जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 12 अप्रैल 2016

वशीकरण सँवारे सारे काम..

जैसा की मेने अपने आरम्भिक लेख में बताया था कि वशीकरण छः क्रियाओं में से एक महत्वपूर्ण क्रिया है वशीकरण द्वारा हम अपने बिद्गे सभी कार्य अनुकूल कर सकते है, आज के युग में समाज में बहुत ही विपरीत परिवर्तन देखने में आ रहा है कोई भी किसी का सम्मान या उसका आदर नही कर रहा है, .......चाहे कोई भी सम्बन्ध हो जैसे पति- पत्नी दोनों में ही अंहकार की युति भर गयी है, ना तो पति अपनी हार मानता है  और ना ही पत्नी, कभी कभी तो  रिश्तों में बिखराव आने लगता है. या कई बार पति के किसी स्त्री से अवैध सम्बन्ध बन जाए या पत्नी के किसी पर पुरुष के साथ अवैध रिश्ता हो जाए,
Vashikaran


इस वातावरण को सही करने का ईलाज बहुत कम ही है, दोनों परिवारों में शत्रु का भाव हो जाता है  समाज के प्रतिष्ठित लोग भी समझाने का असफल प्रयास करते है, लेकिन कोई लाभ नही होता है.

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