जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

मंगलवार, 3 मई 2016

फूलों द्वारा वशीकरण......भाग 4

प्रत्येक फूल का अपना एक अलग वार होता है तथा उसके गुण किसी दुसरे फूल में मिलान नही करते है, उदाहरण के लिए गुलाब का फूल को लेते है लाल गुलाब मंगलवार तथा रविवार में अधिक शक्ति या ऊर्जा देता है, गुलाबी पिंक गुलाब शुक्रवार, सफेद गुलाब सोमवार तथा काला गुलाब बुधवार तथा शनिवार को अधिक प्रभावी रहता है अतः फूल के रंगों द्वारा उसके वार को ज्ञात कर सकते है क्योंकि  जो वार होगा उस वार के रंग की किरणें उस दिन सर्वाधिक रहती है ये सूत्र हमेशा याद रखें.

आज इन फूलों की शक्तियों से अपने शत्रुओं चाहे वो किसी भी प्रकार के हो व्यापार के क्षेत्र में, परिवार में मनमुटाव के कारण से शत्रु बने हो, या सामाजिक रूप से शत्रु बन कर आपको मानसिक या आर्थिक हानि पहुंचा रहे हो उन सबको शांत करने के लिए तथा उनके द्वारा आपको हानि ना पहुंचे वह सब क्रिया आप सबके सामने रख रहा हूँ, कुछ समस्याएं मनुष्य के जीवन को आज के युग में परेशान करती है जो की लगभग सभी मनुष्यों में एक समान है वो है शत्रुओं की समस्या  मनुष्य को बहुत परेशान कर देती है, शत्रुओं की शत्रुता खत्म करने के लिए जो फूल ऋषि मुनियों ने बताया है वो है.."गुड़हल" का फूल, इस गुड़हल  के फूल में माँ भद्रकाली देवी का वास है, अतः हम गुड़हल के फूल द्वारा शत्रुओं की समस्या मुक्ति पा सकते है,

कैसे ????

शुक्रवार को उस गुड़हल के पेड़  के पास दोपहर के समय जाएँ और अपनी कामना लेकर हाथ जोड़कर नमस्कार करें और अपनी कामना की प्रार्थना करें कि कल शनिवार प्रातः आप का फूल  मेरी शत्रुओं को नियंत्रित के कार्य को सिद्ध करें इसीलिए कल मैं आपके 9 फूल को लेने आउंगा या आउंगी अतः आप मेरा सहयोग करें,  READ -MORE...

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