जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016

वशीकरण का विज्ञान

वशीकरण..एक ऐसा शब्द जिसमें बहुत अधिक रहस्य भरा हुआ है, वशीकरण क्या  है?
तथा इसका मानव जीवन पर कितना प्रभाव पड़ता है क्या इस शब्द के पीछे कोई अज्ञात रहस्य है ? 
क्या वशीकरण क्रिया के द्वारा कोई व्यक्ति किसी को अपने वश कर सकता है ?
यदि हाँ! तो कैसे ? इसका भी कोई विज्ञान है आज यही जानने का प्रयास करते है. वशीकरण क्रिया का ये रहस्यग समझने के लिए सबसे पहले उस शारीरिक रहस्य को समझना पड़ेगा जिसके द्वारा हम सोचने की शक्ति रखते है, हम कल्पना करने की क्षमता रखते है, अपने मन में शुभ या अशुभ विचार लाते है,..तो ऐसी कौन सी शक्ति या क्रिया है जिसके द्वारा ऐसा करने की हम लोगों के पास क्षमता है.ये सभी कर्म या क्रियाएं सनातन विज्ञान के अंतर्गत आता है जिसे सनातन धर्म भी कहते है इसी सनातन पद्धति को बिना समझे हम वशीकरण की क्रिया को ना समझ सकते है, ना ही क्रिया को सफल बना सकते है. 


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