जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 27 अगस्त 2014

राहु-काल का दैनिक उपयोग......


आज के समय प्रत्येक व्यक्ति की यही इच्छा रहती हैं कि उसके कार्य में कहीं कोई भी रूकावट न आये.इस हेतु वह प्रयास भी करता हैं, अपनी आस्था के अनुसार वह उपाय भी करता हैं. समय कि गति बहुत ही बलवान हैं
हम क्या शास्त्र भी कहते हैं कि समय को हमेशा याद करो. समय को केसें याद करें या समय का केसें सदुपयोग करें. आज ज्योतिष के आधार पर यह जानें कि किस समय समय शुभ हैं व किस समय समय की गति अशुभ चल रही हैं.
समय के दो पहलू हैं पहले प्रकार का समय व्यक्ति को ठीक समय पर काम करने के लिए कहता हैं. तो दूसरा समय उस काम को किस समय करना चाहिए इसका ज्ञान कराता हैं. समय हमारा मार्गदर्शक की तरह काम करता हैं..........अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें 




2 टिप्‍पणियां:

  1. Panditji Jai Shree Ram
    mera nam ABHISHEK he
    dob-22 oct 1991
    din-mangalwar
    time-10:25 rat me
    mujhe apni naukri or shadi ke bare me puchna he
    kripya ye or bataye kya meri wife mere parivar walo ka adar karegi
    or meri shadi kesi or kab hogi

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपने अपने जन्म का स्थान नही बताया है

      हटाएं

कृपया अपने प्रश्न / comments नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कर के लिखें

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails

लिखिए अपनी भाषा में