जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 27 अगस्त 2014

वैवाहिक सुख में वास्तु व ज्योतिष की महत्वपूर्ण भूमिका....

वैवाहिक जीवन में परेशानीयां दक्षिण-पूर्व,उत्तर-पूर्व,दक्षिण-पश्चिम, दिशा में दोष होने के कारण आती हें. लेकिन थोडा-बहुत वास्तु के उपाय कर के हम अपना जीवन सुधार सकते हें.वैवाहिक जीवन में दक्षिण-पूर्व कोण सबसे ज्यादा असर दिखाता हें, यह कोण गर्म स्वभाव का होता हें तथा शुक्र ग्रह इस कोण पर अधिकार रखता हें फिर शुक्र ग्रह के शादी के कारक ग्रह होने से इस कोण का महत्त्व और भी बढ़ जाता हें...अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें....

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