का दान करें तो बुध अनुकूल होगा नीलम भी पहन सकते हो

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    2. Namskar gurugi, Heera Kitne cent, Aur Nilam Kitne caret dharan karna chahiye

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    3. हीरा कम से कम 31 सेंट् का होना चाहिए और नीलम 5 कैरट का धारण से ही लाभ मिलेगा

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    4. Danyawad gurugi,, heera Aur. Nilam konse ungli (finger) me dharan karna chahiye

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    5. Gurugi Namskar, muze, heera Aur Nilam, konse ungli me dharan karna chahiye, vidhi Aur time bataye, please

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    6. हीरा अनामिका में शुक्रवार शुक्ल पक्ष में प्रातः तथा नीलम मध्यमा उंगली में शनिवार शुक्ल पक्ष में प्रातः धारण करे

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    7. Namskar gurugi. Mai hamsha bar bar black magic. se pareshan rahata hu, please suggest me gemstone, aur upay

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    8. आप काले हकीक की माला पहने उस से लाभ होगा

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    9. Namskar, Name :mujahid, birth date 20-12-1983,birth time 10:30am,birth place -PUNE, maharashtra, muze bar bar black magic see pareshani ho raha, Koi be elaj kar ne par temporary 2 to 4 days, effect hota hai, fir vahi pareshani, business band ho jata hai, hameSha bimar rahata hu, pet dard aur mental tension rahata hai, sleep nai aati, please suggest me gemstone and upay,

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    10. आप काले हकीक की माला गलें में या एमेथिष्ठ नग चांदी में बनवा कर शनिवार सुबह सबसे बड़ी उंगली में सीधे हाथ में पहने लाभ दिखाई दे जाएगा

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  6. Namskar gurugi, meri patni, name -afrin, birth date 11-04-1987,birth place -solapur (maharashtra,, birth time -08:30am,please suggest ratan (gemstone) combination,

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    1. afrin का जन्म वृष लग्न में हुआ है ये पन्ना या हीरा कोई भी एक रत्न धारण करें तो लाभ होगा एमेथिष्ट(Amethista) 3 कैरट चांदी में ज्यादा लाभ देगा

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    2. Gurugi Namskar, afrin k liye, heera Kitne cent, Aur panna kitne carats,dharan karna chahiye, Aur konse ungli (finger) me

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    3. afrin हीरा कम से कम 31 सेंट का तथा पन्ना सवा पांच रत्ती का धारण करें पन्ना सबसे छोटी ऊँगली बांये हाथ में तथा हीरा अनामिका में बांये हाथ में धारण करें तो लाभ होगा

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