जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

बुधवार, 30 दिसंबर 2015

यदि आपकी जन्मकुंडली नहीं है-कैसे भाग्य वृद्धि करें ? सूर्य.....



जन्म कुंडली से भविष्य ज्ञात करने के लिए जन्म तारीख व जन्मस्थान और विशेष रूप से जन्म समय बिलकुल सही होना अत्यंत आवश्यक होता है यदि जन्म समय में थोड़ा भी अंतर आ जाए तो जीवन का फल अनुकूल या प्रतिकूल हो जाता है कई बार फल ही पूर्णतया बदल जाता है. अतः जन्म समय का बहुत महत्व है जब किसी का फलादेश करते है..

इससे भी ज्यादा विशेष बात उपायों की होती है जो कि सही जन्म समय के अनुसार निश्चित होती है. गलत उपाय से कई बार बहुत हानि होते हुए भी देखा गया है. भाग्य रत्न भी बदल जाने से जिस फल की हम आशा करते है वो एकदम बदल जाते है तथा उससे विपरीत फल मिलने से जीवन में परेशानी के साथ ज्योतिष विद्या से भी विश्वास हटने लगता है. इन्ही कारणों को देखते हुए कभी भी अनुमान से बनी जन्म कुंडली का अध्ययन या उससे प्राप्त उपाय ना करें.

इसी विषय को ध्यान रखते हुए आज एक नई श्रंखला आरम्भ करने जा रहा हूँ जो कि शास्त्रों अनुसार जो लक्षण  मनुष्य के जीवन में घटित हो रहे है उन्हीं लक्षणों पर आधारित ग्रहों को पहचान कर उनका उपाय करने से आप अपने जीवन की सभी समस्याओं का हल निकाल कर सुखी जीवन व्यतीत कर सकते है.

Anil Sharma
सूर्यादि नवग्रहों के मनुष्य जीवन में जो लक्षण मिलते है वो निम्न प्रकार से होते है एक एक ग्रह के लक्षण का विवरण और उसका उपाय लिख रहा हूँ. इसे अपना कर आप अपने जीवन में भाग्य वृद्धि कर लाभ उठा सकते है...
सूर्य देव:-

यदि आपके परिवार  और नगर में सामाजिक रूप से यश मान की वृद्धि हो रही है,
यदि आपका सरकार या राजनेताओं से जो सत्ता पक्ष के है उनसे अधिक संपर्क बन रहे है, या उनके द्वारा लाभ हो रहा हों,
यदि आपका प्रतिदिन सरकारी कार्यालय से कोई ना कोई अधिकारी से माधुर्य मिलन हो रहा होऔर आपका आना जाना  बिना वजह बढ़ गया हो,
यदि आपका आत्मविश्वास पिछले दिनों की अपेक्षा बढ़ गया हो मन में उत्साह की वृद्धि हो गयी हो,
यदि आपके पिता कुछ ज्यादा ही स्नेह दिखा रहे हो या पिता का स्वास्थ्य खराब हो रहा हो या पिता से सम्बन्ध खराब हो रहे हो या पिता के प्रति आप एनी कारणों से चिंतित हो,
यदि आपको ज्वर (बुखार),  खून, उच्च रक्तचाप, हृदय, नेत्र,पेट, मस्तिष्क सम्बन्धी रोग इत्यादि रोगों से परेशानी हो रही है,
तो समझ लो की आप सूर्य दशा के प्रभाव में है इस दशा में सूर्य का शुभ और अशुभ फल दोनों प्रकार से मिल रहा है अर्थात उपरोक्त विषयों में यदि लाभ हो रहा है तो शुभ है यदि हानि हो रही हो तो अशुभ फल सूर्य दे रहें है. इसका निम्न उपाय कर आप लाभ उठा सकते है निम्न में से कोई भी उपाय जो आपको सुलभ हो उसे अवश्य करने से लाभ होगा.
1:- सूर्योदय के समय भगवान सूर्य देव को लाल चन्दन का छींटा लगा कर सफेद फूल के साथ जल का अर्घ्य दें.
2:- ताम्बे का बर्तन और गेंहू श्रद्धा अनुसार ब्राह्मण को दान दें.
3:- आदित्यह्रदय स्तोत्र का नित्य पाठ .
4:- अपनी जेब में हमेशा ताम्बे का सिक्का रखें.
5:- गाय को रोज़ गुड़ खिलाएं.
6:- काम पर जाने से पहले एक डाली गुड़ खा कर और पानी पी कर ही प्रस्थान करें.
7:- भगवान सूर्य देव को नित्य प्रणाम करें.
इनके करने से भगवान सूर्य देव प्रसन्न होकर यश मान प्रतिष्ठा धन आदि का लाभ प्रदान करते है और भाग्य उअदय होने का मार्ग प्रशस्त करते है.
ॐ सूर्याय नमः इस मंत्र का जाप भी अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होता है.

शुभमस्तु !!


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